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सोनम वांगचुक की हिरासत खत्म करने का फैसला,सरकार का बड़ा फैसला

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- केंद्र सरकार ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए उनकी हिरासत समाप्त करने का निर्णय लिया है। गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत उनकी गिरफ्तारी को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है, जिसके बाद उन्हें रिहा किए जाने का रास्ता साफ हो गया है।

इस मामले में इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए कहा था कि अदालत इस सप्ताह वांगचुक के भाषणों से जुड़े वीडियो देखेगी। उनकी पत्नी गीतांजलि जे. एंग्मो ने रासुका के तहत हुई हिरासत को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी, जिस पर अंतिम सुनवाई 17 मार्च को तय की गई थी।

न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी. बी. वराले की पीठ ने कहा था कि जज पहले अलग-अलग वीडियो देखेंगे और उसके बाद दोनों मिलकर उनकी समीक्षा करेंगे। इसके लिए अदालत ने रजिस्ट्रार को वीडियो की स्क्रीनिंग की व्यवस्था करने का निर्देश भी दिया था।

केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज ने अदालत को बताया था कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता अस्वस्थ हैं, इसलिए सुनवाई टालने का अनुरोध किया गया था। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा था कि मामले में बार-बार स्थगन से देश में गलत संदेश जा रहा है।

पीठ ने स्पष्ट किया था कि अगली सुनवाई 17 मार्च को अंतिम रूप से होगी और उस दिन बहस पूरी होने के बाद अदालत फैसला सुरक्षित रखेगी। अदालत ने यह भी कहा था कि उस दौरान किसी नए मुद्दे पर बहस की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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इससे पहले 26 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई होली की छुट्टियों के बाद तक के लिए टाल दी थी। इस मामले में पहले भी कई बार सुनवाई स्थगित हो चुकी थी, क्योंकि विभिन्न पक्षों के वकील उपलब्ध नहीं थे।

वहीं केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन ने अदालत को बताया था कि वांगचुक को सीमावर्ती क्षेत्र में लोगों को भड़काने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। प्रशासन का कहना था कि 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा की घटना में चार लोगों की मौत हुई थी और 161 लोग घायल हुए थे, जिसके बाद कार्रवाई की गई थी।

पेट्रोल-डीजल सेफ, तो फिर LPG गैस कैसे हो गई ‘आउट ऑफ स्टॉक’?पूरी पड़ताल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- जब भी मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता है, पूरी दुनिया की नजरें ऊर्जा आपूर्ति पर टिक जाती हैं। ओमान और ईरान के बीच स्थित हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे अहम मार्ग माना जाता है। आम तौर पर माना जाता है कि यहां किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ेगा।

लेकिन हालिया घटनाक्रम ने एक अलग तस्वीर पेश की है। इस बार सबसे ज्यादा असर पेट्रोल या डीजल पर नहीं, बल्कि घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी गैस पर दिखाई दे रहा है। देश के कई शहरों—दिल्ली, नोएडा, मुंबई, बेंगलुरु और छोटे कस्बों—में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई जगह रेस्टोरेंट और ढाबे गैस की कमी के कारण मेन्यू सीमित कर रहे हैं या अस्थायी रूप से बंद हो रहे हैं। वहीं कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें ब्लैक मार्केट में हजारों रुपये तक पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं।

दिलचस्प बात यह है कि पेट्रोल पंपों पर स्थिति सामान्य बनी हुई है। न तो लंबी कतारें हैं और न ही कीमतों में अचानक उछाल देखने को मिला है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि हॉर्मुज संकट का असर एलपीजी पर ही क्यों पड़ा?

हॉर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना अहम?

फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला यह लगभग 21 मील चौड़ा समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा ‘चोकपॉइंट्स’ में गिना जाता है। वैश्विक तेल और गैस व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।

सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और इराक जैसे बड़े ऊर्जा निर्यातक देशों की आपूर्ति इसी मार्ग पर निर्भर है। हालिया तनाव और सुरक्षा खतरे के कारण इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई, जिससे ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया।

एलपीजी पर सबसे पहले क्यों पड़ा असर?

भारत में एलपीजी की मांग तेजी से बढ़ी है। देश में हर साल लगभग 3 करोड़ टन से अधिक एलपीजी की खपत होती है, लेकिन घरेलू उत्पादन इससे काफी कम है। शेष जरूरतें मुख्य रूप से खाड़ी देशों से आयात के जरिए पूरी की जाती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार भारत आने वाली एलपीजी खेप का लगभग 80–90 प्रतिशत हिस्सा हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ऐसे में जब इस मार्ग पर बाधा आई, तो एलपीजी टैंकरों की आपूर्ति प्रभावित हो गई और घरेलू बाजार में कमी दिखाई देने लगी।

एलपीजी के लिए सीमित भंडारण क्षमता

एलपीजी संकट की एक बड़ी वजह इसका सीमित भंडारण भी है। कच्चे तेल के विपरीत एलपीजी को तरल अवस्था में सुरक्षित रखने के लिए उच्च दबाव या बेहद कम तापमान वाले विशेष टैंकों की जरूरत होती है। यह व्यवस्था महंगी और तकनीकी रूप से जटिल होती है।

इसी कारण दुनिया के अधिकांश देशों की तरह भारत के पास भी एलपीजी का बड़ा रणनीतिक भंडार नहीं है। आपूर्ति बाधित होने पर इसका असर कुछ ही दिनों में उपभोक्ताओं तक पहुंच जाता है।

पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं हुए प्रभावित?

पेट्रोल और डीजल कच्चे तेल से तैयार होते हैं, और इस मामले में भारत ने पिछले वर्षों में अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया है। भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात करता है। हाल के समय में रूस प्रमुख आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है, जबकि इराक और सऊदी अरब भी बड़े स्रोत हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत के करीब 70 प्रतिशत कच्चे तेल का आयात ऐसे मार्गों से आता है जो हॉर्मुज से नहीं गुजरते। इसके अलावा देश के पास रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार भी है, जिससे आपातकालीन स्थिति में कई हफ्तों तक जरूरत पूरी की जा सकती है।

रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार का सहारा

भारत ने कच्चे तेल के लिए रणनीतिक भंडारण प्रणाली विकसित की है। विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पाडुर में भूमिगत चट्टानी गुफाओं में कच्चा तेल जमा रखा जाता है। रिफाइनरियों और तेल कंपनियों के वाणिज्यिक भंडार को मिलाकर देश के पास कई सप्ताह की मांग पूरी करने लायक तेल उपलब्ध रहता है।

एलपीजी के मामले में स्थिति कमजोर

एलपीजी के लिए भंडारण क्षमता बेहद सीमित है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक भारत के पास एलपीजी के भूमिगत भंडार की कुल क्षमता लगभग 1.4 लाख टन है, जो देश की खपत के हिसाब से दो दिन से भी कम की जरूरत पूरी कर सकती है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की गैस आपूर्ति व्यवस्था बड़े भंडारण के बजाय निरंतर आयात और वितरण प्रणाली पर आधारित है।

उज्ज्वला योजना से बढ़ी मांग

पिछले दशक में रसोई गैस की मांग तेजी से बढ़ी है। सरकारी योजनाओं के चलते एलपीजी कनेक्शन का विस्तार ग्रामीण इलाकों तक हुआ है।

2010 में जहां एलपीजी कनेक्शन लगभग 10.6 करोड़ थे, वहीं 2025 तक यह संख्या बढ़कर करीब 33 करोड़ तक पहुंच गई। लकड़ी और बायोमास से एलपीजी की ओर यह बदलाव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिहाज से सकारात्मक रहा है, लेकिन इससे देश की निर्भरता एलपीजी आपूर्ति पर काफी बढ़ गई है।

सरकार ने क्या किया? एलपीजी के लिए इमरजेंसी मोड

एलपीजी आपूर्ति को स्थिर करने के लिए सरकार और तेल कंपनियों ने कई कदम उठाए हैं। रिफाइनरियों को कच्चे तेल से एलपीजी की रिकवरी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा पेट्रोकेमिकल उद्योग में इस्तेमाल होने वाले प्रोपेन और ब्यूटेन को अस्थायी रूप से एलपीजी उत्पादन की ओर मोड़ा जा रहा है।

सरकार खाड़ी क्षेत्र के बाहर—जैसे अमेरिका और पश्चिम अफ्रीका—से भी अतिरिक्त एलपीजी कार्गो मंगाने की कोशिश कर रही है। हालांकि इन शिपमेंट को भारत तक पहुंचने में अधिक समय लग सकता है और लागत भी ज्यादा हो सकती है।

कांग्रेस के कारण ही बनानी पड़ी बसपा, कांशीराम के नाम पर राजनीति का ढोंग कर रही कांग्रेस: मायावती का तीखा हमला

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख Mayawati ने कांग्रेस पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि कांग्रेस की नीतियों और दलितों के प्रति उपेक्षा के कारण ही Kanshi Ram को Bahujan Samaj Party बनानी पड़ी थी।

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस पर दलित नेताओं के सम्मान को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने संविधान निर्माता B. R. Ambedkar को लंबे समय तक उचित सम्मान नहीं दिया, वह आज कांशीराम के नाम पर राजनीति करने का दिखावा कर रही है।

कांग्रेस और सपा पर लगाए गंभीर आरोप

मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने कई दशकों तक केंद्र की सत्ता संभाली, लेकिन इसके बावजूद बाबा साहेब अंबेडकर को भारत रत्न देने में देरी हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि जो पार्टी बाबा साहेब का सम्मान नहीं कर सकी, वह आज कांशीराम को सम्मान देने की बात कैसे कर सकती है।

बसपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि जब कांशीराम का निधन हुआ था, उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, लेकिन राष्ट्रीय शोक की घोषणा तक नहीं की गई

उन्होंने Samajwadi Party पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश की सरकार ने भी राजकीय शोक घोषित नहीं किया था। मायावती के अनुसार, ये दोनों दल दलित महापुरुषों के प्रति हमेशा संकुचित सोच रखते आए हैं।

दलित संगठनों और अन्य दलों को चेतावनी

मायावती ने कुछ छोटे दलित संगठनों और अन्य राजनीतिक दलों पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन कांशीराम के नाम का इस्तेमाल अपनी राजनीति चमकाने के लिए कर रहे हैं और इससे बसपा को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

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उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसे “राजनीतिक हथकंडों” से सावधान रहें।

15 मार्च को कांशीराम जयंती पर कार्यक्रम

मायावती ने कहा कि 15 मार्च 2026 को कांशीराम की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में बसपा की ओर से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इन कार्यक्रमों को भव्य और सफल बनाने की अपील की।

मायावती के अनुसार, बसपा ही वह पार्टी है जो कांशीराम के सिद्धांतों पर चलते हुए दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है।

बहराइच: बौंडी फतेहउल्लापुर में सामाजिक सुरक्षा व जागरूकता कैंप का आयोजन, 80 लोगों को योजनाओं से जोड़ा गया

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:– उत्तर प्रदेश के बहराइच  जिले के तेजवापुर ब्लॉक अंतर्गत ग्रामसभा बौंडी फतेहउल्लापुर में शुक्रवार (13 मार्च 2026) को सामाजिक सुरक्षा और जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम Uttar Pradesh Welfare for People Living with HIV/AIDS Society की ओर से आयोजित किया गया।

कैंप का उद्देश्य गरीबी, बीमारी, वृद्धावस्था और बेरोजगारी जैसी परिस्थितियों से जूझ रहे लोगों को वित्तीय और सामाजिक सहायता योजनाओं की जानकारी देना और उन्हें इन योजनाओं से जोड़ना था।

प्रमुख सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

कार्यक्रम में संस्था के जिला समन्वयक आशुतोष शुक्ल और सोशल मोबिलाइजर दीपेश, सीमा और निशा तिवारी ने मौजूद लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

इनमें प्रमुख रूप से

  • Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana (आयुष्मान भारत)
  • E-Shram Card Scheme
  • PM Vishwakarma Scheme
  • Pradhan Mantri Ujjwala Yojana
  • Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana
  • Atal Pension Yojana
  • Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act

जैसी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।

80 लोगों को योजनाओं से जोड़ा गया

कैंप के दौरान करीब 80 पात्र लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया, ताकि उन्हें स्वास्थ्य, बीमा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित लाभ मिल सके।

कई स्थानीय लोग रहे मौजूद

इस सामाजिक सुरक्षा कैंप में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोहम्मद यूसुफ, आशा कार्यकर्ता यासमीन, बीना सिंह, रीतू कुमारी, आशा संगिनी परवीन जहां, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सोनी सिंह और गोल्डी सिंह समेत गांव के कई लोग मौजूद रहे।

Aaj Ka Rashifal 14 March 2026: जानें आज किन राशियों को मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सतर्क

Aaj Ka Rashifal 14 March 2026, शनिवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के कारण कई राशियों के लिए बदलाव लेकर आ सकता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार गुरु मिथुन राशि में, केतु सिंह में और चंद्रमा सूर्योदय के समय धनु राशि में रहेगा। वहीं सूर्य, मंगल, बुध और राहु कुंभ राशि में तथा शुक्र और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। आने वाले समय में सूर्य के राशि परिवर्तन का प्रभाव जनमानस पर मिलाजुला रह सकता है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का आज का राशिफल।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन सकारात्मक रहने वाला है। व्यापार में सफलता मिलने के योग बन रहे हैं और कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में भी राहत मिल सकती है। स्वास्थ्य, प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए परिस्थितियां धीरे-धीरे अनुकूल हो रही हैं। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, हालांकि प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में थोड़ी सावधानी बरतनी होगी। व्यापार की स्थिति संतोषजनक रहेगी।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को जरूरी काम सुबह जल्दी निपटाने की सलाह दी जाती है। इसके बाद का समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। स्वास्थ्य पर ध्यान दें, जबकि प्रेम और संतान की स्थिति अच्छी रहेगी।

कर्क राशि

कर्क राशि के लोगों के लिए धीरे-धीरे अच्छे समय की शुरुआत हो सकती है। स्वास्थ्य में सुधार होगा और नौकरी-व्यवसाय में भी स्थिति बेहतर हो सकती है। हालांकि फिलहाल कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों की सेहत में सुधार देखने को मिलेगा। भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। पढ़ाई-लिखाई और रचनात्मक कार्यों में समय बिताना लाभदायक रहेगा। व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी।

कन्या राशि

कन्या राशि के विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा है। हालांकि बड़े फैसले लेने से अभी बचना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और व्यापार भी सामान्य से बेहतर रह सकता है।

तुला राशि

तुला राशि वालों को पारिवारिक विवाद या गृह-क्लेश से बचने की जरूरत है। हालांकि भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि हो सकती है और संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातक आज ऊर्जावान और पराक्रमी बने रहेंगे। इसका लाभ व्यापार और कार्यक्षेत्र में मिल सकता है। स्वास्थ्य थोड़ा प्रभावित हो सकता है, लेकिन बाकी क्षेत्र अनुकूल रहेंगे।

धनु राशि

धनु राशि के लोगों के लिए धन लाभ के योग बन रहे हैं। परिवार में खुशहाली बढ़ेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। स्वास्थ्य और व्यापार दोनों अनुकूल रहेंगे।

मकर राशि

मकर राशि के जातक आज आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। जीवन में जरूरी चीजें समय पर उपलब्ध होंगी। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार की स्थिति संतोषजनक बनी रहेगी।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के खर्च बढ़ सकते हैं, जिससे मानसिक चिंता हो सकती है। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव है, हालांकि व्यापार सामान्य बना रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए दिन शुभ संकेत दे रहा है। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है और आय के नए स्रोत भी बन सकते हैं। परिवार से जुड़े अच्छे समाचार मिल सकते हैं।

जंग के बीच होर्मुज से निकलने को तैयार भारत के 22 जहाज, LPG संकट से मिल सकती है राहत?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ऊर्जा सप्लाई को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है। इसी बीच Strait of Hormuz से भारत के जहाजों को निकालने की तैयारी तेज कर दी गई है। मुंबई स्थित Directorate General of Shipping के अनुसार 22 जहाजों की पहचान कर ली गई है, जिन्हें रास्ता साफ होते ही सबसे पहले सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारत Iran के साथ बातचीत कर रहा है ताकि क्षेत्र में फंसे करीब 30 व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित निकाला जा सके। रिपोर्ट्स के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में इस समय लगभग 28 जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें से 24 होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में और 4 जहाज होर्मुज व Gulf of Oman के आसपास के जल क्षेत्र में मौजूद हैं।

हमलों के बाद बंद हुआ होर्मुज स्ट्रेट

रिपोर्ट्स के मुताबिक Israel और United States द्वारा हमले के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था। इस कदम से भारत समेत कई देशों में ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई।

भारतीय अधिकारियों के अनुसार जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए नेवल एस्कॉर्ट जैसे सुरक्षा विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।

LPG और LNG की बड़ी खेप

पहचाने गए 22 जहाजों में से 13 भारतीय झंडे वाले हैं, जबकि बाकी अन्य देशों के हैं। इन जहाजों पर बड़ी मात्रा में ऊर्जा संसाधन लदे हुए हैं।

  • 3 जहाजों पर LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस)
  • 11 जहाजों पर LPG (रसोई गैस)
  • 8 जहाजों पर कच्चा तेल

रिपोर्ट्स के अनुसार इन जहाजों में लगभग

  • 2,15,000 मीट्रिक टन LNG
  • 4,15,000 मीट्रिक टन LPG
  • 17,50,000 मीट्रिक टन कच्चा तेल

मौजूद है। अगर ये जहाज सुरक्षित भारत पहुंचते हैं तो देश में चल रहे LPG संकट से कुछ राहत मिल सकती है।

215 नाविकों को निकाला गया

रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार अब तक इस युद्ध क्षेत्र में फंसे 215 नाविकों को सुरक्षित निकाल चुकी है। इसके अलावा तीन भारतीय कंटेनर जहाजों की भी पहचान की गई है, जिन्हें सुरक्षित बाहर लाने की तैयारी की जा रही है।

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मोदी और ईरान के राष्ट्रपति के बीच बातचीत

इस बीच Narendra Modi और Masoud Pezeshkian के बीच गुरुवार को फोन पर बातचीत हुई। युद्ध शुरू होने के बाद दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच यह पहली बातचीत बताई जा रही है।

इससे पहले Subrahmanyam Jaishankar और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच भी लगातार संपर्क बना हुआ है।

लखनऊ में राहुल गांधी का बयान: ‘कांग्रेस की कमियों की वजह से कांशीराम राजनीति में सफल हुए’

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में आयोजित कांग्रेस के संविधान सम्मेलन में Rahul Gandhi ने पार्टी की कार्यप्रणाली और उसकी कमियों पर खुलकर बात की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कुछ कमजोरियों के कारण ही बहुजन आंदोलन के नेता Kanshi Ram को राजनीति में आगे बढ़ने का मौका मिला।

राहुल गांधी ने कहा कि अगर कांग्रेस में कमियां न होतीं तो कांशीराम जैसे नेता राजनीति में इतने प्रभावी तरीके से उभर नहीं पाते। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सामाजिक बदलाव के जिस रास्ते पर आगे बढ़ रही थी, उसे और तेज गति से चलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

सामाजिक बदलाव की राजनीति पर जोर

राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि कांग्रेस का मूल उद्देश्य समाज में समानता और सामाजिक न्याय को मजबूत करना रहा है। हालांकि, पार्टी को इस दिशा में और सक्रिय होकर काम करना चाहिए था।

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उन्होंने स्वीकार किया कि पार्टी के भीतर कुछ ऐसी कमियां थीं, जिनकी वजह से राजनीतिक स्तर पर दूसरे नेताओं और दलों को जगह मिली।

संविधान और सामाजिक न्याय पर चर्चा

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने संविधान की मूल भावना और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश में समान अवसर और अधिकार सुनिश्चित करने के लिए संविधान की भावना को मजबूत रखना जरूरी है।

ईरान युद्ध के बीच क्रैश हुआ अमेरिकी टैंकर विमान, 4 क्रू की मौत; हवा में भर रहा था ईंधन

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच United States को भी बड़ा नुकसान हुआ है। अमेरिकी सेना ने जानकारी दी है कि ईंधन भरने वाला एक सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार छह क्रू सदस्यों में से चार की मौत हो गई।

इस घटना की पुष्टि United States Central Command ने शुक्रवार को की। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि विमान के क्रैश होने में फिलहाल दुश्मन की गोलीबारी या अपने पक्ष की फायरिंग का कोई संकेत नहीं मिला है। मामले की जांच जारी है।

हवा में ईंधन भरते समय हुआ हादसा

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार दुर्घटना में दो विमान शामिल थे। क्रैश हुआ विमान Boeing KC-135 Stratotanker था, जो हवा में उड़ते हुए अन्य लड़ाकू विमानों को ईंधन उपलब्ध कराने का काम करता है। यह विमान ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों का हिस्सा था।

हादसे के बाद दूसरा विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर गया, जबकि दुर्घटनाग्रस्त विमान में सवार चार क्रू सदस्यों की मौत हो गई और दो को बचा लिया गया।

हवा में टक्कर की आशंका

सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो और तस्वीरों में एक अन्य अमेरिकी टैंकर विमान को Tel Aviv एयरपोर्ट पर उतरते हुए देखा गया है। बताया जा रहा है कि उसके पिछले हिस्से को नुकसान पहुंचा हुआ था।

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कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आशंका जताई जा रही है कि दोनों टैंकर विमान हवा में एक-दूसरे से टकरा गए होंगे, जिसकी वजह से एक विमान क्रैश हो गया। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

पहले भी गिर चुके हैं अमेरिकी विमान

रिपोर्ट्स के अनुसार इस संघर्ष के दौरान अब तक अमेरिका के चार सैन्य विमान गिरने की पुष्टि हो चुकी है। इससे पहले तीन McDonnell Douglas F-15 Eagle लड़ाकू विमान भी दुर्घटनाग्रस्त हो चुके थे।

अमेरिकी अभियानों के लिए बेहद अहम KC-135

Boeing द्वारा निर्मित KC-135 स्ट्रैटोटैंकर अमेरिकी वायुसेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण विमान माना जाता है। यह हवा में उड़ते हुए लड़ाकू विमानों को ईंधन उपलब्ध कराता है, जिससे उनकी लंबी दूरी तक उड़ान भरने की क्षमता बढ़ जाती है।

इस विमान में चार टर्बोफैन इंजन लगे होते हैं और यह लगभग 146 टन वजन के साथ उड़ान भर सकता है। पिछले छह दशकों से यह अमेरिकी सैन्य अभियानों में अहम भूमिका निभा रहा है और मौजूदा संघर्ष में भी इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

महिलाओं का करियर खत्म हो जाएगा, कोई नौकरी भी नहीं देगा; सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय न्यूज़:- देशभर में कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के लिए मासिक धर्म अवकाश (Menstrual Leave) लागू करने की मांग वाली जनहित याचिका पर Supreme Court of India ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए स्पष्ट रुख अपनाया। अदालत ने ऐसी नीति को कानूनन लागू करने की मांग पर विचार करने से इनकार कर दिया।

सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि यदि इस तरह का प्रावधान अनिवार्य कर दिया गया, तो इसका उल्टा असर पड़ सकता है और कंपनियां महिलाओं को नौकरी देने से कतराने लगेंगी।

‘महिलाओं के करियर पर पड़ सकता है असर’

यह मामला Surya Kant और Joymalya Bagchi की पीठ के सामने आया था। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस तरह की याचिकाएं कई बार महिलाओं को कमतर आंकने का संदेश भी देती हैं।

पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मासिक धर्म कोई नकारात्मक चीज नहीं है, बल्कि यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। लेकिन यदि इसके लिए कानूनन वैतनिक अवकाश अनिवार्य कर दिया गया, तो नियोक्ता महिलाओं को नौकरी देने से बच सकते हैं।

अनिवार्य नियम से हो सकता है उल्टा असर

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्वैच्छिक रूप से कंपनियों द्वारा ऐसी छुट्टी देना अच्छी बात है, लेकिन इसे कानून बनाकर लागू करने से महिलाओं के करियर पर असर पड़ सकता है।

अदालत ने कहा कि यदि यह कानूनी रूप से अनिवार्य हो गया तो कई संस्थान महिलाओं को भर्ती करने से बच सकते हैं, जिससे उनके पेशेवर अवसर कम हो सकते हैं।

याचिकाकर्ता की दलील

यह जनहित याचिका Shailendra Mani Tripathi की ओर से दाखिल की गई थी। उनके वकील M R Shamshad ने अदालत को बताया कि कुछ राज्यों और संस्थानों ने पहले ही इस दिशा में कदम उठाए हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि Kerala में कुछ शैक्षणिक संस्थानों ने छात्राओं को इस दौरान विशेष रियायत देने की व्यवस्था की है। साथ ही कई निजी कंपनियां भी अपनी महिला कर्मचारियों को स्वेच्छा से ऐसी छुट्टी दे रही हैं।

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अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि सरकार और संबंधित अधिकारी इस मुद्दे पर सभी हितधारकों से चर्चा कर नीति बनाने की संभावना पर विचार कर सकते हैं।

साथ ही अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता पहले ही अपना ज्ञापन संबंधित अधिकारियों को दे चुके हैं, इसलिए उन्हें बार-बार अदालत आने की आवश्यकता नहीं है। अधिकारियों को इस पर उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।

‘पकौड़ी खाने का मन है…’ कहकर पति को भेजा, बस स्टैंड से प्रेमी संग फरार हुई नई नवेली दुल्हन

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:– उत्तर प्रदेश के Moradabad जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नवविवाहिता ने बस स्टैंड पर अपने पति को पकौड़ी लाने के लिए भेज दिया और इसी बीच कथित तौर पर अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। जब पति पकौड़ी लेकर लौटा तो पत्नी वहां से गायब थी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

तीन महीने पहले हुई थी शादी

जानकारी के मुताबिक Amroha जिले के रहने वाले प्रीतम सिंह की शादी करीब तीन महीने पहले रिमझिम नाम की युवती से हुई थी। शादी के बाद दोनों का जीवन सामान्य चल रहा था। होली के बाद प्रीतम अपनी पत्नी को मायके से विदा कराकर घर वापस ला रहा था।

बिलारी बस स्टैंड पर हुआ पूरा मामला

दोनों बस से सफर कर रहे थे और रास्ते में बस Bilari रोडवेज बस स्टैंड पर रुकी। इसी दौरान पत्नी ने पति से कहा कि उसे पकौड़ी खाने का मन है। पत्नी की बात मानकर प्रीतम बस से उतरकर पकौड़ी लेने चला गया।

कुछ देर बाद जब वह पकौड़ी लेकर वापस लौटा तो पत्नी वहां नहीं थी। पहले उसे लगा कि वह आसपास ही होगी, लेकिन काफी देर तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था।

प्रेमी संग भागने का आरोप

बस स्टैंड पर मौजूद लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि महिला किसी से फोन पर बात करते हुए बस से उतरी थी। इसके बाद पति को शक हुआ कि वह किसी के साथ चली गई है।

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प्रीतम सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उसकी पत्नी का पहले से ही गांव सागरपुर निवासी इमरान नाम के युवक से प्रेम संबंध था और वही उसे अपने साथ भगा ले गया है।

पुलिस कर रही जांच

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और महिला के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी जांची जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही महिला और उसके साथ गए युवक का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।