बूचड़खाने बंद करने की अपील; बकरीद पर मुसलमानों ने मस्जिद से उठाई गायों के लिए आवाज

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- हरियाणा के फरीदाबाद जिले में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व पूरे उत्साह, भाईचारे और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। जिले की विभिन्न मस्जिदों में सुबह से ही नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अल्लाह की इबादत कर देश में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे की दुआ मांगी।

इस दौरान फरीदाबाद के ऊंचा गांव स्थित जामा मस्जिद से गाय संरक्षण को लेकर भी एक खास संदेश दिया गया। नमाज के बाद कई लोग हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर नजर आए, जिनमें केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और बूचड़खानों को बंद करने की मांग की गई।

मस्जिद के इमाम ने उठाई मांग

ऊंचा गांव की जामा मस्जिद के इमाम मौलाना जमालुद्दीन ने कहा कि गाय भारतीय समाज की आस्था और संस्कृति से जुड़ी हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए, ताकि समाज में सौहार्द और भाईचारे का वातावरण मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज भी गाय संरक्षण के पक्ष में अपनी आवाज उठा रहा है।

जिलेभर में दिखा भाईचारे का माहौल

फरीदाबाद के एनआईटी, बल्लभगढ़, ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-56, जवाहर कॉलोनी और तिलपत समेत कई इलाकों की मस्जिदों में सुबह से लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। नमाज के दौरान पुलिस प्रशासन सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए पूरी तरह सक्रिय नजर आया। कई स्थानों पर स्वयंसेवकों ने भी लोगों की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं संभालीं।

बच्चों में दिखा खास उत्साह

ईद के मौके पर बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। रंग-बिरंगे नए कपड़ों में बच्चे बेहद खुश नजर आए। नमाज के बाद बच्चों ने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और मिठाइयों का आनंद लिया। वहीं, बड़ों ने बच्चों को ईदी देकर उनकी खुशियों को और बढ़ा दिया।

घर-घर में सेवइयां, शीर खुरमा और पारंपरिक व्यंजन बनाए गए, जिनका परिवार और मेहमानों के साथ आनंद लिया गया। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से भी लोगों को ईद की शुभकामनाएं दी गईं।

सोशल मीडिया पर भी चल रही मुहिम

हाल के दिनों में देश के कई इस्लामिक विद्वानों और मौलवियों ने भी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई है। सोशल media पर भी इसे लेकर अभियान चलाया जा रहा है। मांग करने वालों का कहना है कि ऐसा होने से गायों की हत्या पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा मिलेगा।

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