होर्मुज संकट के बीच भारत को राहत: ईरान ने भारतीय जहाजों को लेकर दिया बड़ा संकेत
न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत में ईरान के राजदूत Mohammad Fattahi ने संकेत दिया है कि भारतीय जहाजों को इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति दी जा सकती है।
🇮🇳 भारत के लिए क्यों अहम है यह खबर?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भारत के ऊर्जा आयात के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
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भारत का करीब 40% कच्चा तेल इसी रास्ते से आता है
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हालिया तनाव के चलते इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या कम हो गई थी
ऐसे में ईरान का यह रुख भारत के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
ईरानी राजदूत ने क्या कहा?
ईरानी राजदूत ने कहा कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय कानून और “फ्रीडम ऑफ नेविगेशन” के सिद्धांतों का सम्मान करता है। उन्होंने संकेत दिया कि परिस्थितियों के अनुसार जहाजों के आवागमन को लेकर सकारात्मक फैसला लिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि अमेरिका उनकी शर्तों को मानता है, तो ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन जरूरत पड़ने पर वह युद्ध के लिए भी तैयार है।
क्यों बढ़ा तनाव?
अमेरिका और ईरान के बीच हालिया शांति वार्ता विफल हो गई, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए।
US Central Command ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी का ऐलान कर दिया, जिससे तेल आपूर्ति और वैश्विक बाजारों पर असर की आशंका बढ़ गई है।
ईरान की चेतावनी
ईरान ने साफ कहा है कि फारस की खाड़ी और ओमान सागर में सुरक्षा “सबके लिए या किसी के लिए नहीं” होगी।
ईरानी सेना ने संकेत दिया कि यदि तनाव बढ़ा, तो क्षेत्र के बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेंगे।
🇺🇸 अमेरिका का रुख
Donald Trump प्रशासन ने घोषणा की है कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी सभी देशों के जहाजों पर लागू होगी। हालांकि, गैर-ईरानी बंदरगाहों के बीच यात्रा करने वाले जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी जा सकती है।
ट्रंप बनाम पोप
इस बीच ट्रंप ने Pope Leo XIV की आलोचना भी की। उन्होंने पोप को “अत्यधिक उदारवादी” बताते हुए कहा कि उन्हें वामपंथी विचारों को बढ़ावा देना बंद करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब पोप ने युद्ध को लेकर चिंता जताई थी।