आजम खां की रिहाई: 104 मुकदमे, 5 सजाएं,12 में ही फैसला –कितने दिन की है चांदनी?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:  समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां मंगलवार को करीब 23 महीने बाद सीतापुर जेल से रिहा हुए। उनकी रिहाई ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा रखी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद मंगलवार दोपहर 12:15 बजे वह जेल से बाहर तो आ गए लेकिन सवाल यह है कि 104 मुकदमों की लंबी सूची के बीच आजम खां की यह आजादी कितने दिन टिकेगी? आपको बतादें कि आजम खां पर कुल 104 आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिनमे 93 मुकदमे अकेले रामपुर में ही हैं।

सबसे चर्चित मामलों में जन्म प्रमाण पत्र की फर्जीवाड़ा और डूंगरपुर जमीन विवाद शामिल हैं, जिनमें आजम खां, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को 7 साल की सजा सुनाई गई थी।

कानूनी संकट टला नहीं

अभी भी आजम खां के खिलाफ 80 से अधिक मामले विभिन्न अदालतों में लंबित हैं— जिनमें 59 मजिस्ट्रेट कोर्ट, 19 सेशन कोर्ट, और 3 जिला अदालतें शामिल हैं। इन मामलों में तेजी से सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

नया मोड़: दस्तावेज़ों में हेराफेरी का मामला

हाल ही में एक केस में IPसी की धाराएं 467, 471 और 201 (धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज और साक्ष्य नष्ट करना) जोड़ी गई हैं। कोर्ट ने इस मामले में आजम खां को 1 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।

राजनीतिक असर और अटकलें

आजम की रिहाई से सपा खेमा उत्साहित नजर आ रहा है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे “न्याय की जीत” करार दिया और कहा, “हर झूठ की एक मियाद होती है।” समर्थकों का मानना है कि ये मुकदमे राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा हैं, खासकर 2017 में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद जब जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर कार्रवाई तेज हुई।

बसपा में जाने की अटकलें खारिज

रिहाई के बाद आजम खां ने बसपा में शामिल होने की अफवाहों को खारिज करते हुए कहा, “मैं जेल में किसी से नहीं मिला, ये अटकलें लगाने वाले ही जानें।”

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