लखनऊ/सर्वोदय:- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने शनिवार को रक्षा क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस एकीकरण और परीक्षण यूनिट का विधिवत उद्घाटन किया। इस ऐतिहासिक मौके पर योगी आदित्यनाथ ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश की प्रगति का खाका खींचा, बल्कि आतंकवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा और भविष्य के रक्षा निर्माण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
ब्रह्मोस अब बनेगी लखनऊ में, ऑपरेशन सिंदूर को मिला समर्थन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन समारोह में कहा: “उत्तर प्रदेश अब नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यह ब्रह्मोस यूनिट राज्य को रक्षा उत्पादन का अग्रणी केंद्र बनाएगी।” उन्होंने तीनों सेनाओं को ऑपरेशन सिंदूर में बहादुरी और समर्पण के लिए बधाई दी और कहा कि: “ब्रह्मोस मिसाइल अब लखनऊ में बनेगी। यह गर्व का विषय है कि यूपी देश की सामरिक शक्ति को नई धार देने में योगदान दे रहा है।”
आतंकवाद को लेकर सख्त रुख, पाकिस्तान पर तीखा वार
सीएम योगी ने आतंकवाद के खिलाफ सरकार की नीति को स्पष्ट करते हुए कहा: “हम आतंकवाद को उसकी ही भाषा में जवाब देने के लिए तैयार हैं। कोई पाकिस्तान से पूछे, ब्रह्मोस की मार कैसी होती है!” उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत अब किसी भी बाहरी या आतंकी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा, और यूपी इस लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
रक्षा क्षेत्र में निवेश और रोजगार का नया युग
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्मोस यूनिट केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास का नया आधार भी बनेगी।
₹50,000 करोड़ का निवेश लाने का लक्ष्य
1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने की योजना
यूपी अब “बीमारू” नहीं, देश की सबसे तेज़ विकसित होती अर्थव्यवस्था
उन्होंने कहा कि यूपी में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे, मेट्रो, और औद्योगिक कॉरिडोर अब राज्य की नई पहचान बन चुके हैं।

राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया उद्घाटन
दिल्ली से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस परियोजना का उद्घाटन किया। लखनऊ से
कार्यक्रम में मौजूद थे:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, सीएम के प्रधान सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह
रक्षा मंत्री ने कहा कि यह यूनिट भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में “मेक इन इंडिया” पहल का अहम हिस्सा है।



