Wednesday, March 25, 2026

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पति ने पत्नी की प्रेमी से कराई शादी, बच्चों को खुद पालने का लिया फैसला

सर्वोदय(संतकबीरनगर):- उत्तर प्रदेश के संत कबीरनगर से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने पति और दो बच्चों को छोड़कर अपने प्रेमी के साथ शादी कर ली। हैरान करने वाली बात यह है कि यह शादी खुद उसके पति ने कराई और अपनी पत्नी को उसके प्रेमी के हवाले कर दिया।

मंदिर में कराई पत्नी की शादी

यह मामला धनघटा थाना क्षेत्र के एक गांव का है, जहां पति ने पहले अपनी पत्नी के साथ कोर्ट से नोटरी बनवाई और फिर मंदिर में उसकी शादी उसके प्रेमी के साथ कर दी। यह खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई और लोग इस अनोखी घटना की चर्चा करने लगे।

नौ साल की शादी तोड़ी, दो बच्चों को छोड़ा

जानकारी के अनुसार, महिला की शादी 2017 में हुई थी और उसके दो बच्चे भी थे। इसी बीच, महिला का गांव के ही एक युवक से प्रेम संबंध हो गया। जब यह बात उसके पति को पता चली, तो उसने पत्नी को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही। इस पर पति ने गांव वालों के सामने फैसला रखा कि उसकी पत्नी खुद तय करेगी कि वह किसके साथ रहना चाहती है। महिला ने प्रेमी को चुना, जिससे पूरा समाज चौंक गया।

पति ने बच्चों की जिम्मेदारी खुद उठाई

महिला के फैसले के बाद पति ने उसकी शादी उसके प्रेमी से करा दी और खुद बच्चों की जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया। इस दौरान गांव वालों ने महिला और उसके प्रेमी का जयमाल कराया और पति भी इसका साक्षी बना।

पति ने दिखाया बड़ा दिल, बच्चों के साथ नए सफर पर निकला

बबलू नाम के इस व्यक्ति की शादी 2017 में गोरखपुर जिले के भूलनचक गांव की राधिका से हुई थी। दोनों का वैवाहिक जीवन ठीक चल रहा था और उनके दो बच्चे हुए—7 साल का आर्यन और 2 साल की शिवानी। बबलू काम के सिलसिले में अक्सर घर से बाहर रहता था, इसी दौरान राधिका का गांव के ही एक युवक से प्रेम संबंध हो गया। जब यह बात परिवार तक पहुंची, तो बबलू ने किसी भी तरह के झगड़े या विवाद के बजाय शांति से अपनी पत्नी को उसके प्रेमी के साथ भेजने का फैसला किया।

आमतौर पर ऐसे मामलों में विवाद, झगड़े और कभी-कभी हिंसा तक हो जाती है, वहीं बबलू ने संयम और समझदारी का परिचय देते हुए अपनी पत्नी की खुशी को प्राथमिकता दी। हालांकि, यह सवाल भी उठता है कि दो मासूम बच्चों का क्या कसूर था, जो मां के बिना बड़े होंगे। यह घटना समाज के लिए एक संदेश है कि रिश्तों में जबरदस्ती की जगह नहीं होनी चाहिए, लेकिन किसी भी फैसले का असर बच्चों की जिंदगी पर जरूर पड़ता है।

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