न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारतीय जनता पार्टी (BJP) में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन को लेकर मंथन तेज हो गया है, हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस रेस में सबसे आगे निकलते दिख रहे हैं। उनके पक्ष में सबसे बड़ा कारक माना जा रहा है—बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा का प्रभावशाली प्रदर्शन, जहां प्रधान को चुनाव प्रभारी बनाया गया था।
बिहार ने बढ़ाई दावेदारी
द टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के अनुसार, संगठन के भीतर माना जा रहा है कि बिहार में मिली जीत ने भाजपा और आरएसएस के बीच अध्यक्ष पद को लेकर जारी गतिरोध को कम किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि धर्मेंद्र प्रधान की संगठनात्मक क्षमता, चुनाव प्रबंधन और बागी नेताओं को मनाकर एकजुट करने की योग्यता ने उन्हें मजबूत स्थिति में ला दिया है।
सूत्र बताते हैं कि प्रधान पूरे चुनाव अभियान के दौरान लंबे समय तक बिहार में सक्रिय रहे और उन्होंने कैडर को संगठित करने में अहम भूमिका निभाई।
मोदी–शाह की जोड़ी को भी मिली मजबूती
सूत्रों का कहना है कि हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार में भाजपा की सफलता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी को फिर से मजबूत किया है, जिसे लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन के बाद झटका लगा था।
एक केंद्रीय मंत्री ने अखबार से बातचीत में कहा,“मोदी जी अब आरएसएस को यह समझाने में सफल हो सकते हैं कि भाजपा अध्यक्ष वही हो जो उनकी पसंद हो।”
भूपेंद्र यादव का नाम भी आया था आगे
जुलाई में यह चर्चा थी कि केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव भी अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जब भाजपा ने यादव और प्रधान दोनों के नाम आगे बढ़ाए, तो आरएसएस ने निर्णय से पहले और विचार-विमर्श की आवश्यकता जताई थी।
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धर्मेंद्र प्रधान का एक और बड़ा राजनीतिक योगदान यह माना जाता है कि उन्होंने ओडिशा विधानसभा चुनाव में भाजपा को बीजू जनता दल (BJD) से अलग होकर चुनाव लड़ने के लिए मनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसके बाद भाजपा राज्य में सत्ता के करीब पहुंच सकी।
अध्यक्ष उत्तर भारत से होने की संभावना
एक भाजपा नेता ने बताया कि पहले संकेत मिल रहे थे कि पार्टी अध्यक्ष दक्षिण भारत से हो सकता है, लेकिन उप-राष्ट्रपति पद के लिए सी.पी. राधाकृष्णन के चयन के बाद अब माना जा रहा है कि पार्टी प्रमुख उत्तर भारत से ही होगा।
वर्तमान अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का कार्यकाल जनवरी 2023 में समाप्त हो चुका था, लेकिन लोकसभा चुनाव की वजह से उन्हें विस्तार दिया गया था।



