न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर हिंसा पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्वाचन आयोग की नीति हिंसा के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है और कोई भी हिंसक घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि हर मतदाता शांति, सुरक्षा और निष्पक्ष माहौल में मतदान कर सके।
CEC बोले — “हिंसा पर शून्य सहनशीलता, निष्पक्ष चुनाव हमारी प्राथमिकता”
कानपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT Kanpur) के दौरे के दौरान ज्ञानेश कुमार ने कहा —“मैं सभी से अपील करता हूं कि चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भाग लें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें। निर्वाचन आयोग हिंसा के प्रति शून्य सहनशीलता रखता है। कोई भी हिंसा की घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमारे 243 रिटर्निंग ऑफिसर, पर्यवेक्षक, जिला अधिकारी, एसपी और एसएसपी — सभी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने कहा कि बिहार में आयोग की तैयारी विश्व स्तर पर एक मानक स्थापित करेगी, और यह चुनाव पारदर्शी, सक्षम और शांतिपूर्ण रूप से संपन्न होंगे।
मोकामा हत्याकांड के बाद आया बयान
यह बयान उस समय आया है जब मोकामा विधानसभा क्षेत्र में 30 अक्टूबर को दुलारचंद यादव की हत्या के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। घटना के दौरान मृतक जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शिनी की रैली में मौजूद थे।
यह भी पढ़े:- अखिलेश यादव के विधायक रमाकांत यादव को एक साल की सजा
इस मामले में जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह को गिरफ्तार किया गया है।हत्या के बाद निर्वाचन आयोग ने 1 नवंबर को मोकामा के कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का तत्काल तबादला कर दिया और अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
CEC ने की निष्पक्षता पर जोर
पक्षपात के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए ज्ञानेश कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग की तटस्थता उसकी पहचान है। “बिहार में चुनाव के दौरान हर राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से मतदाताओं से अपील कर रहा है। आयोग किसी दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं है। हमारे लिए हर प्रत्याशी समान है।”
उन्होंने बताया कि पहला चरण मतदान 6 नवंबर को, दूसरा चरण 11 नवंबर को और मतगणना 14 नवंबर को होगी।
IIT कानपुर दौरे पर बोले — “यहीं से मिली जीवन की दिशा”
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि वह IIT कानपुर के पूर्व छात्र हैं और वहां बिताए चार साल उनके जीवन के सबसे ऊर्जावान रहे।“आज मैं एक पूर्व छात्र के रूप में लौटा हूं। मुझे सम्मानित किए जाने का गर्व है और यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मैं फिर से अपने संस्थान में आया हूं।”



