Thursday, March 12, 2026

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आंख-मुंह कितने खुल सकते हैं…? शंकराचार्य के कार्यक्रम की शर्तों पर अखिलेश यादव का तंज

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अखिलेश यादव ने लखनऊ में होने वाले ‘गौ रक्षा’ कार्यक्रम को लेकर प्रशासन द्वारा लगाई गई शर्तों पर तंज कसा है। यह कार्यक्रम Swami Avimukteshwaranand Saraswati द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसे प्रशासन ने 26 शर्तों के साथ अनुमति दी है।

इन्हीं शर्तों को लेकर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि “आंख और मुंह कितने सेंटीमीटर खुल सकते हैं, यह शर्त भी रख देते…”

प्रशासन ने रखी हैं ये प्रमुख शर्तें

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार Lucknow जिला प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति देते समय कई नियम तय किए हैं। इनमें शामिल हैं:

  • भड़काऊ भाषण या नारेबाजी पर रोक
  • हथियार और आतिशबाजी पर प्रतिबंध
  • ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन
  • सीमित वाहनों की अनुमति
  • यातायात बाधित न करने की शर्त
  • निजी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना
  • रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद करना

प्रशासन ने कहा है कि किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर तुरंत कार्रवाई की जा सकती है

‘कमज़ोर सत्ता की पहचान’ बताया

अखिलेश यादव ने इन शर्तों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा और लिखा कि अतार्किक बंदिशें लगाना कमजोर सत्ता की पहचान होती है

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सनातन और ब्राह्मण समाज का सम्मान नहीं कर रही है। साथ ही कहा कि समाज के लोग इस स्थिति को समझ रहे हैं और आने वाले चुनाव में जवाब देंगे।

कोविड नियमों पर भी उठाए सवाल

सपा प्रमुख ने पोस्ट में यह भी पूछा कि क्या COVID-19 अभी भी लागू है?

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर कोविड नियम लागू हैं तो यह भी बताया जाए कि सरकार की बैठकों या भाजपा के कार्यक्रमों में इनका पालन आखिरी बार कब हुआ था।

शर्तों पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया

वहीं Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने इन शर्तों और खर्च को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह स्थिति मुगलकाल में ‘जजिया’ कर देने जैसी लगती है

यह भी पढ़े:- ईरान के पास कितने ‘अदृश्य बम’? रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, क्यों टेंशन में अमेरिका-इजरायल

उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह पहले धर्म के पालन के लिए जजिया देना पड़ता था, उसी तरह अब धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन में भी अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।

वाराणसी से शुरू की थी यात्रा

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने 5 मार्च को Sankat Mochan Hanuman Temple में पूजा करने के बाद गोरक्षा के समर्थन में अपनी यात्रा शुरू की थी। इसके तहत वे विभिन्न जगहों पर कार्यक्रम कर रहे हैं।

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