बरेली/सर्वोदय न्यूज़:- ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बटुकों के साथ कथित मारपीट और यूजीसी के नए नियमों के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को पुलिस उनके सरकारी आवास से किसी अन्य स्थान पर ले गई। इस दौरान बड़ी संख्या में जुटे समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही पुलिस की गाड़ियां अलंकार अग्निहोत्री को लेकर निकलने लगीं, समर्थक वाहनों के सामने खड़े हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। हालात को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों की ओर से यह बताया गया कि अलंकार अग्निहोत्री को सुरक्षा कारणों से उनके पैतृक आवास भेजा जा रहा है। समर्थक तब तक मौके पर डटे रहे, जब तक पुलिस की गाड़ियां वहां से रवाना नहीं हो गईं।
इससे पहले मंगलवार देर रात अलंकार अग्निहोत्री ने खुद को ‘हाउस अरेस्ट’ में होने का दावा किया था। उन्होंने कहा था कि एडीएम कंपाउंड को मिनी जेल में तब्दील कर दिया गया है और उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके बुनियादी अधिकारों का हनन किया जा रहा है और संवैधानिक व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है।
एडीएम कंपाउंड की सुरक्षा कड़ी
प्रशासन की ओर से मंगलवार रात एडीएम कंपाउंड की सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई थी। मुख्य गेट पर आवाजाही सीमित कर दी गई, जबकि पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई। निगरानी के लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। एक गेट पूरी तरह बंद रखा गया और दूसरे गेट से केवल पहचान व पूछताछ के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही थी।
दो दिन पहले दिया था इस्तीफा
गौरतलब है कि अलंकार अग्निहोत्री ने दो दिन पहले बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद से उनके समर्थन में लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। मंगलवार से समर्थकों को एडीएम कंपाउंड में प्रवेश नहीं दिया जा रहा था।
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वहीं प्रशासन ने अलंकार अग्निहोत्री द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें लगातार समझाने का प्रयास किया गया। सूत्रों के अनुसार यह भी जांच की जा रही है कि कहीं उन्होंने किसी दबाव या बहकावे में आकर इस्तीफा तो नहीं दिया।



