Wednesday, February 11, 2026

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बजट से पहले टैक्सपेयर्स को मिल सकता है बड़ा तोहफा, आर्थिक सर्वे में मिले अहम संकेत

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले मोदी सरकार ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश कर दिया। इस सर्वे में टैक्सपेयर्स के लिए कई सकारात्मक संकेत मिले हैं। सर्वे से साफ होता है कि सरकार देश के टैक्स सिस्टम को धीरे-धीरे सरल, पारदर्शी और भरोसे पर आधारित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मिडिल क्लास को इनकम टैक्स में राहत से लेकर GST सिस्टम में बड़े बदलाव तक, आने वाले समय में टैक्स देना न सिर्फ आसान होगा बल्कि आम लोगों पर आर्थिक बोझ भी कम हो सकता है।

इनकम टैक्स में बड़ी राहत के संकेत

आर्थिक सर्वे के अनुसार, डायरेक्ट टैक्स के मोर्चे पर सबसे बड़ा बदलाव ₹12 लाख तक की सालाना आय को टैक्स फ्री करने का है। यानी जिन लोगों की वार्षिक आय ₹12 लाख तक है, उन्हें इनकम टैक्स नहीं देना होगा। इसके अलावा नौकरीपेशा लोगों को ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी मिलेगा, जिससे टैक्स-फ्री इनकम की सीमा बढ़कर ₹12.75 लाख तक पहुंच जाती है।

सर्वे में कहा गया है कि इन बदलावों से मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिली है और लोगों के पास खर्च करने के लिए अधिक डिस्पोजेबल इनकम बच रही है। साथ ही नया इनकम टैक्स कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा, जिससे टैक्स नियम और प्रक्रियाएं और अधिक सरल व समझने योग्य होंगी।

टैक्स देने वालों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

आर्थिक सर्वे में यह भी सामने आया है कि देश में टैक्सपेयर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या FY22 में 6.9 करोड़ थी, जो FY25 में बढ़कर 9.2 करोड़ हो गई है। सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी सख्ती के कारण नहीं, बल्कि डिजिटल सिस्टम के विस्तार और अर्थव्यवस्था के औपचारिक होने की वजह से हुई है।

खास बात यह है कि टैक्स विभाग अब ‘नज मॉडल’ अपना रहा है, जिसके तहत टैक्सपेयर्स को डराने के बजाय डेटा के माध्यम से गलतियां सुधारने का मौका दिया जाता है। इस मॉडल के जरिए ₹29,000 करोड़ से अधिक की विदेशी संपत्तियों का खुलासा हुआ है।

GST सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी

इनडायरेक्ट टैक्स यानी GST को लेकर भी आर्थिक सर्वे में अहम संकेत दिए गए हैं। सरकार GST 2.0 के तहत दो स्लैब सिस्टम—5% और 18%—की ओर बढ़ रही है। रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं जैसे साबुन, शैंपू और साइकिल पर GST घटाकर 5% करने का सुझाव दिया गया है, जबकि दूध, ब्रेड और पनीर जैसी आवश्यक वस्तुओं को टैक्स से बाहर रखा गया है।

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सबसे बड़ी राहत लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी पर GST खत्म करने के संकेत हैं, जिससे बीमा पॉलिसियां सस्ती हो सकती हैं और आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

क्या कहता है आर्थिक सर्वे

कुल मिलाकर, आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 यह दर्शाता है कि सरकार टैक्स सिस्टम को सख्त बनाने के बजाय सरल, तकनीक-आधारित और भरोसेमंद बनाने पर जोर दे रही है। अगर इन संकेतों पर बजट में मुहर लगती है, तो आने वाला वित्त वर्ष टैक्सपेयर्स, खासकर मिडिल क्लास के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है।

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