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नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा, खुद किया कंफर्म; बोले- बिहार को बनाएंगे विकसित 

पटना/ सर्वोदय न्यूज़:-बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने राज्यसभा जाने की अपनी इच्छा सार्वजनिक कर दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि वह इस बार राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने बिहार के लोगों को भरोसा दिलाया कि राज्य के विकास के लिए उनका संकल्प पहले की तरह कायम रहेगा।

मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा कि पिछले दो दशकों से अधिक समय से बिहार की जनता ने उन पर भरोसा और समर्थन बनाए रखा है। इसी विश्वास की ताकत से उन्होंने राज्य और उसके लोगों की सेवा पूरी निष्ठा के साथ की है। उन्होंने कहा कि बिहार आज विकास और सम्मान के नए आयाम स्थापित कर रहा है, जिसके लिए वह प्रदेशवासियों के आभारी हैं।

उन्होंने बताया कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनके मन में यह इच्छा थी कि वह बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के भी दोनों सदनों के सदस्य बनें। इसी क्रम में वह इस बार राज्यसभा के लिए चुनाव लड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता से उनका रिश्ता आगे भी इसी तरह बना रहेगा और वह एक विकसित बिहार के निर्माण के संकल्प को जारी रखेंगे। साथ ही बनने वाली नई सरकार को उनका सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा।

इस बीच जानकारी मिली है कि केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah नीतीश कुमार के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पटना पहुंच सकते हैं। एनडीए के सभी उम्मीदवार एक साथ नामांकन दाखिल करेंगे।

भाजपा ने घोषित किए दो उम्मीदवार
Bharatiya Janata Party ने बिहार से राज्यसभा चुनाव के लिए अपने दो उम्मीदवारों के नाम पहले ही घोषित कर दिए हैं। इनमें Nitin Nabin और Shivesh Kumar शामिल हैं। वहीं एनडीए ने Upendra Kushwaha को भी राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाने की मंजूरी दी है और वह भी आज नामांकन दाखिल करेंगे।

पांच सीटों के लिए होगा चुनाव
बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनाव प्रस्तावित है और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 5 मार्च तय की गई है। यदि जरूरत पड़ी तो 16 मार्च को मतदान कराया जाएगा।

यह भी पढ़े:- सीएम आवास के बाहर हंगामा: जेडीयू कार्यकर्ताओं ने हिलसा विधायक की गाड़ी घेरी, प्रेम मुखिया

बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों में से राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है। वर्तमान संख्या बल के आधार पर एनडीए के लिए चार सीटें जीतना आसान माना जा रहा है, जबकि पांचवीं सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाने की जरूरत पड़ सकती है। दूसरी ओर महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं, जिनमें Rashtriya Janata Dal के 25 सदस्य शामिल हैं। ऐसे में एक सीट जीतने के लिए उसे भी अतिरिक्त समर्थन की आवश्यकता होगी।

सीएम आवास के बाहर हंगामा: जेडीयू कार्यकर्ताओं ने हिलसा विधायक की गाड़ी घेरी, प्रेम मुखिया लौटे वापस

न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय न्यूज़:- होली के बाद बिहार की सियासत में नया राजनीतिक तनाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री आवास एक अणे मार्ग के बाहर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब नाराज़ जेडीयू कार्यकर्ताओं ने हिलसा (नालंदा) के विधायक प्रेम मुखिया की गाड़ी को घेर लिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पटना पुलिस को मौके पर भारी संख्या में तैनात होना पड़ा।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने की चर्चाओं से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी को लेकर बड़ी संख्या में जेडीयू कार्यकर्ता सीएम आवास के बाहर जुटे हुए हैं और नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ता मुख्यमंत्री को बिहार की राजनीति में ही बने रहने की मांग कर रहे हैं।

इसी बीच हिलसा विधायक प्रेम मुखिया मुख्यमंत्री से मिलने के लिए आवास पहुंचे थे। लेकिन जैसे ही वे आगे बढ़े, प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। नाराज़ कार्यकर्ताओं ने गाड़ी पर हाथ मारते हुए विरोध जताया। स्थिति को देखते हुए ड्राइवर ने गाड़ी पीछे की और विधायक वहां से लौट गए।

विधायक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने की खबर सुनकर वे उनसे मिलने आए थे। उनका कहना है कि वे चाहते हैं कि मुख्यमंत्री बिहार में ही रहकर नेतृत्व करें और इसी आग्रह के लिए वे उनसे मिलने पहुंचे थे।

मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे। पटना के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत स्थिति का जायजा लेने के लिए सीएम आवास पहुंचे। वहीं सिटी एसपी अवधेश मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र सीएम आवास की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेडिंग कर दी है और आम आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की जा रही है।

प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने की चर्चा से राज्य की जनता के साथ धोखा हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे मुख्यमंत्री को राज्यसभा के लिए नामांकन नहीं करने देंगे।

फिलहाल सीएम आवास के बाहर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

आज लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानें 12 राशियों पर प्रभाव

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- 03 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार ग्रहण की शुरुआत दोपहर लगभग 3 बजकर 20 मिनट से होगी। सुबह से ही सूतक काल प्रभावी हो चुका है और यह ग्रहण समाप्ति तक रहेगा। यह खगोलीय घटना भारत में भी दिखाई देगी, जिसके चलते इसे विशेष महत्व दिया जा रहा है। ग्रहण के दौरान चंद्रमा लालिमा लिए “ब्लड मून” जैसा दिखाई दे सकता है।

ज्योतिषाचार्य समीर उपाध्याय के अनुसार, ग्रहण के समय ग्रहों की स्थिति और उनकी युति का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप से पड़ेगा।

ग्रहों की स्थिति

  • सूर्य: कुंभ राशि
  • चंद्र: सिंह राशि
  • मंगल: कुंभ राशि
  • बुध: कुंभ राशि
  • शुक्र: मीन राशि
  • राहु: कुंभ राशि
  • केतु: सिंह राशि
  • शनि: मीन राशि
  • गुरु: मिथुन राशि

बन रहे प्रमुख योग

  • कुंभ राशि में सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग
  • सूर्य और मंगल की युति से आदित्य मंगल राजयोग
  • सिंह राशि में चंद्र और केतु की युति से ग्रहण दोष, जिसे ज्योतिष में अशुभ माना जाता है

चंद्र ग्रहण राशिफल: मेष से मीन तक

मेष राशि

यह ग्रहण अनुकूल नहीं माना जा रहा है। पारिवारिक वातावरण में तनाव या मतभेद हो सकते हैं। करीबी रिश्तों में दूरी बढ़ने की आशंका है। संयमित व्यवहार जरूरी रहेगा।

वृषभ राशि

आपके लिए यह समय लाभकारी हो सकता है। करियर में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। हालांकि अनावश्यक खर्च बढ़ने की संभावना है, इसलिए बजट पर नियंत्रण रखें।

मिथुन राशि

मिला-जुला प्रभाव रहेगा। प्रतियोगिता या वाद-विवाद में सफलता मिल सकती है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि संभव है, लेकिन खर्चों पर ध्यान देना होगा।

कर्क राशि

स्वास्थ्य और वित्तीय मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत है। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नुकसान दे सकता है। सोच-समझकर कदम उठाएं।

सिंह राशि

मानसिक तनाव बढ़ सकता है। पारिवारिक संबंधों में संवेदनशीलता बनाए रखें। किसी बात से माता-पिता या बड़े सदस्य आहत हो सकते हैं।

कन्या राशि

कुछ क्षेत्रों में प्रगति के संकेत मिलेंगे, लेकिन भाई-बहन या करीबी रिश्तों में निराशा हो सकती है। वाहन या संपत्ति संबंधी मामलों में देरी संभव है।

तुला राशि

आय के नए स्रोत बन सकते हैं। इच्छित सफलता मिलने की संभावना है। हालांकि संतान या परिवार से जुड़ा तनाव रह सकता है।

वृश्चिक राशि

नौकरी या पेशे में उन्नति के संकेत हैं। सेहत पर ध्यान दें। मानसिक अस्थिरता महसूस हो सकती है, इसलिए धैर्य रखें।

धनु राशि

कामों में रुकावटें आ सकती हैं। भौतिक सुख-सुविधाओं में कमी महसूस हो सकती है। धैर्य और सकारात्मक सोच जरूरी है।

मकर राशि

प्रेम और वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ सकती है। शिक्षा और करियर में प्रयास से लाभ होगा। धन संबंधी मामलों में सतर्कता जरूरी है।

कुंभ राशि

जोखिम भरे कार्यों से दूरी बनाएं। वैवाहिक जीवन में मतभेद की संभावना है। खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है।

मीन राशि

करियर और आर्थिक मामलों में चुनौतियां आ सकती हैं। लेन-देन में सावधानी बरतें। योजनाओं को सोच-समझकर आगे बढ़ाएं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पूर्ण सत्यता का दावा नहीं किया जाता। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

आरक्षण पर विपक्ष को कोई मौका नहीं देगी योगी सरकार,…विभागों को दिए स्पष्ट निर्देश

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में होने वाली सरकारी भर्तियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब विभागों को रिक्त पदों का प्रस्ताव भेजने से पहले अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आरक्षित पदों की संख्या स्पष्ट करनी होगी। आरक्षित पदों की गणना तय होने के बाद ही भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

सरकार का उद्देश्य भर्तियों में आरक्षण को लेकर उठने वाले विवादों को पूरी तरह समाप्त करना है। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभाग आयोगों के साथ बैठक कर पदों के बंटवारे को अंतिम रूप देंगे, ताकि बाद में किसी प्रकार की आपत्ति या कानूनी अड़चन न आए।

पहले भी उठते रहे हैं सवाल

प्रदेश में 69000 शिक्षक भर्ती और लेखपाल भर्ती जैसे मामलों में विपक्षी दलों ने आरक्षण नियमों के पालन को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे। कुछ मामलों में विवाद उच्च न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचा। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सहयोगी पार्टियों ने भी समय-समय पर आरक्षण व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी। ऐसे में सरकार इस बार किसी भी प्रकार की चूक से बचना चाहती है।

लेखपाल भर्ती में हुआ था विवाद

7994 लेखपाल पदों की भर्ती में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण के तहत 1441 पद दिए जाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। विपक्षी दलों ने इसे आरक्षण में कटौती बताते हुए विरोध दर्ज कराया था। बाद में पदों की संख्या में संशोधन किया गया। इसी तरह के विवादों से बचने के लिए अब पहले से ही सभी श्रेणियों के पदों का स्पष्ट निर्धारण किया जाएगा।

आयोगों को जारी किए गए निर्देश

राज्य में भर्तियों के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड सहित अन्य आयोग कार्य करते हैं। शासन द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि राज्य की सेवाओं में लागू ऊर्ध्वाधर (वर्टिकल) और क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था का पूरी तरह पालन किया जाए।

यह भी पढ़े:- महाराष्ट्र राज्यसभा सीट पर तकरार, ठाकरे से की पीछे हटने की गुहार; 1 सीट पर मची रार

साथ ही उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, जनजातियों एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण) अधिनियम-2020 के प्रावधानों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद या कानूनी पेंच न फंसे।

सरकार का मानना है कि स्पष्ट और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने से भर्ती प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी होगी और किसी को भी आरक्षण के मुद्दे पर सवाल उठाने का अवसर नहीं मिलेगा।

महाराष्ट्र राज्यसभा सीट पर तकरार, ठाकरे से की पीछे हटने की गुहार; 1 सीट पर मची रार

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- महाराष्ट्र की एकमात्र जीतने योग्य राज्यसभा सीट को लेकर महाविकास अघाड़ी (एमवीए) में खींचतान तेज हो गई है। विपक्ष के पास केवल एक सीट जीतने की स्थिति है और उस पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस तथा शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) दोनों ने दावा ठोक दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे से इस सीट पर दावा छोड़ने का अनुरोध किया है। हालांकि इस पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

क्यों अहम है यह सीट?

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद फिलहाल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पास है। नियमों के अनुसार, किसी भी दल को नेता प्रतिपक्ष का पद बनाए रखने के लिए कुल सदस्य संख्या का 10 प्रतिशत या कम से कम 25 सांसदों का समर्थन चाहिए।

मौजूदा समय में कांग्रेस के पास 27 सदस्य हैं, लेकिन कुछ सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में एक भी सीट का नुकसान पार्टी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।

ठाकरे से क्या कहा गया?

रिपोर्ट्स के अनुसार, महाराष्ट्र कांग्रेस प्रभारी रमेश चेन्नीथला ने ठाकरे से बातचीत की। कांग्रेस ने प्रस्ताव रखा है कि राज्यसभा सीट उसे दी जाए और बदले में शिवसेना (यूबीटी) को विधान परिषद (एमएलसी) की सीट का समर्थन दिया जाएगा।

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 5 मार्च है, जबकि मतदान 16 मार्च को होना है।

किन नेताओं का कार्यकाल खत्म हो रहा?

अप्रैल में कई प्रमुख नेताओं का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिनमें शरद पवार, प्रियंका चतुर्वेदी, रामदास आठवले, भागवत कराड और रजनी पाटिल शामिल हैं।

सत्तारूढ़ महायुति के पास बहुमत होने के कारण विपक्षी गठबंधन केवल एक सीट जीतने की स्थिति में है।

एमवीए में किसकी कितनी ताकत?

एमवीए के भीतर संख्या बल को देखें तो शिवसेना (यूबीटी) के पास 20, कांग्रेस के पास 16 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के पास 10 विधायकों का समर्थन है।

यह भी पढ़े:- खाड़ी में तनाव से तेल संकट की आशंका,पर भारत ने कर ली रूस वाली तैयारी

इधर, आदित्य ठाकरे ने कहा है कि वार्ता जारी है और रोटेशन नीति के अनुसार शिवसेना (यूबीटी) का दावा मजबूत है। वहीं कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भी सीट पर अपना दावा बरकरार रखने की बात कही है।

क्या बनेगा समझौता?

सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि यह मुद्दा टकराव में न बदले। यदि समझौता नहीं हुआ तो विपक्षी एकजुटता पर असर पड़ सकता है।

अब निगाहें 5 मार्च की नामांकन अंतिम तिथि और 16 मार्च को होने वाले चुनाव पर टिकी हैं, जहां यह साफ होगा कि एमवीए के भीतर यह रार सुलझती है या और गहराती है।

खाड़ी में तनाव से तेल संकट की आशंका,पर भारत ने कर ली रूस वाली तैयारी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। वायदा बाजार में कीमत 504 रुपये चढ़कर 6,596 रुपये प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। साथ ही होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर हमलों की खबरों ने आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यह संकरा समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है और वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम रास्ता माना जाता है।

भारत की चिंता क्यों बढ़ी?

भारत अपने कुल कच्चे तेल की जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक आयात करता है। इसमें से करीब आधा तेल होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आता है। खासतौर पर इराक, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत से बड़ी मात्रा में तेल और एलपीजी की आपूर्ति होती है। ऐसे में क्षेत्रीय अस्थिरता भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा असर डाल सकती है।

रूस से आयात बढ़ाने की तैयारी

सरकार ने हालात की समीक्षा शुरू कर दी है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का आकलन किया। सूत्रों के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़ाया जा सकता है ताकि आपूर्ति प्रभावित न हो।

भारत के पास लगभग 74 दिनों का रणनीतिक कच्चा तेल भंडार मौजूद है। इससे शुरुआती झटकों को संभाला जा सकता है, लेकिन यदि तनाव लंबा खिंचता है तो भंडार पर दबाव बढ़ सकता है।

गैस आपूर्ति पर भी नजर

फरवरी 2026 में भारत ने 2.03 मिलियन टन एलपीजी आयात किया, जिसमें से 1.66 मिलियन टन खाड़ी देशों से आया। ऐसे में गैस आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए भी वैकल्पिक मार्गों और स्रोतों पर विचार किया जा रहा है।

ईरान और ओपेक प्लस फैक्टर

ईरान प्रतिदिन करीब 16 लाख बैरल तेल का निर्यात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा चीन को जाता है। यदि यह आपूर्ति बाधित होती है तो वैश्विक बाजार में कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।

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इस बीच, ओपेक प्लस ने अप्रैल से उत्पादन 2.06 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़ाने का फैसला किया है, लेकिन यदि पश्चिम एशिया में हालात नहीं सुधरे तो इसका असर सीमित रह सकता है।

40 देशों से तेल खरीद रहा भारत

ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिए भारत अब करीब 40 देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है। 2022 से पहले यह संख्या 27 थी। आयात स्रोतों में विविधता लाकर भारत संभावित संकट से निपटने की तैयारी कर चुका है।

कुल मिलाकर, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए चिंता का विषय है। हालांकि, भारत ने वैकल्पिक आपूर्ति और रणनीतिक भंडार के जरिए शुरुआती जोखिमों को कम करने की दिशा में कदम उठाए हैं।

ईरान, सऊदी अरब, कतर और दुबई में बसे हैं कितने भारतीय, जिनकी टेंशन में है सरकार; कहां सबसे ज्यादा आबादी?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- युद्ध के चलते ईरान में बड़ी संख्या में भारत के लोग फंस गए हैं और कोई खुद वीडियो बनाकर सरकार से अपील कर रहा है तो कहीं परिजन ही गुहार लगा रहे हैं। यही नहीं संयुक्त अरब अमीरात में ईरान की ओर से किए गए हमलों ने भी कोहराम मचा दिया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस बीच यूएई के नेता से बात की है तो वहीं इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से भी बात की है। भारत सरकार की अपने नागरिकों को लेकर यह चिंता वाजिब भी है क्योंकि भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी ईरान और इजरायल समेत पश्चिम एशिया के कई देशों में बसी है। इन देशों में करीब एक करोड़ भारतीय बसे हुए हैं।

बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक ईरान, सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) समेत कई देशों में रहते और काम करते हैं। हालिया घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्रीय नेताओं से बातचीत कर शांति की अपील की है।

ईरान और इजरायल में कितने भारतीय?

तनाव के बीच खबरें हैं कि ईरान में लगभग 10 हजार भारतीय नागरिक मौजूद हैं। वहीं इजरायल में करीब 40 हजार भारतीय रहते हैं। संघर्ष की स्थिति में इनकी सुरक्षा भारत सरकार की प्राथमिकता बन जाती है।

यूएई में सबसे बड़ी भारतीय आबादी

सबसे अधिक भारतीय संयुक्त अरब अमीरात में बसे हैं। देश की कुल आबादी लगभग 1.1 करोड़ के आसपास है, जिसमें करीब 30 प्रतिशत भारतीय मूल के लोग बताए जाते हैं। यानी संख्या लाखों में है। इनमें बड़ी तादाद कामगारों, पेशेवरों और कारोबारियों की है। यूएई के शहर दुबई में भारतीय समुदाय का प्रभाव विशेष रूप से दिखाई देता है।

सऊदी अरब में भी बड़ी तादाद

सऊदी अरब में भी भारतीयों की आबादी काफी अधिक है। यूएई और सऊदी अरब मिलाकर पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीयों का लगभग आधा हिस्सा बसता है। यहां कामगारों के साथ-साथ तकनीकी और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोग बड़ी संख्या में हैं।

कतर में आबादी का चौथाई हिस्सा भारतीय

कतर की कुल आबादी करीब 31 लाख के आसपास मानी जाती है, जिनमें लगभग 8 लाख भारतीय हैं। यानी वहां की आबादी का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा भारतीय मूल का है।

अन्य देशों में भी बड़ी मौजूदगी

इसके अलावा ओमान, बहरीन, मिस्र और लेबनान जैसे देशों में भी भारतीय समुदाय की उल्लेखनीय उपस्थिति है। कुल मिलाकर पश्चिम एशिया में भारतीयों की संख्या करीब एक करोड़ के आसपास आंकी जाती है।

भारत के लिए क्यों अहम है यह क्षेत्र?

इन देशों से भारत को बड़े पैमाने पर विदेशी मुद्रा (रेमिटेंस) प्राप्त होती है। यहां काम कर रहे भारतीय हर साल अरबों डॉलर भारत भेजते हैं। ऐसे में क्षेत्रीय अस्थिरता का असर सिर्फ मानवीय ही नहीं, आर्थिक रूप से भी भारत पर पड़ सकता है।

इसी वजह से भारत लगातार संवाद और कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहा है, ताकि वहां बसे लाखों भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Aaj Ka Rashifal 3 March 2026: चंद्र-केतु योग से बढ़ सकती है मानसिक बेचैनी, जानें सभी 12 राशियों का हाल

Aaj Ka Rashifal 3 March 2026: आज ग्रहों की स्थिति कुछ उतार-चढ़ाव भरी रहेगी। गुरु मिथुन राशि में वक्री हैं। चंद्रमा और केतु का योग मानसिक स्थिति, प्रेम संबंधों और संतान पक्ष पर असर डाल सकता है। अहम फैसले फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। खासतौर पर लेखन, कला और रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि यह प्रभाव अल्पकालिक है। कुंभ राशि में सूर्य, बुध, मंगल और राहु का संयोग बना हुआ है, जबकि शुक्र और शनि मीन राशि में हैं। आइए जानते हैं सभी राशियों का विस्तृत हाल—

मेष राशि

आज मानसिक तनाव बना रह सकता है। बच्चों की सेहत को लेकर सतर्क रहें। प्रेम संबंधों में तकरार की आशंका है। बड़े फैसले लेने से बचें। कारोबार सामान्य रहेगा। लाल रंग की वस्तु अपने पास रखना लाभकारी हो सकता है।

वृषभ राशि

गृहस्थ जीवन में तनाव के संकेत हैं। स्वयं और माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। जमीन, मकान या वाहन की खरीद फिलहाल टालें। व्यापार ठीक चलेगा। गणेश जी की पूजा और हरी वस्तु पास रखना शुभ रहेगा।

मिथुन राशि

नया व्यापार शुरू करने का समय नहीं है। पहले से बनी योजनाओं को फिलहाल रोककर रखें। गले, नाक या कान से जुड़ी समस्या हो सकती है। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। काली माता की आराधना लाभ देगी।

कर्क राशि

आज निवेश से बचें। जुआ-सट्टा या जोखिम भरे निवेश नुकसान दे सकते हैं। वाणी पर नियंत्रण रखें। मुंह से जुड़ी परेशानी हो सकती है। बजरंगबली को प्रणाम करना और काली वस्तु का दान शुभ रहेगा।

सिंह राशि

ऊर्जा बनी रहेगी, लेकिन भीतर बेचैनी और अज्ञात भय भी हो सकता है। स्वास्थ्य थोड़ा प्रभावित रहेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। शनिदेव की उपासना लाभकारी रहेगी।

कन्या राशि

अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है, जिससे मन अशांत रहेगा। सिरदर्द या आंखों में तकलीफ हो सकती है। विरोधियों पर बढ़त रहेगी। प्रेम और व्यापार के लिहाज से दिन अनुकूल है। शनिदेव को प्रणाम करें।

तुला राशि

आय के नए अवसर बनेंगे, लेकिन विवाद भी साथ आ सकते हैं। यात्रा से लाभ संभव है, भले ही कष्ट हो। दिन मिश्रित फल देने वाला है। काली माता की पूजा शुभ फल देगी।

वृश्चिक राशि

कानूनी मामलों में उलझन संभव है। पिता और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। व्यापार सामान्य रहेगा। पीले रंग की वस्तु रखना शुभ माना गया है।

धनु राशि

मान-सम्मान को लेकर सावधानी बरतें। किस्मत के भरोसे काम न करें। व्यापार अच्छा चलेगा, लेकिन प्रेम संबंधों में थोड़ी दूरी रह सकती है। लाल वस्तु पास रखना शुभ होगा।

मकर राशि

चोट लगने या दुर्घटना की आशंका है, सतर्क रहें। परिस्थितियां कुछ प्रतिकूल रह सकती हैं। हालांकि व्यापार में स्थिति बेहतर रहेगी। हरे रंग की वस्तु लाभ दे सकती है।

कुंभ राशि

दांपत्य जीवन में संयम बरतें। नौकरी में रुकावटें आ सकती हैं, लेकिन अंततः लाभ होगा। व्यापार और प्रेम संबंध सामान्य रहेंगे। हरी वस्तु पास रखना शुभ रहेगा।

मीन राशि

स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। विरोधी सक्रिय रहेंगे, पर आपका प्रभाव बना रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष थोड़ा कमजोर है। शिवजी का जलाभिषेक और तांबे की वस्तु का दान लाभकारी माना गया है।

लातों के भूत बातों से नहीं मानते, योगी आदित्यनाथ ने होलिका दहन पर दिया सख्त संदेश, बोले—अराजक तत्व हिरण्यकश्यप जैसे

गोरखपुर/सर्वोदय न्यूज़:- होली पर्व से पहले आयोजित होलिका दहन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अराजकता और अपराध पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि समाज में उपद्रव फैलाने वाले तत्व हिरण्यकश्यप जैसे होते हैं, जो समझाने से नहीं मानते। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्ती जरूरी होती है।

मुख्यमंत्री सोमवार शाम पांडेयहाता में होलिकादहन उत्सव समिति द्वारा आयोजित भक्त प्रह्लाद शोभायात्रा के शुभारंभ अवसर पर जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं भी दीं और कहा कि उत्तर प्रदेश अब भय और अराजकता से मुक्त होकर सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक बन चुका है।

‘प्रदेश में अब भय और अराजकता का माहौल नहीं’

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले त्योहारों के दौरान तनाव और कर्फ्यू जैसी स्थितियां बन जाती थीं, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश में सभी वर्गों के लोगों को सुरक्षा और सम्मान का वातावरण मिल रहा है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश तेजी से विकास और सांस्कृतिक गौरव की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

होलिका दहन और भक्त प्रह्लाद की कथा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में भी अधर्म और अत्याचार के अंत के लिए भगवान विष्णु ने नृसिंह अवतार लिया था। इसी प्रकार समाज में अराजकता फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई आवश्यक है।

गोरखपुर के विरासत गलियारा परियोजना का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में बन रहे विरासत गलियारा परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि यह प्रदेश का प्रमुख आकर्षण केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से प्रभावित व्यापारियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है, जिसमें घण्टाघर क्षेत्र और अन्य स्थानों पर दुकानों और कॉम्प्लेक्स का निर्माण शामिल है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि सभी को विकास के साथ जोड़ना है। विरासत गलियारा बनने से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां मजबूत होंगी।

होली शांति और सौहार्द के साथ मनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने लोगों से होली का पर्व शांति, सौहार्द और सामाजिक समरसता के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी पर जबरन रंग न डालें और ऐसा कोई कार्य न करें जिससे विवाद की स्थिति बने। उन्होंने अशोभनीय गीतों और अनुचित व्यवहार से बचने की भी सलाह दी।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने भक्त प्रह्लाद की आरती उतारी और उपस्थित लोगों के साथ पुष्प वर्षा करते हुए फूलों की होली खेली। इस दौरान जनप्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

जनप्रतिनिधियों ने भी किया संबोधन

कार्यक्रम में सांसद रवि किशन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की और प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम को महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव व गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, भाजपा के महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, होलिकादहन उत्सव समिति के समस्त पदाधिकारी और बड़ी संख्या में व्यापारी व आमजन उपस्थित रहे।

युद्ध के बीच राहत: UAE ने फंसे यात्रियों के लिए शुरू की स्पेशल फ्लाइट्स

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच फंसे यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। United Arab Emirates (UAE) की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने घोषणा की है कि देश के प्रमुख हवाई अड्डों से विशेष उड़ानें संचालित की जा रही हैं, ताकि युद्ध के कारण प्रभावित यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके।

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया था, जिससे दुबई और अबू धाबी सहित कई एयरपोर्ट्स पर हजारों उड़ानें रद्द हो गईं। लाखों यात्री प्रभावित हुए। UAE सरकार पहले ही फंसे यात्रियों के लिए ठहरने और भोजन की व्यवस्था कर चुकी है। अब उनकी प्राथमिकता सुरक्षित वापसी है।

क्षेत्रीय तनाव से हवाई सेवाएं प्रभावित

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र की उड़ानों पर पड़ा है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सैन्य ठिकानों और रणनीतिक स्थानों को निशाना बनाया गया, जिसके बाद कई देशों ने सुरक्षा कारणों से अपने हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से बंद कर दिए।

हालांकि इन घटनाओं से जुड़े कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी विभिन्न स्तरों पर की जा रही है।

एयरलाइंस ने सीमित सेवाएं फिर से शुरू कीं

स्थिति सामान्य करने के प्रयास में यूएई की प्रमुख एयरलाइन एमिरेट्स एयरलाइंस ने सीमित उड़ानें बहाल करने की घोषणा की है। वहीं एतिहाद एयरवेज ने मॉस्को, एम्स्टर्डम और पेरिस जैसे शहरों के लिए विशेष उड़ानों का संचालन शुरू किया है। इसके अलावा फ्लाईदुबई ने भी कुछ मार्गों पर सेवाएं दोबारा शुरू की हैं।

दूसरी ओर, कतर एयरवेज ने फिलहाल अपनी उड़ानों को निलंबित रखा है और स्थिति की समीक्षा के बाद आगे की जानकारी देने की बात कही है।

वैश्विक स्तर पर लाखों यात्री प्रभावित

इस संकट का असर दुनिया भर के यात्रियों पर पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडोनेशिया के लगभग 58 हजार उमराह यात्री सऊदी अरब में फंसे हुए हैं। वहीं जर्मनी के हजारों पर्यटक विभिन्न स्थानों पर रुके हुए हैं।

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कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस, जिनमें एयर इंडिया, एयर फ्रांस और केएलएम शामिल हैं, ने मध्य पूर्व के लिए अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द कर दी हैं।

सरकारें और एजेंसियां अलर्ट पर

स्थिति को देखते हुए कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

विशेष उड़ानों की शुरुआत से फंसे यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि क्षेत्र में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।