न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले Himanta Biswa Sarma के गोमांस को लेकर दिए गए बयान ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। उनके बयान के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि गोमांस खाने पर पूरी तरह रोक नहीं है, लेकिन इसे निजी स्थानों तक सीमित रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जगहों या मंदिरों के 5 किलोमीटर के दायरे में इसका सेवन नहीं होना चाहिए।
बयान से बढ़ा सियासी विवाद
सरमा के इस बयान के बाद विपक्ष ने भाजपा पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए नारा दिया—“भाजपा हटाओ, गौमाता बचाओ” और भाजपा को निशाने पर लिया।
पुराने बयान से उलट रुख
गौरतलब है कि इससे पहले सरमा ने एक चुनावी रैली में गोमांस खाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि सार्वजनिक रूप से गोमांस खाने पर तीन साल तक की सजा हो सकती है और ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
विपक्ष का हमला
Aam Aadmi Party ने भी भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘गाय माता’ का मुद्दा सिर्फ चुनावी फायदे के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पार्टी ने आरोप लगाया कि अलग-अलग राज्यों में भाजपा नेताओं के बयान एक-दूसरे से विरोधाभासी हैं।
क्या कहता है कानून
असम में लागू पशु संरक्षण कानून के तहत गोमांस पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं है, लेकिन सार्वजनिक स्थानों, होटलों और सामुदायिक आयोजनों में इसके सेवन पर रोक है। निजी स्थानों पर गोमांस खाने की अनुमति दी गई है।
हाल ही में राज्य सरकार ने सार्वजनिक जगहों पर इस नियम को और सख्ती से लागू करने का फैसला भी लिया है।



