नई दिल्ली/न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज:-श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट में कार्यरत रहे चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी पर यौन शोषण के आरोपों की जांच में एक नया मोड़ आ गया है। संस्थान के एक पूर्व छात्र द्वारा लगाए गए चौंकाने वाले आरोपों ने पूरे मामले को और गहरा कर दिया है।
पूर्व छात्र ने मीडिया से बात करते हुए खुलासा किया कि चैतन्यानंद न केवल खुद छात्राओं को चुनता था, बल्कि इस पूरे गंदे खेल को अंजाम देने के लिए पहले से ‘तैयार की गई’ महिलाओं का इस्तेमाल करता था, जो कभी खुद भी उसके शिकार रही थीं।
‘सेलेक्शन प्रोसेस’ से शुरू होती थी साजिश
छात्र ने बताया कि जैसे ही नए सत्र की शुरुआत होती, चैतन्यानंद नई छात्राओं की पहचान करना शुरू कर देता था। वह क्लासेस के जरिए खुद ही स्टूडेंट्स से संपर्क बनाता और फिर उनमें से कुछ को टारगेट करता।
“प्रलोभन दिया जाता था — विदेश यात्रा, महंगे गिफ्ट्स, अच्छे ग्रेड और प्लेसमेंट के वादे। जो छात्राएं इन प्रस्तावों को ठुकरा देतीं, उन्हें मानसिक प्रताड़ना, सामाजिक अलगाव और कॉलेज से निष्कासन तक का सामना करना पड़ता,” पूर्व छात्र ने बताया।
महिला स्टाफ की भी थी संदिग्ध भूमिका
इस मामले में और भी गंभीर बात यह सामने आई है कि कुछ महिला स्टाफ, जो कभी संस्थान की छात्राएं रह चुकी थीं और चैतन्यानंद की शिकार बन चुकी थीं, अब उसी चक्र में अन्य छात्राओं को फँसाने का काम करती थीं।
“इन महिलाओं को पहले विदेश यात्रा और नौकरी के वादे देकर चुप कराया गया था। अब वे ही नई लड़कियों को ‘तैयार’ करतीं और चैतन्यानंद के कमरे तक पहुंचाने का काम करती थीं,” पूर्व छात्र ने दावा किया।
24 घंटे निगरानी और मानसिक उत्पीड़न
आरोपों के अनुसार, जो छात्राएं ‘ऑफर’ को ठुकरा देती थीं, उन्हें बेहद प्रताड़ित किया जाता था। उनके हॉस्टल और क्लास में निगरानी होती थी | किसी से बात करने की इजाजत नहीं थी,यहां तक कि परिवार पर भी दबाव बनाया जाता था |
17 छात्राओं ने लगाए यौन शोषण के आरोप
फिलहाल चैतन्यानंद पर 17 छात्राओं द्वारा यौन उत्पीड़न और मानसिक शोषण के आरोप दर्ज कराए गए हैं। मामले की जांच चल रही है, और पुलिस ने कई स्टाफ सदस्यों से पूछताछ भी शुरू कर दी है।
कानूनी प्रक्रिया जारी, संस्थान की छवि पर संकट
इस पूरे मामले ने न केवल एक नामी मैनेजमेंट संस्थान की साख पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी बताया है कि पद और प्रभाव का दुरुपयोग किस हद तक किया जा सकता है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कौन-कौन इस साजिश का हिस्सा था।



