न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़ :- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना सुबह 8 बजे शुरू होते ही रुझानों में बड़ा बदलाव दिखाई देने लगा है। शुरुआती रुझानों में एनडीए 170 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि बीजेपी और जेडीयू दोनों 75–75 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। कई सीटों पर दिग्गज उम्मीदवारों ने बढ़त हासिल कर ली है।
LIVE अपडेट्स
सुबह 10:05 बजे
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एनडीए 170 सीटों पर आगे।
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भाजपा 75 और जेडीयू 75 सीट पर बढ़त बनाए हुए।
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सम्राट चौधरी (तारापुर), मंगल पांडेय (सिवान) और मैथिली ठाकुर (अलीनगर) बढ़त में।
सुबह 9:41 बजे
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एनडीए 150 से अधिक सीटों पर आगे।
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भाजपा 64, जेडीयू 59 सीट पर बढ़त।
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एक घंटे की मतगणना पूरी होते ही रुझान एनडीए के पक्ष में।
सुबह 9:01 बजे
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शुरुआती रुझानों में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है।
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एनडीए 122 से अधिक सीटों पर आगे।
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भाजपा और जेडीयू दोनों 50–50 से ज्यादा सीटों पर आगे।
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रुझानों ने RJD नेता तेजस्वी यादव को शुरुआती झटका दिया।
सुबह 8:44 बजे
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एनडीए ने शुरुआती दौर में ही 100 का आंकड़ा पार किया।
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8:30 बजे से ईवीएम की गिनती शुरू हो गई।
सुबह 8:36 बजे
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एनडीए 75 सीटों पर आगे।
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पोस्टल बैलेट के बाद अब ईवीएम काउंटिंग भी शुरू।
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चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी की पार्टियों को भी शुरुआती बढ़त।
सुबह 8:26 बजे
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एनडीए ने पोस्टल बैलेट की गिनती में 53 सीटों पर बढ़त बनाई।
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8:30 बजे से ईवीएम खुलना शुरू।
सुबह 8:20 बजे
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एनडीए 39 सीटों पर आगे, महागठबंधन 24 सीटों पर।
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पोस्टल बैलेट की गिनती जारी।
सुबह 8:16 बजे
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एनडीए शुरुआती रुझानों में 20 सीटों पर आगे।
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8:30 बजे ईवीएम की गिनती शुरू होगी।
सुबह 8:10 बजे
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सबसे शुरुआती रुझानों में एनडीए 2 सीटों पर आगे—1 भाजपा, 1 जेडीयू।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: अब तक की तस्वीर
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बिहार की 243 सीटों में बहुमत का आंकड़ा 122 है।
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एनडीए में भाजपा और जेडीयू 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं।
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चिराग पासवान की लोक जनशक्ति (राम विलास) ने 29 सीटों,
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जीतन राम मांझी की HAM और उपेंद्र कुशवाहा की RLM ने 6-6 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं।
2020 में चिराग पासवान ने एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ा था और जेडीयू के कई उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचाया था। इस बार वह एनडीए के हिस्से के रूप में मैदान में हैं।
क्या नीतीश कुमार ही रहेंगे एनडीए के नेता?
चुनाव अभियान के दौरान नीतीश कुमार की सेहत को लेकर चर्चाएं हुईं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एनडीए के जीतने पर मुख्यमंत्री का चेहरा वही रहेंगे या किसी नए नाम पर विचार होगा।
एनडीए का आत्मविश्वास—मतगणना से पहले ही दावा
मतगणना शुरू होने से पहले ही एनडीए नेताओं ने दावा किया था कि इस बार चुनाव में एनडीए की स्पष्ट वापसी होगी। रुझान इस दावे के अनुरूप नज़र आ रहे हैं।
क्या बीजेपी–जेडीयू दोहरा पाएंगे 2010 की सफलता?
2010 में जेडीयू को 115 और भाजपा को 91 सीटें मिली थीं—यह एनडीए की अब तक की सबसे बड़ी जीत थी। इस बार दोनों दल 101–101 सीटों पर लड़ रहे हैं और उनका प्रदर्शन परिणाम को तय करेगा।
छोटे सहयोगी दल—NDA के लिए गेम चेंजर?
एलजेपी (RV), HAM और RLM के उम्मीदवारों का प्रदर्शन भी सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अगर सहयोगी दल कमजोर रहे, तो सरकार बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
एग्जिट पोल में भी एनडीए सरकार का संकेत
दूसरे चरण की वोटिंग के बाद आए एग्जिट पोल में एनडीए को 140–150 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था। रुझान अब उसी दिशा में बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।



