लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गठबंधन की अंदरूनी दरारें सतह पर आ गई हैं। अपना दल (एस) के वरिष्ठ नेता और योगी सरकार में मंत्री आशीष पटेल ने यूपी सरकार और सूचना विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 1700 करोड़ रुपये के बजट से संचालित मीडिया में उनकी पार्टी और नेताओं की खबरें जानबूझकर नहीं दिखाई जातीं।
‘हमारे खिलाफ चलाया जा रहा प्रोपेगेंडा’
लखनऊ में आयोजित अपना दल संस्थापक सोनेलाल पटेल की जयंती के कार्यक्रम में आशीष पटेल ने कहा,“हमारे खिलाफ एक सुनियोजित प्रचार अभियान चल रहा है। मीडिया वही दिखा रही है जिसके पास 1700 करोड़ रुपये हैं। लेकिन हमारी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पीठ में छुरा घोंपा गया, तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी।
पंचायत चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान
आशीष पटेल ने स्पष्ट किया कि अपना दल पंचायत चुनाव अकेले लड़ेगा। यह ऐलान भाजपा के साथ रिश्तों में दूरी का संकेत माना जा रहा है।वर्तमान में पार्टी के पास 13 विधायक हैं, लेकिन कार्यक्रम में सभी विधायक उपस्थित नहीं थे।
कुर्मी समाज पर फोकस, लेकिन पार्टी में अंदरूनी कलह
कुर्मी समुदाय में मजबूत पकड़ रखने वाली पार्टी अब खुद अंदरूनी बगावत का सामना कर रही है। उसी समय जब लखनऊ में आशीष पटेल और अनुप्रिया पटेल मंच साझा कर रहे थे, दूसरी ओर पार्टी के कुछ असंतुष्ट नेताओं ने ‘अपना मोर्चा’ नाम से अलग बैठक की।ब्रजेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में बने इस फ्रंट का दावा है कि पार्टी के 13 में से 9 विधायक उनके साथ हैं। उनका कहना है,”असली अपना दल हम हैं।”
जातीय जनगणना और नेतृत्व में बदलाव
आशीष पटेल ने संकेत दिया कि जैसे ही जातीय जनगणना की बात स्वीकार की गई, उसी समय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को बदल दिया गया। उन्होंने कहा,”यह महज संयोग नहीं षड्यंत्र है।”
कार्यकर्ताओं को चेतावनी और प्रधानमंत्री को धन्यवाद
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर आवाज नहीं सुनी गई तो वे चुप नहीं रहेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया कि उन्होंने सामाजिक न्याय की बात को स्वीकार किया। “जिस पार्टी के संस्थापक कभी नहीं डरे, उसका कार्यकर्ता भी नहीं डरेगा।”
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