सर्वोदय/लखनऊ:- वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होते ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वक्फ बोर्ड द्वारा अवैध रूप से घोषित संपत्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अभियान चलाकर ऐसी संपत्तियों की पहचान करें जिन्हें नियमों के विरुद्ध वक्फ घोषित किया गया है। इनमें तालाब, पोखर, खलिहान और ग्राम समाज की ज़मीनें शामिल हैं, जिन्हें सरकार अवैध मान रही है।
अधिकारियों के अनुसार, सार्वजनिक संपत्तियों को वक्फ में शामिल नहीं किया जा सकता, केवल वही संपत्तियां वक्फ मानी जाएंगी जिन्हें किसी व्यक्ति ने स्पष्ट रूप से दान किया हो। यूपी सरकार ने वक्फ संपत्तियों में गंभीर गड़बड़ी पाई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, केवल 2963 वक्फ बोर्ड की संपत्तियां दर्ज हैं, जिनमें शिया और सुन्नी दोनों बोर्ड की संपत्तियां शामिल हैं।
अवैध वक्फ संपत्तियों की होगी जब्ती
राजस्व विभाग के अनुसार, यूपी में वक्फ बोर्ड द्वारा किए गए संपत्ति दावों में भारी गड़बड़ी पाई गई है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, सुन्नी वक्फ बोर्ड की केवल 2,533 और शिया वक्फ बोर्ड की 430 संपत्तियां अधिकृत रूप से पंजीकृत हैं, जबकि वक्फ बोर्ड द्वारा दावा किए गए आंकड़े इससे कई गुना अधिक हैं। अब सरकार ने इन संपत्तियों की जांच के आदेश दिए हैं और अवैध रूप से कब्जाई गई संपत्तियों को सरकारी संपत्ति घोषित कर जब्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, कई जिलों में सार्वजनिक उपयोग की ज़मीनों को वक्फ घोषित कर कब्जा किया गया था। अब सरकार ऐसे मामलों की गहन जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अवैध रूप से कब्जाई गई प्रत्येक संपत्ति को कानूनी प्रक्रिया के तहत मुक्त कराया जाएगा।
सीएम योगी का प्रयागराज में बयान
प्रयागराज में निषादराज गुह्य जयंती समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वक्फ बोर्ड पर तीखा हमला बोला। उन्होंने वक्फ बोर्ड पर भूमि अतिक्रमण के आरोप लगाए और कहा कि यह सार्वजनिक और ऐतिहासिक स्थलों पर मनमाने दावे करता रहा है, जो अब सहन नहीं किए जाएंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुंभ मेले की तैयारियों के दौरान भी वक्फ बोर्ड ने आयोजन स्थल को अपनी संपत्ति बताया था, जिस पर सरकार को सख्त कदम उठाने पड़े। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार के तहत अतिक्रमण हटाया जाएगा और माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा।



