नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- बुधवार को लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव सुधारों पर चर्चा का जवाब दिया। इसी दौरान कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। वॉकआउट के बाद अमित शाह ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जब उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी पर आरोप लगाए, तब विपक्ष ने वॉकआउट नहीं किया, लेकिन घुसपैठियों के मुद्दे पर वॉकआउट किया।
बीजेपी प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी की वॉकआउट की फोटो शेयर करते हुए लिखा:“डरो मत, भाग जाओ।” इस फोटो में राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद वॉकआउट करते हुए दिखाए गए हैं।
अमित शाह का भाषण
अमित शाह ने कहा: “वे 200 बार बॉयकॉट कर सकते हैं, लेकिन इस देश में एक भी घुसपैठिए को वोट नहीं देने दिया जाएगा। मेरी पॉलिसी है – डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट। उनकी पॉलिसी है – घुसपैठ को नॉर्मल करना और उन्हें वोटर लिस्ट में शामिल करना।”
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शाह ने यह भी कहा कि लोकसभा में चल रही बहस में उनका बोलने का क्रम तय करने का अधिकार केवल उन्हें है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘वोटर चोरी’ के आरोपों का जवाब भी दिया।
आरएसएस और महत्वपूर्ण पदों पर बयान
अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री आरएसएस की विचारधारा के लोग हो सकते हैं, तो अन्य महत्वपूर्ण पदों पर क्यों नहीं। शाह ने यह भी दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय देश में कम्युनिस्ट विचारधारा को बढ़ावा मिला और कई संस्थाओं पर वामपंथी प्रभाव था।
लोकसभा स्थगित
अमित शाह के भाषण के बाद लोकसभा की कार्यवाही 11 दिसंबर गुरुवार तक सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।



