न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दिल्ली में हुए कार धमाके को तीन दिन बीत चुके हैं। जांच एजेंसियों ने अब तक साफ कर दिया है कि विस्फोटक से भरी कार डॉक्टर उमर अहमद चला रहा था, और शव की पहचान उसकी मां के डीएनए सैंपल से हो चुकी है।
लेकिन धमाके के बाद अब कई नई गुत्थियां सामने आ रही हैं — जिनमें सबसे बड़ा सवाल है कि कितनी कारें और कितने आतंकी इस साजिश में शामिल थे?
धमाके में अब तक पांच कारों के लिंक
जांच में अब तक पांच कारों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है। एजेंसियों का मानना है कि उमर, मुजम्मिल और शाहीन की तिकड़ी ने पूरी साजिश को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया था।
- पहली कार: सफेद हुंडई i20, जिसे उमर अहमद चला रहा था — इसी कार से धमाका हुआ।
- दूसरी कार: लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट, जो फरीदाबाद में लावारिस हालत में मिली। बताया जा रहा है कि इसका इस्तेमाल विस्फोटक लाने-ले जाने में हुआ।
- तीसरी कार: लाल स्विफ्ट डिजायर, जो डॉ. शाहीन की थी और उसने इसे मुजम्मिल को दी थी। इसी से असॉल्ट राइफल बरामद हुई थी।
- चौथी कार: सफेद ऑल्टो, जिसे लखनऊ से बरामद किया गया। यह शाहीन के भाई परवेज अंसारी के नाम पर है।
- पांचवीं कार: सिल्वर मारुति ब्रेजा, जो डॉ. शाहीन की है। माना जा रहा है कि इसका इस्तेमाल भागने या दूसरे धमाके के लिए किया जा सकता था।
उमर की साजिश का खुलासा करने वाले आठ वीडियो
अब तक जांच एजेंसियों को आठ CCTV फुटेज मिले हैं, जिन्होंने डॉ. उमर की हर मूवमेंट को ट्रेस कर लिया है।
- पहला वीडियो 10 नवंबर सुबह 8:13 बजे का है, जिसमें उमर फरीदाबाद के बदरपुर टोल से दिल्ली में एंट्री करता दिखा।
- दूसरा वीडियो कनॉट प्लेस आउटर सर्किल का है — दोपहर 2:05 बजे, संसद भवन से सिर्फ 3 किमी दूर।
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- तीसरा वीडियो सुनहरी मस्जिद पार्किंग का है — शाम 3:19 बजे।
- चौथा वीडियो 6:48 बजे पार्किंग से निकलने का है।
- और 6:52 बजे का वीडियो ब्लास्ट साइट के पास का, जब धमाका हुआ।
इन्हीं वीडियो में उमर पहली बार बिना मास्क के कैमरे में कैद हुआ है।
जम्मू-कश्मीर में ताबड़तोड़ कार्रवाई
दिल्ली धमाके के बाद जम्मू-कश्मीर में 250 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है। जांच एजेंसियों ने 12 लोगों को हिरासत में लिया है — जिनमें कुछ डॉक्टर, कुछ सरकारी कर्मचारी और कुछ उमर-मुजम्मिल के करीबी शामिल हैं। एजेंसियों का मानना है कि आतंकी नेटवर्क का एक बड़ा हिस्सा कश्मीर से ऑपरेट हो रहा था।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर शिकंजा
धमाके से जुड़े तीनों डॉक्टर — उमर, मुजम्मिल और शाहीन — फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े थे। अब यूनिवर्सिटी पर ईडी और गृह मंत्रालय ने शिकंजा कस दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी की फंडिंग और ट्रस्ट नेटवर्क की जांच अब ईडी समेत अन्य आर्थिक जांच एजेंसियां करेंगी।



