न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित सर क्रीक क्षेत्र में पाकिस्तान द्वारा सैन्य ढांचे के विस्तार को लेकर भारत ने सख्त रुख अपनाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दशहरे के मौके पर सैनिकों को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी दी कि कोई भी दुस्साहस महंगा पड़ेगा।
उन्होंने कहा,”अगर पाकिस्तान कोई गलत हरकत करता है, तो हम उसे एक मजबूत और निर्णायक जवाब देंगे। पाकिस्तान को याद रखना चाहिए कि कराची का रास्ता सर क्रीक से होकर जाता है।“
पाकिस्तान की बढ़ती सैन्य गतिविधियां
रक्षा मंत्री ने खुलासा किया कि पाकिस्तान सर क्रीक क्षेत्र में नई सैन्य संरचनाओं का निर्माण कर रहा है, जो चिंता का विषय है। भुज स्थित एक सैन्य अड्डे पर ‘शस्त्र पूजा’ से पहले दिए गए इस बयान ने भारत की सुरक्षा प्रतिबद्धता को दोहराया।
सर क्रीक क्या है? क्यों है यह विवादित क्षेत्र?
सर क्रीक, भारत के गुजरात (कच्छ) और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच स्थित 96 किमी लंबी दलदली खाड़ी है जो अरब सागर में गिरती है। यह क्षेत्र समुद्री सीमा निर्धारण, नौसैनिक निगरानी, और प्राकृतिक संसाधनों जैसे मछली, गैस और तेल के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद अहम है।भारत का मानना है कि सीमा खाड़ी के बीचों-बीच से गुजरनी चाहिए, जबकि पाकिस्तान इसे भारत की ओर शिफ्ट करना चाहता है। यह विवाद 1965 से चला आ रहा है।
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भारत इस मुद्दे को शांति से हल करने की कोशिश करता रहा है, लेकिन पाकिस्तान की ओर से बार-बार उकसावे की कार्यवाहियों को अंजाम दिया गया है।
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर रक्षा मंत्री का बयान
राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना द्वारा हाल ही में किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर भी गर्व जताया। उन्होंने कहा:”मुझे गर्व है कि भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के सभी सैन्य लक्ष्यों को हासिल किया। हालांकि, आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।”
उन्होंने यह भी बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान ने लेह से लेकर सर क्रीक तक भारत की रक्षा प्रणाली को भेदने की कोशिश की, लेकिन उसे करारा जवाब मिला। भारतीय सेना ने पाकिस्तानी वायु रक्षा प्रणाली को बेनकाब कर दिया।



