न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सहयोगी देशों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो देश युद्ध में शामिल नहीं हुए, वे अब खुद होर्मुज जलडमरूमध्य जाकर अपना तेल लाएं—अमेरिका अब उनकी मदद नहीं करेगा।
क्या है पूरा मामला?
ईरान के साथ जारी संघर्ष को एक महीने से ज्यादा हो चुका है, लेकिन हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं। इस बीच तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने से कई देशों में ईंधन संकट पैदा हो गया है।
ट्रंप क्यों हुए नाराज?
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने बयान में उन देशों पर नाराजगी जताई, जिन्होंने इस संघर्ष में अमेरिका का साथ नहीं दिया। उनका कहना था कि:
- अमेरिका ने पहले ही ईरान को कमजोर कर दिया है
- सहयोगी देश युद्ध में शामिल नहीं हुए
- अब वे खुद अपनी ऊर्जा जरूरतों का इंतजाम करें
किन देशों पर साधा निशाना?
हालांकि ट्रंप ने सीधे सभी देशों के नाम नहीं लिए, लेकिन उन्होंने खास तौर पर ब्रिटेन जैसे सहयोगी देशों का जिक्र किया, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में जेट फ्यूल सप्लाई बाधित होने से प्रभावित हो रहे हैं।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। यहां से गुजरने वाली आपूर्ति बाधित होने पर:
- वैश्विक तेल कीमतें बढ़ जाती हैं
- कई देशों में ईंधन संकट गहरा जाता है
- एयरलाइंस और उद्योगों पर असर पड़ता है
अंतरराष्ट्रीय समर्थन की कमी से नाराजगी
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका अब उन देशों की मदद नहीं करेगा, जो खुद उसके साथ नहीं खड़े हुए। उन्होंने साफ संदेश दिया कि सहयोगी देशों को अब “खुद के लिए लड़ना” सीखना होगा।



