Saturday, March 7, 2026

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रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका को भारत का करारा जवाब, कहा– किसी की इजाजत की जरूरत नहीं

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- रूस से तेल आयात को लेकर अमेरिका के दावे पर India ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। भारत सरकार ने स्पष्ट कहा है कि उसे Russia से तेल खरीदने के लिए किसी भी देश की अनुमति की आवश्यकता नहीं है और यह आयात आगे भी जारी रहेगा।

दरअसल, हाल ही में United States की ओर से दावा किया गया था कि भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दी गई है। इस पर भारत ने साफ कहा कि वह ऐसी किसी शॉर्ट-टर्म छूट पर निर्भर नहीं है।

रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता

भारत सरकार के Press Information Bureau (PIB) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भारत कभी भी रूसी तेल खरीदने के लिए किसी देश की मंजूरी पर निर्भर नहीं रहा है।
बयान के मुताबिक फरवरी 2026 में भी रूस भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति कर रहा है और वह अभी भी भारत का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल सप्लायर बना हुआ है।

वैश्विक तनाव से तेल बाजार में उथल-पुथल

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है। Iran के खिलाफ अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
ईरान द्वारा Strait of Hormuz से जहाजों को गुजरने से रोकने की धमकी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है।

भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार

सरकार के मुताबिक भारत के पास किसी भी अल्पकालिक संकट से निपटने के लिए 250 मिलियन बैरल से अधिक कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है।

हालांकि, घरेलू स्तर पर सरकार ने शनिवार को एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़ाए गए हैं।

क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल

वैश्विक बाजार में शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में करीब 8.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं इस सप्ताह कुल मिलाकर कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत तक उछाल आया है।

यह भी पढ़े:- नीतीश कुमार को पीएम बनाना चाहती थी सपा, अब राज्यसभा भेजा जा रहा: अखिलेश यादव का तंज

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष तभी खत्म होगा जब ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण करेगा।

रूस ने भी आंकड़े साझा करने से किया इनकार

रूस की ओर से भी बयान आया है कि वह भारत को भेजे जाने वाले कच्चे तेल की मात्रा सार्वजनिक नहीं करेगा।
रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता Dmitry Peskov ने कहा कि कई ऐसे लोग हैं जो रूस के खिलाफ हैं, इसलिए तेल निर्यात के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे।

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