सर्वोदय/ धर्म आस्थ:- हनुमान को शक्ति, भक्ति और सेवा का प्रतीक माना जाता है| हिंदू धर्म में हनुमान जयंती का विशेष महत्व है। यह पर्व भगवान हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। श्रद्धा और भक्ति से परिपूर्ण यह दिन देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन व्रत रखता है और हनुमान जी की पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उसे संकटों से मुक्ति मिलती है.इस वर्ष 2025 में हनुमान जयंती 15 अप्रैल को मनाई जाएगी।
हनुमान जयंती 2025 की तिथि व शुभ मुहूर्त
तिथि: मंगलवार, 15 अप्रैल 2025
पर्व मनाने की तिथि:चैत्र शुक्ल पूर्णिमा
पूजन का श्रेष्ठ समय: सुबह 6:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक (स्थानीय पंचांग अनुसार बदल सकता है)
हनुमान जयंती का धार्मिक महत्व
हनुमान जयंती पर भगवान बजरंगबली की पूजा, आरती, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया जाता है। यह दिन श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, शक्ति और सेवा का प्रतीक होता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार बजरंगबली जी ऐसे देवता हैं जो आज भी इस धरती पर विद्यमान हैं. इसलिए हनुमान जयंती के अवसर पर बजरंगबली की पूजा करने से व्यक्ति को शक्ति और बुद्धि की प्राप्ति होती है और सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं.
हनुमान जयंती पर कैसे करें हनुमान जी की पूजा
हनुमान जयंती के अवसर पर हनुमान की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है. हनुमान जयंती पर व्रत रखने वाले लोगों को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. इस दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में भगवान श्री राम, माता सीता और हनुमान जी का स्मरण करें. इसके बाद स्नान कर बजरंगबली जी की मूर्ति स्थापित करें और विधिपूर्वक पूजा करें. हनुमान जी को शुद्ध जल से स्नान करवाएं. फिर सिंदूर चढ़ाएं. इसके बाद हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें| अंत में हनुमान जी को भोग लगाकर आरती करें और प्रसाद बांट दें |



