लखनऊ/सर्वोदय:- अगर सोने की बढ़ती कीमतों के कारण आप अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने से हिचकिचा रहे हैं, तो चांदी एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। इस साल सोना रिकॉर्ड तेजी से बढ़ा है और अप्रैल में एक लाख रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर चुका है। ऐसे में निवेशकों के लिए चांदी एक अधिक आकर्षक अवसर बनती जा रही है।
सोने की तुलना में चांदी क्यों बेहतर विकल्प?
विशेषज्ञों का कहना है कि इस अवधि में सोने की तुलना में चांदी की कीमतों में अपेक्षित तेजी नहीं देखी गई है। लेकिन चांदी का औद्योगिक उपयोग इसे और मूल्यवान बना सकता है। जैसे-जैसे वैश्विक व्यापार स्थिर होता है, चांदी की मांग बढ़ने की संभावना है।
गोल्ड-सिल्वर रेशियो क्या कहता है?
कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, सोने-चांदी के अनुपात (गोल्ड-सिल्वर रेशियो) ने हाल ही में 126 का स्तर छू लिया है, जो दर्शाता है कि चांदी की कीमत सोने की तुलना में काफी कम है। पिछले 25 वर्षों में यह औसत 68 के आसपास रहा है, जबकि मौजूदा स्तर ऐतिहासिक रूप से बहुत अधिक है।
चांदी में निवेश से हो सकता है अच्छा मुनाफा
जानकारों का मानना है कि निकट भविष्य में चांदी की कीमतों में उछाल आ सकता है। सोने की तुलना में चांदी काफी सस्ती है और निवेशकों को बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखती है।
क्या कहते हैं बाजार विशेषज्ञ?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के विशेषज्ञ अनुज गुप्ता के अनुसार, सोने की ऊंची कीमतों ने इसे कम आकर्षक बना दिया है, जबकि चांदी में अब भी बढ़त की संभावना है। निकट से मध्यम अवधि में चांदी का प्रदर्शन सोने की तुलना में अधिक लाभकारी हो सकता है।



