ईरान ने चंदा जुटाकर खरीदीं 40 टन दवाएं, भारत में अटकीं,अमेरिका ने विमान ही उड़ा दिया

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारत में जुटाए गए चंदे से खरीदी गई करीब 40 टन दवाएं फिलहाल नई दिल्ली में फंसी हुई हैं। ये दवाएं ईरान भेजी जानी थीं, लेकिन हालिया सैन्य तनाव के कारण इनके परिवहन में बाधा आ गई है।

क्या है पूरा मामला?

सूत्रों के अनुसार, इन दवाओं को ले जाने के लिए महान एयर का एक कार्गो विमान भारत आने वाला था। लेकिन पिछले सप्ताह मशहद एयरपोर्ट पर हुए एक हमले में यह विमान क्षतिग्रस्त हो गया। इस हमले के बाद दवाओं की सप्लाई रुक गई है और खेप अब भी नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के पास रखी हुई है।

वैकल्पिक रास्तों की तलाश

अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा हालात में दवाओं को ईरान भेजना आसान नहीं है। हालांकि, पहले छोटी खेपों को वैकल्पिक मार्गों के जरिए तेहरान भेजा जा चुका है, लेकिन 40 टन की यह खेप अब तक की सबसे बड़ी शिपमेंट है, जिसे भेजना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

ईरान में दवाओं की कमी

युद्ध जैसी स्थिति के बीच ईरान में दवाओं की भारी कमी की आशंका जताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई फार्मास्युटिकल सुविधाओं को निशाना बनाए जाने से हालात और गंभीर हो गए हैं।

ईरान का आरोप: ‘युद्ध अपराध’

30 मार्च को ईरानी दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा कि दवाओं और मेडिकल उपकरणों को ले जाने वाले विमान पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और इसे “युद्ध अपराध” माना जाना चाहिए।

चंदा और नियमों का पालन

दवाओं की खरीद के लिए भारत में चंदा जुटाया गया था, जिसे लेकर नियमों का भी पालन किया गया। State Bank of India में इस उद्देश्य के लिए एक अलग खाता खोला गया, क्योंकि दूतावास अपने मुख्य खाते का उपयोग सीधे दान लेने के लिए नहीं कर सकता।

भारत की मानवीय पहल

इस बीच, भारत सरकार ने मानवीय आधार पर ईरान को दवाओं की एक खेप भेजी है, जिससे वहां की स्थिति को कुछ हद तक संभालने में मदद मिल सके।

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