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₹1.60 लाख से नीचे आया सोना, आगे और गिरेगा या बढ़ेगा? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

Gold Price Today: देश में सोने की कीमतों में इन दिनों हल्की गिरावट देखने को मिल रही है। शुक्रवार को Multi Commodity Exchange (MCX) पर सोना मामूली कमजोरी के साथ लगभग ₹1,58,400 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। यह लगातार दूसरा सप्ताह है जब सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है और बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर

वैश्विक बाजार में भी सोने की चाल सुस्त दिखाई दे रही है। COMEX पर गोल्ड की कीमत करीब 5,120 डॉलर प्रति औंस के आसपास बनी हुई है।

विश्लेषकों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासकर United States, Iran और Israel के बीच टकराव ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। आमतौर पर ऐसे हालात में सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है और इसकी कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार मजबूत डॉलर और बढ़ती बॉन्ड यील्ड ने सोने की तेजी को रोक दिया है।

ट्रंप के बयान से बढ़ी चिंता

हाल ही में Donald Trump के बयान के बाद बाजार में और चिंता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान पर हमले पहले से ज्यादा तेज कर दिए हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह तनाव जल्द खत्म होने वाला नहीं है।

इसका असर ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है, जिससे वैश्विक महंगाई को लेकर भी चिंता बढ़ी है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

कमोडिटी और करेंसी बाजार के विश्लेषकों के मुताबिक सोने की कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड करीब 4.27% तक पहुंच गई है, जिससे निवेशकों का झुकाव ब्याज देने वाले विकल्पों की ओर बढ़ रहा है।

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार फिलहाल सोने में बड़ी तेजी के संकेत नहीं हैं। हालांकि कीमत अभी भी अपने अहम मूविंग एवरेज के ऊपर है, इसलिए लंबी अवधि का ट्रेंड पूरी तरह कमजोर नहीं माना जा रहा।

आगे क्या हो सकता है

विशेषज्ञों के मुताबिक अगले कुछ समय में सोने की कीमतें इन स्तरों पर रह सकती हैं:

  • ₹1,58,000 के ऊपर टिकने पर तेजी संभव
  • कीमत ₹1,62,000 – ₹1,65,000 तक जा सकती है
  • मजबूत तेजी में ₹1,68,000 – ₹1,70,000 का स्तर भी संभव

लेकिन अगर कीमत ₹1,57,000 के नीचे जाती है, तो गिरावट तेज हो सकती है और सोना ₹1,55,000 से ₹1,50,000 के सपोर्ट जोन तक फिसल सकता है।

विशेषज्ञ फिलहाल निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि बाजार की दिशा साफ होने तक सावधानी के साथ निवेश करें और जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचें।

केजरीवाल को झटका: हाई कोर्ट ने जज स्वर्ण कांता शर्मा को बदलने की मांग खारिज की

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अरविंद केजरीवाल को शराब नीति मामले में बड़ा झटका लगा है। Delhi High Court ने उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने मामले की सुनवाई कर रहीं जज Swarna Kanta Sharma को बदलने की मांग की थी।

केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच में निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है, इसलिए मामले को किसी अन्य बेंच में ट्रांसफर किया जाए।

चीफ जस्टिस ने क्या कहा

मामले पर सुनवाई करते हुए Devendra Kumar Upadhyaya ने कहा कि यह याचिका मौजूदा रोस्टर के अनुसार न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को सौंपी गई है और प्रशासनिक स्तर पर इसे किसी अन्य बेंच को स्थानांतरित करने का कोई कारण नहीं है।

यह भी पढ़े:- तमिलनाडु में बीजेपी का बड़ा दांव: विजय को 80 सीटें और डिप्टी CM पद का ऑफर

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जस्टिस शर्मा खुद इस मामले की सुनवाई से अलग होना चाहें तो यह उनका व्यक्तिगत निर्णय होगा।

रजिस्ट्रार जनरल का पत्र

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से 13 मार्च को एक पत्र जारी कर उन आठ लोगों को जानकारी दी गई थी, जिन्होंने मामले को दूसरी बेंच में स्थानांतरित करने की मांग की थी। इन लोगों में Arvind Kejriwal भी शामिल थे।

चीफ जस्टिस ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर इस याचिका को किसी अन्य बेंच में ट्रांसफर करने का कोई आधार नहीं बनता।

केजरीवाल ने लगाए थे पक्षपात के आरोप

दरअसल 11 मार्च को लिखे अपने पत्र में केजरीवाल ने आशंका जताई थी कि यदि मामला जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के पास ही रहा तो सुनवाई निष्पक्ष और तटस्थ तरीके से नहीं हो पाएगी।

इससे पहले 27 फरवरी को एक ट्रायल कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को राहत देते हुए उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया था। इसके खिलाफ Central Bureau of Investigation (CBI) ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसकी सुनवाई फिलहाल जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच में चल रही है।

ट्रायल कोर्ट की टिप्पणी पर लगाई थी रोक

9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने मामले में नोटिस जारी करते हुए ट्रायल कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें जांच करने वाले सीबीआई अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया गया था।

साथ ही उन्होंने ट्रायल कोर्ट के आदेश की कुछ टिप्पणियों को गलत बताते हुए मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की कार्यवाही को फिलहाल स्थगित करने का निर्देश दिया था।

पत्र में उठाए थे सवाल

अपने पत्र में Arvind Kejriwal ने कहा था कि 9 मार्च के आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किस गंभीर त्रुटि के आधार पर बिना दूसरी पक्ष की सुनवाई के ऐसा अंतरिम आदेश दिया गया।

उन्होंने यह भी आपत्ति जताई कि अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की कार्यवाही टालने का निर्देश दिया, जबकि उस समय अदालत में Enforcement Directorate (ED) पक्षकार नहीं थी। केजरीवाल का कहना था कि आमतौर पर इस तरह की याचिकाओं में जवाब दाखिल करने के लिए चार से पांच सप्ताह का समय दिया जाता है, लेकिन इस मामले में अदालत का रुख जल्दबाजी वाला प्रतीत हुआ।

तमिलनाडु में बीजेपी का बड़ा दांव: विजय को 80 सीटें और डिप्टी CM पद का ऑफर

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- तमिलनाडु की राजनीति में सिनेमा और सियासत का पुराना रिश्ता रहा है। अब इसी कड़ी में एक नया मोड़ आता दिख रहा है। Bharatiya Janata Party ने अभिनेता से नेता बने Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) को गठबंधन का बड़ा प्रस्ताव दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक बीजेपी ने गठबंधन के तहत टीवीके को 80 विधानसभा सीटें देने के साथ-साथ विजय को उपमुख्यमंत्री पद का ऑफर भी दिया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यदि विजय के समर्थकों का वोट National Democratic Alliance (NDA) के साथ जुड़ता है, तो राज्य के चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।

विजय की लोकप्रियता पर बीजेपी की नजर

बीजेपी रणनीतिकारों का मानना है कि तमिलनाडु जैसे कड़े चुनावी मुकाबले में महज 2 प्रतिशत वोटों का अंतर भी परिणाम बदल सकता है। ऐसे में Vijay की लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें अपने साथ लाने की कोशिश तेज कर दी गई है।

पर्दे के पीछे चल रही बातचीत

सूत्रों के अनुसार इस संभावित गठबंधन को लेकर पर्दे के पीछे बातचीत जारी है। बताया जा रहा है कि एक अन्य राज्य के उपमुख्यमंत्री इस संवाद में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं और दोनों पक्षों के बीच बातचीत को आगे बढ़ा रहे हैं।

हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक विजय की नजर मुख्यमंत्री पद पर है और वे अपनी पहली चुनावी पारी में ही राज्य की सत्ता में प्रमुख भूमिका निभाना चाहते हैं। यही मुद्दा मौजूदा बातचीत में सबसे बड़ी अड़चन माना जा रहा है।

विजय के खेमे में असमंजस

विजय के करीबी सलाहकारों के बीच भी इस गठबंधन को लेकर मतभेद बताए जा रहे हैं। उनका मानना है कि विजय ने अपनी राजनीतिक यात्रा एक स्वतंत्र और ‘तीसरे विकल्प’ के रूप में शुरू की है। ऐसे में जल्द ही किसी राष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा बनने से उनकी अलग राजनीतिक पहचान प्रभावित हो सकती है।

तमिलनाडु की राजनीति में बदल सकते हैं समीकरण

अगर यह गठबंधन साकार होता है, तो Tamil Nadu की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अभी तक राज्य की राजनीति मुख्य रूप से Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) के इर्द-गिर्द घूमती रही है।

यह भी पढ़े:- कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग, राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय और बीजेपी का संभावित गठबंधन इन दोनों क्षेत्रीय दलों के लिए नई चुनौती खड़ी कर सकता है और राज्य में चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है।

कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग, राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र लिखकर बहुजन आंदोलन के प्रमुख नेता Kanshi Ram को मरणोपरांत देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान Bharat Ratna देने की मांग की है।

रविवार को लिखे पत्र में राहुल गांधी ने कहा कि कांशीराम ने भारतीय राजनीति की दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बहुजन समाज तथा वंचित वर्गों में राजनीतिक चेतना जगाई। उनके प्रयासों से भारतीय लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत हुईं तथा राजनीतिक व्यवस्था अधिक प्रतिनिधिक और न्यायपूर्ण बनी।

कांशीराम के योगदान को बताया ऐतिहासिक

अपने पत्र में Rahul Gandhi ने लिखा कि कांशीराम ने लोगों को यह अहसास कराया कि उनका वोट उनकी आवाज और उनका प्रतिनिधित्व है। उन्होंने बताया कि यह देश हर नागरिक का समान रूप से है।

उन्होंने कहा कि कांशीराम के प्रयासों के कारण ऐसे कई लोग, जिन्होंने कभी सार्वजनिक जीवन में आने की कल्पना भी नहीं की थी, वे राजनीति को न्याय और समानता प्राप्त करने का माध्यम मानने लगे।

दलित समाज के सशक्तीकरण के लिए समर्पित जीवन

राहुल गांधी ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को समानता, गरिमा और भागीदारी का अधिकार देता है और कांशीराम ने अपना पूरा जीवन समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को इन अधिकारों से जोड़ने के लिए समर्पित कर दिया।

उन्होंने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि कई वर्षों से दलित बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न नेता कांशीराम को Bharat Ratna से सम्मानित करने की मांग करते रहे हैं।

लखनऊ कार्यक्रम का भी किया जिक्र

कांग्रेस नेता ने बताया कि हाल ही में Lucknow में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान भी कई नेताओं और प्रतिभागियों ने इस मांग को जोरदार तरीके से उठाया था।

उन्होंने कहा कि कांशीराम को भारत रत्न से सम्मानित करना न केवल उनके महान योगदान की मान्यता होगी, बल्कि उन लाखों लोगों की भावनाओं का सम्मान भी होगा, जो उन्हें आज भी सशक्तीकरण और उम्मीद के प्रतीक के रूप में देखते हैं।

बंगाल में अपराधियों को खुली छूट, बहन-बेटियों के खिलाफ हो रहे अपराध: कोलकाता रैली में पीएम मोदी का हमला

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित रैली में भाजपा की परिवर्तन संकल्प यात्रा को संबोधित करते हुए West Bengal की All India Trinamool Congress सरकार पर तीखा हमला बोला।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल में अपराधियों को खुली छूट मिल गई है और आए दिन महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की माताओं और बहनों को लंबे समय से हिंसा और असुरक्षा का सामना करना पड़ा है।

18 हजार करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण

रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से करीब 18 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में सड़क, रेलवे, बंदरगाह और शिपिंग से जुड़े कई विकास कार्य शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार नहीं होने के बावजूद केंद्र सरकार बंगाल के विकास के लिए लगातार काम कर रही है।

टीएमसी सरकार पर साधा निशाना

अपने संबोधन में Narendra Modi ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा कि पहले लेफ्ट सरकार के दौर में हत्या, अपहरण और हिंसा की घटनाएं होती थीं और बदलाव की उम्मीद में लोगों ने All India Trinamool Congress को सत्ता में लाया था, लेकिन अब वही स्थिति फिर दिखाई दे रही है।

प्रधानमंत्री ने दावा किया कि टीएमसी ने लेफ्ट के कई कथित गुंडों और माफियाओं को अपनी पार्टी में शामिल कर लिया है, जिससे राज्य में अपराध बढ़ा है।

केंद्र की योजनाओं को लेकर भी उठाए सवाल

प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने Pradhan Mantri Awas Yojana का नाम बदलकर लाभार्थियों की सूची में गड़बड़ी की है, जिसके कारण कई गरीब परिवार अभी भी पक्के घर का इंतजार कर रहे हैं।

यह भी पढ़े:- बहराइच के इटहा गांव में सामाजिक सुरक्षा जागरूकता कैंप का आयोजन

उन्होंने कहा कि Ayushman Bharat जैसी स्वास्थ्य योजना भी राजनीतिक कारणों से राज्य में लागू नहीं की जा रही है। इसके अलावा उन्होंने युवाओं के पलायन, बेरोजगारी और भर्ती घोटालों का मुद्दा भी उठाया।

‘महाजंगलराज का काउंटडाउन शुरू’

प्रधानमंत्री ने रैली में जुटी भीड़ का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों को रोकने के लिए प्रशासन ने कई प्रयास किए, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में पहुंचे।

उन्होंने कहा कि राज्य में “महाजंगलराज” का अंत होने वाला है और जल्द ही बंगाल में कानून का राज स्थापित होगा। प्रधानमंत्री ने ब्रिगेड मैदान के ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख करते हुए कहा कि आज इसी स्थान से “नए बंगाल की क्रांति” का बिगुल बज चुका है।

बहराइच के इटहा गांव में सामाजिक सुरक्षा जागरूकता कैंप का आयोजन

बहराइच/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के बहराइच  जिले के Shivpur Block स्थित ग्रामसभा इटहा में शनिवार (14 मार्च 2026) को सामाजिक सुरक्षा योजना और जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया। यह कैंप UPNP Plus और Swasti की ओर से आयोजित किया गया, जो कि आगा खा और इंडसइंड बैंक के सहयोग से किया जा रहा है|

इस कैंप का उद्देश्य ग्रामीण लोगों को गरीबी, बीमारी, वृद्धावस्था और बेरोजगारी जैसे जोखिमों के खिलाफ वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी देना तथा उन्हें इन योजनाओं से जोड़ना था।

सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

कैंप के दौरान UPNP Plus के जिला समन्वयक Ashutosh Shukla ने उपस्थित ग्रामीणों को केंद्र सरकार की कई प्रमुख योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इनमें मुख्य रूप से

  • Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana(Ayushman Bharat )
  • Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi
  • Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana

जैसी योजनाओं के लाभ और पात्रता के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।

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आयुष्मान कार्ड बनाए गए

कैंप में सोशल मोबिलाइजर राजकुमार, मोहिनी और कृष्णा के साथ सीएचओ मरली लुक की टीम ने पात्र लोगों का पंजीकरण किया। इस दौरान 32 पात्र लोगों के Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana (Ayushman Bharat)  के कार्ड बनाए गए, जबकि 25 लोगों को अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया।

स्थानीय जनप्रतिनिधि भी रहे मौजूद

इस सामाजिक सुरक्षा कैंप में ग्रामसभा इटहा की ग्राम प्रधान Krishna Devi, आशा कार्यकर्ता गुड़िया देवी तथा गांव के अन्य सम्मानित लोग भी मौजूद रहे और ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

कोलकाता में पीएम मोदी की रैली से पहले झड़प, बीजेपी-टीएमसी कार्यकर्ता भिड़े

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कोलकाता में प्रधानमंत्री Narendra Modi की रैली से कुछ घंटे पहले राजनीतिक तनाव हिंसा में बदल गया। शनिवार को केंद्रीय कोलकाता के गिरिश पार्क इलाके में Bharatiya Janata Party और All India Trinamool Congress के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई।

यह स्थान Brigade Parade Ground से करीब पांच किलोमीटर दूर है, जहां प्रधानमंत्री की रैली आयोजित होनी थी। यह रैली बीजेपी की ‘परिवर्तन यात्रा’ के समापन कार्यक्रम का हिस्सा बताई जा रही थी, जो West Bengal में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले आयोजित की जा रही है।

पथराव में कई लोग घायल

झड़प के दौरान दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर पथराव किया और नारेबाजी की, जिससे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया।

बीजेपी समर्थकों का आरोप है कि वे प्रधानमंत्री के समर्थन में रैली स्थल की ओर जा रहे थे, तभी अचानक उन पर पथराव शुरू कर दिया गया। उनका कहना है कि इस दौरान कई वाहनों को नुकसान पहुंचा और उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया।

कुछ पत्थर Shashi Panja के आवास की ओर भी फेंके गए। टीएमसी नेताओं के अनुसार इस घटना में पार्टी के करीब 50 कार्यकर्ता घायल हुए हैं। झड़प के दौरान एक पुलिस अधिकारी और एक बीजेपी नेता के भी घायल होने की खबर है।

दोनों दलों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप

दूसरी ओर, टीएमसी कार्यकर्ताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए बीजेपी पर ही हिंसा शुरू करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पहले बीजेपी समर्थकों ने गाली-गलौज और पथराव किया, जिसके बाद स्थिति बिगड़ी।

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टीएमसी का दावा है कि स्थानीय नेताओं के घरों को भी निशाना बनाया गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया, जिससे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए।

पुलिस ने संभाली स्थिति

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त बल तैनात कर हालात को नियंत्रित किया। सुरक्षा बलों ने दोनों पक्षों को अलग करते हुए इलाके में शांति बहाल कराई।

प्रधानमंत्री मोदी की रैली Brigade Parade Ground में निर्धारित थी, जहां वे करीब 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करने वाले थे।

यह घटना पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बढ़ते राजनीतिक तनाव और सियासी मुकाबले की झलक मानी जा रही है।

यूपी के बिल्डरों को बड़ी राहत: कम भूमि पर बन सकेंगे अपार्टमेंट,जानें ये..

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में बिल्डरों के लिए बड़ी राहत की खबर है। Yogi Adityanath सरकार ने शहरों में Pradhan Mantri Awas Yojana Urban 2.0 के तहत कम भूमि पर आवासीय परियोजनाएं विकसित करने की अनुमति दे दी है। अब इस योजना के अंतर्गत न्यूनतम तीन हेक्टेयर भूमि पर फ्लैट और मकान बनाए जा सकेंगे।

नई व्यवस्था के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए बनाए जाने वाले मकानों की कीमत अधिकतम 9 लाख रुपये तय की गई है। इनमें केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कुल 2.5 लाख रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा। इसके अलावा विशेष फोकस समूह के तहत वरिष्ठ नागरिकों को 30 हजार रुपये और एकल महिलाओं को 20 हजार रुपये की अतिरिक्त छूट मिलेगी। प्रमुख सचिव आवास P. Guruprasad ने इस संबंध में शुक्रवार को शासनादेश जारी किया।

बिल्डरों के लिए तय की गई नेटवर्थ की शर्त

नई नीति के तहत परियोजना शुरू करने वाले बिल्डरों के लिए न्यूनतम नेटवर्थ की शर्त भी तय की गई है।

  • तीन हेक्टेयर तक की परियोजना के लिए 2 करोड़ रुपये
  • तीन से पांच हेक्टेयर के लिए 5 करोड़ रुपये
  • पांच से दस हेक्टेयर तक 1 करोड़ रुपये
  • 10 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर प्रति हेक्टेयर या उसके हिस्से के बराबर 1 करोड़ रुपये नेटवर्थ

साथ ही सभी आवासीय परियोजनाओं में कम से कम 10 प्रतिशत मकान EWS और LIG वर्ग के लिए अनिवार्य रूप से बनाने होंगे।

निर्माण पूरा करने की समय सीमा तय

सरकार ने परियोजनाओं के निर्माण की समय सीमा भी तय की है।

  • चार मंजिल तक की परियोजना को 24 महीनों में पूरा करना होगा।
  • चार मंजिल से अधिक होने पर 36 महीनों में निर्माण पूरा करना होगा।

निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority (RERA) में पंजीकरण और परियोजना प्रस्ताव में तय समयसीमा के अनुसार पूरी करनी होगी। बिल्डरों को हर तीन महीने में इसकी रिपोर्ट देनी होगी।

पात्रता और आवंटन की प्रक्रिया

EWS मकानों के लिए वही परिवार पात्र होंगे जिनके पास देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं है। लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित बेटे-बेटियां शामिल होंगी।

मकानों का आवंटन महिला मुखिया के नाम या पति-पत्नी के संयुक्त नाम से किया जाएगा। यदि परिवार में वयस्क महिला सदस्य नहीं है तो मकान पुरुष के नाम पर आवंटित किया जाएगा।

आवंटन प्रक्रिया में विधवा, एकल महिला, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, ट्रांसजेंडर, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वंचित वर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी।

डीएम की अध्यक्षता में बनेगी जिला कमेटी

आवासों के लिए आवेदन PMAY-U 2.0 Portal पर ऑनलाइन किए जाएंगे। सत्यापन के लिए जिलाधिकारी या नगर आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें डूडा परियोजना अधिकारी और अधिशासी अधिकारी सदस्य होंगे।

आवेदन के लिए 10 हजार रुपये पंजीकरण शुल्क रखा गया है और मकानों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।

मकानों की कीमत और अन्य रियायतें

30 वर्ग मीटर तक के मकानों की कीमत 9 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इससे बड़े मकानों की कीमत क्षेत्रफल के अनुसार तय होगी।

लाभार्थियों को केंद्र और राज्य सरकार का 2.5 लाख रुपये का अनुदान अधिकतम एक महीने के भीतर दिया जाएगा। EWS मकानों की रजिस्ट्री केवल 500 रुपये के स्टांप पर की जाएगी।

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इसके अलावा योजना के तहत मकान बनाने वाले बिल्डरों को मानचित्र स्वीकृति, अनुज्ञा, निरीक्षण, ले-आउट डिपॉजिट और अन्य शुल्कों में भी छूट दी जाएगी।

बड़े शहरों में विकास शुल्क की व्यवस्था

Lucknow, Ghaziabad, Kanpur, Agra, Varanasi, Prayagraj, Meerut और Gautam Buddha Nagar में इस योजना के तहत बनने वाली परियोजनाओं पर कुल क्षेत्रफल के आधार पर 50 प्रतिशत बाह्य विकास शुल्क लिया जाएगा, जबकि अन्य शहरों में यह 25 प्रतिशत होगा।

यह शुल्क तीन छमाही किस्तों में जमा करना होगा और देरी होने पर 3 प्रतिशत अतिरिक्त दंड ब्याज देना पड़ेगा।

सस्पेंड चल रहे IAS अभिषेक प्रकाश बहाल, राज्यपाल ने जारी किया आदेश; जांच जारी रहेगी

लखनऊ/ सर्वोदय न्यूज़:- करीब एक साल पहले रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित किए गए 2006 बैच के आईएएस अधिकारी Abhishek Prakash को बहाल कर दिया गया है। राज्यपाल की ओर से जारी आदेश के मुताबिक 15 मार्च से उनकी बहाली प्रभावी मानी जाएगी। हालांकि बहाली के बाद भी उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच जारी रहेगी।

सरकारी सूत्रों के अनुसार जांच प्रक्रिया के तहत संबंधित साक्ष्यों को जुटाने का काम आगे भी जारी रहेगा।

दरअसल, हाल ही में Allahabad High Court की Lucknow बेंच ने साक्ष्यों के अभाव में अभिषेक प्रकाश के खिलाफ दाखिल चार्जशीट को रद्द कर दिया था। अदालत के इस फैसले के बाद शासन स्तर पर उनकी बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।

मार्च 2025 में हुए थे निलंबित

गौरतलब है कि 20 मार्च 2025 को Abhishek Prakash को रिश्वत मांगने के गंभीर आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया था। उन पर एक सोलर कंपनी से प्रोजेक्ट की मंजूरी के बदले घूस मांगने का आरोप लगा था। कंपनी की शिकायत के आधार पर सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी किया था।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पाया कि आरोपों के समर्थन में पर्याप्त और ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। इसी आधार पर अदालत ने उनके खिलाफ दाखिल चार्जशीट को निरस्त कर दिया था। अदालत के फैसले के बाद उनकी बहाली का रास्ता साफ हो गया।

भूमि अधिग्रहण मामले में भी हुई थी जांच

भटगांव भूमि अधिग्रहण मामले में भी अभिषेक प्रकाश का नाम सामने आया था। मई 2025 में राजस्व विभाग ने उनके खिलाफ चार्जशीट की सिफारिश करते हुए विस्तृत रिपोर्ट नियुक्ति विभाग को भेजी थी। यह रिपोर्ट उस समय के राजस्व परिषद के चेयरमैन Rajneesh Dubey की जांच रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई थी।

यह भी पढ़े:- उत्तर कोरिया ने जापान की तरफ दागीं 10 मिसाइलें,अभी बातचीत के मूड में नहीं हैं किम जोंग उन

बताया गया कि डिफेंस कॉरिडोर से जुड़े भूमि अधिग्रहण के दौरान उस समय Lucknow के जिलाधिकारी के रूप में कार्यरत अभिषेक प्रकाश क्रय समिति के अध्यक्ष थे। जांच में आरोप लगाया गया था कि कुछ मामलों में फर्जी पट्टों के आधार पर मुआवजा दिया गया और राजस्व संहिता के प्रावधानों का पालन सही ढंग से नहीं किया गया।

हालांकि अब उनकी प्रशासनिक बहाली का आदेश जारी हो चुका है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

उत्तर कोरिया ने जापान की तरफ दागीं 10 मिसाइलें,अभी बातचीत के मूड में नहीं हैं किम जोंग उन

न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय  न्यूज़:- मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य तनाव के बीच North Korea ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है। देश ने पूर्वी सागर की दिशा में 10 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर क्षेत्र में हलचल मचा दी।

South Korea के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के मुताबिक ये मिसाइलें शनिवार दोपहर करीब 1:20 बजे राजधानी Pyongyang के सुनान इलाके से छोड़ी गईं।

जापानी मीडिया संगठन NHK ने भी अपने रक्षा मंत्रालय के हवाले से पुष्टि की है कि मिसाइलें समुद्र में गिर गईं। बताया जा रहा है कि यह इस साल उत्तर कोरिया का तीसरा बड़ा मिसाइल परीक्षण है।

ट्रंप की बातचीत पेशकश के बाद परीक्षण

यह प्रक्षेपण इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि यह White House में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री Kim Min-seok के बीच हुई अचानक मुलाकात के ठीक एक दिन बाद हुआ है।

बैठक के दौरान ट्रंप ने Kim Jong Un के साथ अपने अच्छे संबंधों का जिक्र करते हुए बातचीत की इच्छा जताई थी। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर उत्तर कोरिया चाहे तो अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है।

हालांकि, उत्तर कोरिया ने इस कूटनीतिक पहल का जवाब महज 24 घंटे के भीतर मिसाइल परीक्षण से दिया, जिसे विशेषज्ञ बातचीत से दूरी का संकेत मान रहे हैं।

सैन्य अभ्यास के विरोध में कदम

विशेषज्ञों के अनुसार यह मिसाइल परीक्षण 9 मार्च से शुरू हुए अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास Freedom Shield के खिलाफ प्रतिक्रिया हो सकता है।

हालांकि इस साल इस अभ्यास का पैमाना पिछले वर्ष की तुलना में लगभग आधा कर दिया गया है, लेकिन उत्तर कोरिया इसे अपने खिलाफ संभावित हमले की तैयारी बताता रहा है।

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अभ्यास शुरू होने के अगले दिन ही Kim Yo-jong ने चेतावनी दी थी कि दुश्मन देशों की सैन्य गतिविधियों के “अकल्पनीय और भयावह परिणाम” हो सकते हैं।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ी निगरानी

दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा है कि संभावित अतिरिक्त प्रक्षेपणों को देखते हुए निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई है। साथ ही अमेरिका और जापान के साथ रियल-टाइम में खुफिया जानकारी साझा की जा रही है।

यह मिसाइल परीक्षण पिछले प्रक्षेपण के करीब 47 दिन बाद हुआ है। जनवरी में हुए परीक्षण के समय अमेरिकी रक्षा नीति के अवर सचिव Elbridge Colby एशिया दौरे पर थे।