अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या परिक्रमा मेला के दौरान जहां लाखों श्रद्धालु भगवान श्रीराम के दर्शन के लिए उमड़े, वहीं इस भीड़ में कई लोग अपने परिजनों से बिछड़ भी गए। ऐसे में सब इंस्पेक्टर रणजीत यादव ने अपनी सतर्कता और सेवा भावना से मिसाल कायम की।
नयाघाट पुलिस चौकी के पास बनाए गए खोया-पाया केंद्र से रणजीत यादव लगातार बिछड़े हुए बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के नाम पब्लिक एड्रेस सिस्टम से प्रसारित करवा कर उन्हें उनके परिवार से मिलवाते रहे।
“खोया पाया केंद्र में ड्यूटी करना सुखद अनुभव”: रणजीत यादव
सब इंस्पेक्टर रणजीत यादव ने बताया —“खोया पाया केंद्र में ड्यूटी करना बेहद खुशी देने वाला अनुभव है। जब कोई व्यक्ति अपने अपनों से बिछड़कर रोते हुए आता है और वापस अपने परिवार से मिलकर मुस्कराते हुए लौटता है, तो दिल को सुकून मिलता है।”
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उन्होंने बताया कि केंद्र से न केवल नामों का प्रसारण किया जाता था बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए सुरक्षा और यातायात संबंधी निर्देशों को भी समय-समय पर प्रसारित किया गया ताकि भीड़ में अफरा-तफरी की स्थिति न बने।
तीन स्थानों पर बनाए गए खोया-पाया केंद्र
जन सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने परिक्रमा मेला में तीन प्रमुख स्थानों पर खोया पाया केंद्र स्थापित किए: 1.नयाघाट पुलिस चौकी के सामने, 2. तुलसी उद्यान के पास,3. कोतवाली अयोध्या परिसर के पास
इन केंद्रों पर महिला सिपाहियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई थी, ताकि बच्चों और महिलाओं को तुरंत सहायता मिल सके।
जनसेवा में सदैव तत्पर “खाकी वाले गुरुजी”
सब इंस्पेक्टर रणजीत यादव, जिन्हें लोग “खाकी वाले गुरुजी” के नाम से भी जानते हैं, हमेशा सामाजिक कार्यों में आगे रहते हैं।
इस वर्ष भी दीप चंद राही ने खोया पाया केंद्र में अपनी सहभागिता निभाई। रणजीत यादव की मानवीय सेवा भावना और तत्परता ने श्रद्धालुओं के बीच अयोध्या पुलिस की एक संवेदनशील छवि पेश की है।



