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RMLIMS में उन्नत हृदय चिकित्सा पर CME, हार्ट ट्रांसप्लांट सेवाओं की दिशा में बढ़ा कदम

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS), लखनऊ में हृदय रोगों के उन्नत उपचार और हृदय प्रत्यारोपण की संभावनाओं को लेकर विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। संस्थान के हृदय एवं वक्षीय शल्य चिकित्सा विभाग (CVTS) की ओर से हृदय विफलता, कार्डियोजेनिक शॉक, मैकेनिकल सर्कुलेटरी सपोर्ट और हार्ट ट्रांसप्लांटेशन जैसे विषयों पर सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रमुख हृदय चिकित्सा संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और गंभीर हृदय रोगों के प्रबंधन से संबंधित अपने अनुभव साझा किए।

निदेशक और डीन की मौजूदगी में हुआ उद्घाटन

CME कार्यक्रम का उद्घाटन RMLIMS के निदेशक प्रो. डॉ. सी. एम. सिंह और डीन प्रो. डॉ. राजन भटनागर की उपस्थिति में हुआ। संस्थान के लिए इस आयोजन को उन्नत हृदय चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण अकादमिक पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

कार्यक्रम का आयोजन संस्थान में हाल ही में स्थापित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन सेंटर से जुड़ी चिकित्सा सेवाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में भी अहम बताया गया।

हार्ट फेल्योर और VA-ECMO पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

कार्यक्रम की शुरुआत CVTS विभाग के प्रो. डॉ. डी. के. श्रीवास्तव, जो कार्यक्रम के आयोजन सचिव भी हैं, के स्वागत संबोधन से हुई। इसके बाद विभिन्न वैज्ञानिक सत्रों में गंभीर हृदय विफलता के उपचार, कार्डियोजेनिक शॉक, मैकेनिकल सर्कुलेटरी सपोर्ट और VA-ECMO समेत हृदय प्रत्यारोपण की प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।

विशेषज्ञों ने गंभीर स्थिति वाले मरीजों में उपचार की आधुनिक तकनीकों, समय पर हस्तक्षेप और ट्रांसप्लांट से पहले तथा बाद की चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी साझा की।

देश के प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञ हुए शामिल

CME में डॉ. मनोज दुरैराज (Marian Cardiac Centre, Pune), डॉ. नीरज कामत (Sir H. N. Reliance Foundation Hospital, Mumbai) और RMLIMS के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. भुवन चंद तिवारी ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में भाग लिया।

वक्ताओं ने हृदय विफलता और हृदय प्रत्यारोपण के क्षेत्र में अपने चिकित्सकीय अनुभव तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की।

ग्राफ्ट डिसफंक्शन पर विशेष सत्र, पैनल चर्चा भी हुई

कार्यक्रम में ग्राफ्ट डिसफंक्शन पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसके अलावा हृदय विफलता और हृदय प्रत्यारोपण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर इंटरैक्टिव पैनल चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने उपचार के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों और उनके संभावित समाधान पर विचार साझा किए।

नर्सिंग टीम की भी रही अहम भूमिका

कार्यक्रम के संचालन और समन्वय में RMLIMS की नर्सिंग टीम ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। नर्सिंग स्टाफ की ओर से राखी ने कार्यक्रम का संचालन किया। वहीं वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारियों और अन्य नर्सिंग कर्मियों की सहभागिता से कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों के संचालन में सहयोग मिला।

भविष्य में हार्ट ट्रांसप्लांट सेवाओं के लिए आधार तैयार करने की पहल

CME का आयोजन प्रो. डॉ. डी. के. श्रीवास्तव और आयोजन सह-सचिव डॉ. नवनीत कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में CVTS विभाग की टीम ने किया।

आयोजकों के अनुसार, इस तरह के अकादमिक कार्यक्रम RMLIMS में उन्नत हृदय चिकित्सा सेवाओं के विस्तार, विशेषज्ञों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान और गंभीर हृदय रोगों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम ने संस्थान में उन्नत हार्ट फेल्योर मैनेजमेंट तथा भविष्य में हृदय प्रत्यारोपण सेवाओं के लिए आवश्यक चिकित्सा विशेषज्ञता और समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाया।

PDA को डराने की कोशिश कर रही सरकार; अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला, बोले- नकारात्मक राजनीति अब नहीं चलेगी

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को बीजेपी और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लोधी और निषाद समाज के नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाकर PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समाज पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उनके बयान की रिपोर्टिंग 19 सितंबर को कई मीडिया संस्थानों ने भी की है।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए पोस्ट में आरोप लगाया कि बीजेपी 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद कथित हताशा में लोकतांत्रिक राजनीति के बजाय ‘लठतांत्रिक’ तरीके अपनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की नकारात्मक राजनीति अब आगे नहीं चल सकती।

लोधी और निषाद नेताओं का जिक्र कर साधा निशाना

सपा प्रमुख ने अपने बयान में कहा कि कभी लोधी समाज तो कभी निषाद समाज के नेताओं और जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाए जाने के पीछे PDA समाज को डराने-धमकाने की कोशिश है। उन्होंने बीजेपी की राजनीति और सरकार की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए।

अखिलेश ने यह भी कहा कि बीजेपी के खिलाफ सामाजिक बंटवारे की राजनीति का दौर खत्म हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में उनकी पार्टी सामाजिक न्याय के आधार पर राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए काम करेगी।

‘अबकी बार भाजपा जाएगी तो फिर वापस नहीं आएगी’

अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अखिलेश यादव ने बीजेपी को लेकर दावा किया कि यदि पार्टी सत्ता से बाहर होती है तो वह दोबारा वापस नहीं आएगी। उन्होंने बीजेपी पर भ्रष्टाचार और बेईमानी से जुड़े आरोप भी लगाए।

अखिलेश ने राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और शंकराचार्य को लेकर हुए विवाद का भी उल्लेख किया। इन मुद्दों के आधार पर उन्होंने बीजेपी और उसके सहयोगियों पर राजनीतिक हमला बोला। उनके ये बयान उनके राजनीतिक आरोप और दावे हैं।

‘सामाजिक न्याय के आधार पर बनेगा नया भारत’

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय को केंद्र में रखकर ‘बंधुराष्ट्र’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं के लिए सकारात्मक सोच और प्रगतिशील विचारों पर आधारित ‘Neo-India’ की बात कही।

उनके मुताबिक, ऐसे समाज में कमजोर, शोषित, वंचित और उत्पीड़ित वर्गों को समान अवसर मिलना चाहिए और किसी भी वर्ग को भेदभाव का सामना नहीं करना चाहिए।

UPSSSC भर्ती में वेटिंग लिस्ट की मांग

इससे एक दिन पहले शुक्रवार को अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की भर्तियों में वेटिंग लिस्ट लागू करने की मांग का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि यदि चयनित उम्मीदवार किसी कारण से अपनी सीट छोड़ता है तो वेटिंग लिस्ट में शामिल दूसरे अभ्यर्थी को उस पद पर अवसर दिया जा सकता है।

अखिलेश ने कहा कि ऐसी व्यवस्था लागू होने से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को फायदा मिल सकता है। उन्होंने UPSSSC अभ्यर्थियों की लंबे समय से चली आ रही इस मांग को उचित बताया और कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर अभ्यर्थियों के साथ खड़ी है।

बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा

सपा अध्यक्ष ने बेरोजगार युवाओं की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवा नौकरी और रोजगार की तलाश में लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। उनके अनुसार, युवाओं की ऊर्जा रोजगार के लिए लगातार मांग उठाने में खर्च हो रही है, जबकि इसे राष्ट्र निर्माण में लगाया जाना चाहिए।

अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि यदि समाजवादी पार्टी को सरकार बनाने का अवसर मिलता है तो UPSSSC की भर्तियों में वेटिंग लिस्ट की व्यवस्था लागू करने पर काम किया जाएगा। इस मांग को लेकर उनकी ओर से शुक्रवार को बयान जारी किया गया था।

रोजगार और सामाजिक न्याय पर बढ़ेगी राजनीतिक बहस

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले रोजगार, भर्ती प्रक्रिया, सामाजिक न्याय और PDA जैसे मुद्दे राजनीतिक दलों के बीच बहस का हिस्सा बन रहे हैं। अखिलेश यादव के ताजा बयानों में बीजेपी सरकार पर लगाए गए आरोपों के साथ-साथ UPSSSC अभ्यर्थियों की वेटिंग लिस्ट की मांग भी प्रमुखता से सामने आई है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

अपना स्कूल में कनोसा कॉवेन्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज ने बांटी शिक्षण सामग्री, 80 बच्चों को मिला शैक्षिक सहयोग

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़: अयोध्या के जयसिंहपुर वार्ड में वंचित वर्ग के बच्चों के लिए संचालित निःशुल्क अपना स्कूल में कनोसा कॉवेन्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज की ओर से शिक्षण सामग्री वितरित की गई। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने के साथ उन्हें शिक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा।

कॉलेज की प्रधानाचार्या सिस्टर लिंडा थॉमस के निर्देशन में शिक्षिकाओं और छात्राओं की टीम अपना स्कूल पहुंची। यहां उपनिरीक्षक रणजीत यादव ‘खाकी वाले गुरुजी’ द्वारा संचालित निःशुल्क स्कूल में पढ़ने वाले करीब 80 बच्चों को विभिन्न प्रकार की शिक्षण सामग्री दी गई।

बच्चों को कॉपी-पेन समेत जरूरी सामान मिला

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को कॉपी, पेन, रबर, कटर, पेंसिल और रंग वितरित किए गए। इसके साथ ही बच्चों के लिए बिस्किट और नमकीन भी उपलब्ध कराया गया।

शिक्षिकाओं और छात्राओं ने बच्चों से बातचीत कर उन्हें नियमित रूप से पढ़ाई करने, आसपास साफ-सफाई रखने और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया।

शिक्षिकाओं और छात्राओं ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम में कनोसा कॉवेन्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज की शिक्षिकाएं आरती साहनी, पूनम तिवारी, रीमा रहेजा और मीनाक्षी त्रिपाठी मौजूद रहीं।कॉलेज की छात्राओं में कक्षा 12 की सारा अली तथा कक्षा 11 की शगुन मिश्रा, आयुषी यादव और रोहिणी मिश्रा ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। वहीं, अपना स्कूल की टीम की ओर से विनय सिंह कुशवाहा और इंद्रकुमार उपाध्याय उपस्थित रहे।

शिक्षा के साथ स्वच्छता का संदेश

कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया कि शिक्षा के साथ स्वच्छता भी उनके स्वस्थ और बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है। शिक्षण सामग्री मिलने से बच्चों में पढ़ाई को लेकर उत्साह देखने को मिला।

आयोजकों के अनुसार, ऐसे प्रयास आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने तथा उनके भीतर सीखने की रुचि विकसित करने में सहायक साबित हो सकते हैं।

ग्लोबल पेन अवेयरनेस मंथ पर RMLIMS में निःशुल्क BMD जांच शिविर शुरू, दर्द और ऑस्टियोपोरोसिस को लेकर जागरूकता पर जोर

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: ग्लोबल पेन अवेयरनेस मंथ के तहत डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RMLIMS), लखनऊ में निःशुल्क बोन मिनरल डेंसिटी (BMD) जांच शिविर की शुरुआत की गई। संस्थान के पेन मेडिसिन ओपीडी में आयोजित इस शिविर का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. सी.एम. सिंह ने किया।

शिविर का उद्देश्य लोगों को लंबे समय तक रहने वाले दर्द यानी क्रॉनिक पेन और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक करना है। इसके साथ ही जोखिम वाले लोगों में हड्डियों की कमजोरी की समय रहते पहचान कर उचित उपचार और बचाव के उपायों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी इस पहल का प्रमुख लक्ष्य है।

लंबे समय तक रहने वाला दर्द बन सकता है गंभीर समस्या

विशेषज्ञों के मुताबिक, लगातार बना रहने वाला दर्द केवल किसी बीमारी का लक्षण नहीं होता, बल्कि कई मामलों में यह अपने आप में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन सकता है। लंबे समय तक दर्द रहने से व्यक्ति की रोजमर्रा की गतिविधियां, नींद, काम करने की क्षमता और जीवन की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

इसके बावजूद कई लोग लंबे समय तक दर्द को उम्र या सामान्य शारीरिक समस्या मानकर नजरअंदाज करते रहते हैं। ऐसे में विशेषज्ञों ने लगातार बने रहने वाले दर्द की स्थिति में समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने पर जोर दिया।

ऑस्टियोपोरोसिस को बताया ‘साइलेंट’ बीमारी

कार्यक्रम में ऑस्टियोपोरोसिस को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, हड्डियों की यह बीमारी कई बार तब तक स्पष्ट नहीं होती, जब तक व्यक्ति को फ्रैक्चर न हो जाए। खासतौर पर बुजुर्गों और रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में हड्डियों की मजबूती कम होने का जोखिम अधिक हो सकता है।

भारतीय अध्ययनों पर आधारित एक व्यवस्थित समीक्षा और मेटा-एनालिसिस में रजोनिवृत्ति के बाद की महिलाओं में काठ की रीढ़ और फीमर की गर्दन में ऑस्टियोपोरोसिस का संयुक्त प्रसार करीब 29 प्रतिशत बताया गया है। हालांकि, अलग-अलग अध्ययन और आबादी के आधार पर यह आंकड़ा अलग हो सकता है।

विशेषज्ञों ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस के कारण होने वाले फ्रैक्चर से तेज दर्द, चलने-फिरने में परेशानी, लंबे समय तक रहने वाली शारीरिक दिक्कत और आत्मनिर्भरता में कमी जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

‘दर्द को उम्र का सामान्य हिस्सा मानकर न सहें’

RMLIMS की पेन मेडिसिन यूनिट की प्रभारी प्रो. शिवानी रस्तोगी ने कहा कि लंबे समय तक दर्द को उम्र बढ़ने की सामान्य प्रक्रिया मानकर सहते रहना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि ऑस्टियोपोरोसिस भी लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षणों के बढ़ सकता है और कई बार इसका पता हड्डी टूटने के बाद चलता है। BMD जांच शिविर के माध्यम से लोगों को हड्डियों की सेहत के प्रति जागरूक करने और जोखिम वाले लोगों में बीमारी की जल्द पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रो. रस्तोगी के मुताबिक, पेन मेडिसिन के माध्यम से लंबे समय से दर्द से परेशान मरीजों के लिए वैज्ञानिक और बहुआयामी उपचार उपलब्ध कराए जाते हैं। लगातार कमर दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, ऑस्टियोपोरोसिस से जुड़े फ्रैक्चर तथा अन्य लंबे समय तक रहने वाली दर्द की समस्याओं में दर्द के मूल कारण की पहचान जरूरी है।

‘क्रॉनिक पेन समाज के लिए बड़ा स्वास्थ्य बोझ’

इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ पेन (ISSP) के मानद सचिव एवं CEO डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा कि क्रॉनिक पेन समाज में मौजूद एक बड़ा स्वास्थ्य बोझ है, लेकिन कई बार इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।

उन्होंने कहा कि बहुत से लोग लंबे समय तक दर्द झेलते रहते हैं, जबकि उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि विशेषज्ञ पेन मेडिसिन के माध्यम से उनकी समस्या का उपचार संभव है। ISSP का उद्देश्य दर्द से संबंधित जागरूकता बढ़ाने के साथ वैज्ञानिक पेन मेडिसिन की पहुंच को व्यापक बनाना है।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि संस्था का संदेश है कि जो लोग लंबे समय से दर्द से परेशान हैं, उन्हें पेन फिजिशियन से सलाह लेनी चाहिए। उनके मुताबिक, आधुनिक पेन मेडिसिन में पुराने दर्द के उपचार के लिए साक्ष्य-आधारित चिकित्सा, इंटरवेंशनल तकनीक और कम से कम चीर-फाड़ वाली प्रक्रियाओं का भी इस्तेमाल किया जाता है, जहां मरीज के लिए उपयुक्त हो।

पेन मेडिसिन को सुपर-स्पेशियलिटी के रूप में विकसित करने पर जोर

कार्यक्रम के दौरान पेन मेडिसिन को एक समर्पित सुपर-स्पेशियलिटी के तौर पर विकसित करने की जरूरत पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में तेज दर्द, लंबे समय से जारी दर्द, न्यूरोपैथिक दर्द, कैंसर से संबंधित दर्द और मांसपेशियों तथा हड्डियों से जुड़े जटिल दर्द की जांच, निदान और उपचार किया जाता है।

RMLIMS की पेन मेडिसिन यूनिट की ओर से आयोजित BMD जांच शिविर को इसी व्यापक जागरूकता अभियान का हिस्सा बताया गया है।

2026 में न्यूरोपैथिक दर्द पर विशेष फोकस

सितंबर माह को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्द के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से मनाया जाता है। वर्ष 2026 में ग्लोबल पेन अवेयरनेस मंथ के दौरान न्यूरोपैथिक दर्द के प्रभाव, इसकी पहचान, उपचार और शोध के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

RMLIMS में आयोजित यह शिविर भी इसी अभियान से जुड़ा है। इसके जरिए लोगों को दर्द और हड्डियों से संबंधित समस्याओं की शुरुआती पहचान तथा समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

ISSP का संदेश—लंबे समय से दर्द है तो विशेषज्ञ से मिलें

इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ पेन ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से दर्द से परेशान है तो वह पेन फिजिशियन से परामर्श ले। संस्था जागरूकता, शिक्षा, शोध, प्रशिक्षण और बेहतर मरीज देखभाल के माध्यम से पेन मेडिसिन को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है।

ISSP के अनुसार, उसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपचार योग्य पुराने दर्द के साथ किसी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक जीवन न बिताना पड़े।

वें काउंट करें…हम नौकरी देते जाएंगे’, एक लाख सरकारी नौकरी के वादे पर अखिलेश के तंज का CM योगी ने दिया जवाब

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़ : उत्तर प्रदेश में अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ऐलान को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा इस घोषणा पर सवाल उठाए जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पलटवार किया है। योगी ने कहा कि सरकार नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ा रही है और निर्धारित लक्ष्य से कम नहीं, बल्कि उससे अधिक युवाओं को नौकरी देने की दिशा में काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को विभिन्न विभागों के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। 19 सितंबर को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में कुल 818 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास, उद्योग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा आयुष विभाग से जुड़े पद शामिल हैं।

अखिलेश के तंज पर योगी का जवाब

एक लाख सरकारी नौकरियां देने की घोषणा पर अखिलेश यादव ने सवाल उठाते हुए कहा था कि जनवरी के बाद आचार संहिता लागू होने की स्थिति में इतनी बड़ी संख्या में नियुक्तियां कैसे की जाएंगी।

इसके जवाब में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया पहले से चल रही है। उन्होंने कहा कि लोग नियुक्तियों की संख्या गिनते रहें और सरकार युवाओं को नियुक्ति पत्र देती रहेगी।

योगी ने दावा किया कि अब तक करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को विभिन्न विभागों में नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आगामी महीनों में भी अलग-अलग भर्ती प्रक्रियाओं के परिणाम आने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दी जाएंगी।

पुलिस, होमगार्ड और दूसरे विभागों में भर्ती का जिक्र

मुख्यमंत्री ने आगामी नियुक्तियों का विवरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस में करीब 36 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाने हैं और संबंधित अभ्यर्थियों की मेडिकल प्रक्रिया चल रही है।

उन्होंने होमगार्ड भर्ती का भी जिक्र किया। इसके अलावा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के जरिए अगले छह महीनों में करीब 25 से 30 हजार युवाओं को अवसर मिलने की बात कही।

योगी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग के माध्यम से अगले तीन से चार महीनों में लगभग 20 से 25 हजार युवाओं को अवसर मिलने की उम्मीद है। वहीं, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद करीब 15 से 16 हजार अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाने की बात उन्होंने कही।

मुख्यमंत्री ने इन आंकड़ों के आधार पर कहा कि सरकार का लक्ष्य एक लाख नियुक्तियों से कम नहीं है और यह संख्या इससे अधिक भी हो सकती है।

818 अभ्यर्थियों को दिए गए नियुक्ति पत्र

19 सितंबर को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के कुल 818 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इनमें 48 अनुदेशक, उद्योग विभाग के 9 सहायक सांख्यिकीय अधिकारी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के 357 एक्सरे टेक्नीशियन और आयुष विभाग के 404 विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कुछ चयनित अभ्यर्थियों को स्वयं नियुक्ति पत्र दिए, जबकि अन्य अभ्यर्थियों को संबंधित विभागों के माध्यम से नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

योगी ने पिछली सरकारों की भर्ती व्यवस्था पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती सरकारों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले प्रदेश में सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी और इससे युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता था।

योगी ने दावा किया कि उस दौर में भर्ती आयोगों और बोर्डों की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठते थे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया और युवाओं को बिना भेदभाव के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया।

‘यूपी की युवा शक्ति को अवसर में बदला’

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की बड़ी युवा आबादी को सरकार ने चुनौती के बजाय प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए अवसर के रूप में देखा है। उनके मुताबिक, युवाओं को रोजगार और भर्ती के अवसर उपलब्ध कराने के साथ प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को भी गति देने का प्रयास किया गया है।

योगी ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पिछले वर्षों में बदलाव आया है और प्रदेश को देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला राज्य बताया।

2027 के चुनाव से पहले रोजगार बना बड़ा मुद्दा

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले रोजगार और सरकारी भर्ती का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की घोषणा के बाद विपक्षी दलों ने इसके समय और क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए हैं।

वहीं, राज्य सरकार की ओर से नियुक्ति पत्र वितरण और विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए लक्ष्य पूरा करने की बात कही जा रही है। ऐसे में आने वाले महीनों में सरकारी भर्तियों और नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।

राहुल गांधी के साथ आएं ममता बनर्जी, क्या बोल गईं सायोनी घोष? बढ़ गई सियासी हलचल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद जहां विपक्षी दलों और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है, वहीं अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पूर्व नेता और नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) की सांसद सायोनी घोष के बयान ने राजनीतिक चर्चा को और बढ़ा दिया है।

सायोनी घोष ने कांग्रेस और टीएमसी के बीच संभावित गठजोड़ को लेकर उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस और ममता बनर्जी की टीएमसी साथ आती हैं, तो इससे दोनों दलों की राजनीतिक साझेदारी को लेकर एक मजबूत संदेश जाएगा।

यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब चुनाव आयोग ने टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगा रखी है। ऐसे में नंदीग्राम उपचुनाव में पार्टी की पहचान और गठबंधन को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।

राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस-TMC गठबंधन की उम्मीद

पत्रकारों से बातचीत में सायोनी घोष ने कहा कि वह चाहेंगी कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और ममता बनर्जी की टीएमसी एक साथ आएं। उनके मुताबिक, दोनों दलों की एकजुटता से जनता के बीच राजनीतिक गठबंधन को लेकर स्पष्ट संदेश जाएगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और टीएमसी के बीच अगर मजबूत साझेदारी बनती है, तो यह सिर्फ औपचारिक गठबंधन नहीं बल्कि वास्तविक राजनीतिक सहयोग के तौर पर देखा जाएगा।

मिलन प्रधान की उम्मीदवारी और कानूनी मामलों पर भी बोलीं

नंदीग्राम जैसी हाई-प्रोफाइल सीट से कांग्रेस द्वारा मिलन प्रधान को उम्मीदवार बनाए जाने और उनके खिलाफ लंबित मामलों से जुड़े सवाल पर भी सायोनी घोष ने प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि चुनाव के समय राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से जुड़े कानूनी मामले सामने आना कोई असामान्य बात नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग और अदालत जैसे संस्थानों का रुख करने का अधिकार है।

सायोनी घोष के मुताबिक, कांग्रेस, टीएमसी या बीजेपी—हर राजनीतिक दल को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने की स्वतंत्रता है।

मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद गरमाई राजनीति

नंदीग्राम उपचुनाव 6 अक्टूबर को प्रस्तावित है। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद इस सीट का चुनाव राजनीतिक विवाद का प्रमुख मुद्दा बन गया है।

बताया गया कि ममता बनर्जी गुट की ओर से मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा के कुछ समय बाद उन्हें एक पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद कांग्रेस ने गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए और चुनाव में मजबूती से उतरने की बात कही।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए गिरफ्तारी पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव का हिस्सा है और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस डरने या पीछे हटने वाली नहीं है।

खरगे ने भी गिरफ्तारी पर बीजेपी को घेरा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवार को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है।

खरगे ने कहा कि कांग्रेस को दबाया या चुप नहीं कराया जा सकता। उन्होंने विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन की एकजुटता का भी जिक्र किया।

ममता बनर्जी ने भी गिरफ्तारी के समय पर उठाए सवाल

टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के समय को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा के कुछ ही समय बाद गिरफ्तारी हुई।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पुराने मामलों को चुनाव के दौरान सामने लाना बीजेपी की रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने सवाल किया कि यदि मामला पुराना था तो कार्रवाई इसी समय क्यों की गई।

टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर भी विवाद

नंदीग्राम उपचुनाव की राजनीतिक पृष्ठभूमि में टीएमसी के भीतर चल रहा विवाद भी अहम है। चुनाव आयोग ने अंतरिम आदेश के तहत टीएमसी के दोनों गुटों को पार्टी के मूल नाम और ‘फूल और घास’ वाले चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया है।

वहीं, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने नंदीग्राम से अपने उम्मीदवार संचित प्रधान डे को चुनावी मैदान से वापस लेने का फैसला किया था।

नंदीग्राम में इन उम्मीदवारों के बीच मुकाबला

नंदीग्राम विधानसभा सीट 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद खाली हुई थी। शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़कर भवानीपुर सीट को बरकरार रखा था। नंदीग्राम लंबे समय से ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी की राजनीति का प्रमुख केंद्र रहा है।

इस उपचुनाव में फिलहाल प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं:

  • बीजेपी: हसीरानी रथ
  • कांग्रेस: मिलन प्रधान
  • CPI: शांति गोपाल गिरी

नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों के अलावा असम की नगांव लोकसभा सीट पर भी 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। इन चुनावों के नतीजों की मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।

नंदीग्राम उपचुनाव बना कई राजनीतिक मुद्दों का केंद्र

नंदीग्राम में होने वाला उपचुनाव अब सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं रह गया है। यहां टीएमसी की पार्टी पहचान और चुनाव चिह्न से लेकर कांग्रेस-TMC के संभावित तालमेल, विपक्षी एकता और मिलन प्रधान की गिरफ्तारी जैसे कई मुद्दे राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुके हैं।

6 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले नंदीग्राम में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि चुनावी मैदान में कौन-सा दल किस रणनीति के साथ उतरता है और मतदाताओं का रुख क्या रहता है।

बंगाल उपचुनाव से पहले शुभेंदु अधिकारी का मुस्लिम मतदाताओं को ‘टेस्ट’, बोले- 6 अक्टूबर को तय होगा पास या फेल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। अधिकारी ने अल्पसंख्यक मतदाताओं से कहा कि 6 अक्टूबर को होने वाला मतदान उनके लिए एक तरह की परीक्षा है। उन्होंने मतदाताओं से सरकार के साथ रहने या नहीं रहने का फैसला करने को कहा।

अधिकारी का यह बयान 15 सितंबर को हल्दिया में भाजपा उम्मीदवार के नामांकन के दौरान सामने आया। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। रेजिनगर मुर्शिदाबाद जिले में स्थित है और यहां अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या महत्वपूर्ण मानी जाती है।

क्या बोले शुभेंदु अधिकारी?

रिपोर्टों के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और रेजिनगर के अल्पसंख्यक मतदाताओं से सरकार के साथ सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सरकार और मुख्यमंत्री के साथ रहना चाहते हैं तथा मिलकर काम करना चाहते हैं, तो 6 अक्टूबर का चुनाव उनके लिए परीक्षा जैसा होगा।

अधिकारी ने कहा कि मतदाताओं को तय करना है कि वे इस परीक्षा में पास होना चाहते हैं या फेल। बाद में उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम मतदाताओं को साबित करना होगा कि वे भाजपा के दोस्त हैं।

विकास के मुद्दे पर दिया जोर

अधिकारी ने अपने बयान में विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार सभी वर्गों के लिए काम कर रही है और अल्पसंख्यक मतदाताओं के सामने भाजपा के साथ आने का अवसर है। उन्होंने यह भी दावा किया कि नंदीग्राम में भाजपा बड़े अंतर से जीत दर्ज करेगी।

हालांकि, चुनावी मुकाबले में भाजपा के अलावा तृणमूल कांग्रेस के दो गुट, कांग्रेस और वाम दल भी मैदान में हैं। ऐसे में दोनों सीटों पर मुकाबला बहुकोणीय होने की संभावना है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

शुभेंदु अधिकारी के बयान पर विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई है। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि चुनाव में बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक के आधार पर नहीं, बल्कि विकास के आधार पर सभी वर्गों का समर्थन हासिल किया जाना चाहिए।

विपक्ष ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री का बयान मतदाताओं पर दबाव बनाने वाला है। वहीं, अधिकारी के समर्थकों का कहना है कि उनका संदेश सरकार के विकास कार्यों और भाजपा के साथ सहयोग को लेकर था।

नंदीग्राम और रेजिनगर में क्यों हो रहा उपचुनाव?

नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी, लेकिन बाद में भवानीपुर सीट बरकरार रखने का फैसला किया।

रेजिनगर सीट आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के सीट छोड़ने के बाद रिक्त हुई। भाजपा ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ और रेजिनगर से शाश्वर सरकार को उम्मीदवार बनाया है। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा और परिणाम 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।

नंदीग्राम में जीत को लेकर बड़ा दावा

शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में भाजपा की बड़ी जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस सीट पर ऐसे अंतर से जीत हासिल करेगी, जिसकी कल्पना भी नहीं की गई होगी। हालांकि, यह उनका चुनावी दावा है और इसका परिणाम मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा।

नंदीग्राम में भाजपा उम्मीदवार हसीरानी रथ के नामांकन के साथ ही चुनाव प्रचार तेज हो गया है। हसीरानी रथ भाजपा नेता चंद्रनाथ रथ की मां हैं, जिनकी हत्या के बाद यह मामला भी चुनावी चर्चा का हिस्सा बना हुआ है।

Aaj Ka Rashifal,16 September 2026: 6 राशियों के लिए धन लाभ के संकेत, भौतिक सुख-सुविधाओं में हो सकती है बढ़ोतरी

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Aaj Ka Rashifal,16 September 2026: ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज मंगल मिथुन राशि में, गुरु कर्क राशि में, सूर्य और केतु सिंह राशि में, बुध कन्या राशि में तथा शुक्र और चंद्रमा तुला राशि में स्थित हैं। सूर्योदय के समय चंद्रमा तुला राशि के विशाखा नक्षत्र में रहेंगे। इसके बाद चंद्रमा वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे, जहां उन्हें नीच का माना जाता है। राहु कुंभ और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं।

ग्रहों की इन स्थितियों का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग पड़ सकता है। कुछ राशि वालों को धन लाभ, व्यापार और भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं, जबकि कुछ को स्वास्थ्य और खर्च के मामले में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक का आज का राशिफल।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा सावधानी बरतने वाला हो सकता है। परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल नहीं रहेंगी। चोट लगने या किसी परेशानी में फंसने की आशंका है, इसलिए स्वास्थ्य का ध्यान रखें और वाहन चलाते समय सतर्क रहें। प्रेम और संतान पक्ष अच्छा रहेगा। व्यापार में भी स्थिति संतोषजनक बनी रह सकती है। घरेलू सुख-सुविधाओं का आनंद मिलेगा। पीली वस्तु अपने पास रखना शुभ माना जा सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों को जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा। दिन आनंद और प्रसन्नता के साथ बीत सकता है। प्रेम संबंधों में मुलाकात के अवसर बन सकते हैं। हालांकि स्वास्थ्य में थोड़ा उतार-चढ़ाव संभव है। प्रेम, संतान और व्यापार से जुड़े मामलों में सकारात्मक स्थिति बनी रहेगी। बातचीत में कठोर शब्दों के इस्तेमाल से बचें। बजरंगबली का स्मरण करना शुभ रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के विरोधी दबाव बनाने का प्रयास कर सकते हैं, लेकिन वे अपने प्रयासों में सफल नहीं होंगे। अंततः विजय आपकी हो सकती है। स्वास्थ्य सामान्य से थोड़ा कमजोर रह सकता है और छोटी-मोटी परेशानियां सामने आ सकती हैं। प्रेम और संतान पक्ष बेहद अच्छा रहेगा। व्यापार में भी सफलता के संकेत हैं। काली माता को प्रणाम करना शुभ माना जा सकता है।

कर्क राशि

कर्क राशि के लोगों को भावनाओं में बहकर निर्णय लेने से बचना चाहिए। आज का समय अध्ययन, लेखन और ज्ञानवर्धक कार्यों में लगाना लाभकारी हो सकता है। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। प्रेम और संतान पक्ष मध्यम रहेगा, जबकि व्यापार में अच्छी स्थिति देखने को मिल सकती है। सरकारी तंत्र से सहयोग मिलने के संकेत हैं। सूर्य देव को जल अर्पित करना शुभ रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के घरेलू जीवन में तनाव या गृहकलह की स्थिति बन सकती है। हालांकि भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी के संकेत हैं। भूमि, भवन या वाहन की खरीदारी के योग बन सकते हैं। प्रेम संबंधों में कुछ दूरी महसूस हो सकती है और संतान पक्ष मध्यम रहेगा। व्यापार के लिए दिन अच्छा रह सकता है। निवेश के मामले में भी अनुकूल संकेत मिल रहे हैं, फिर भी निर्णय सोच-समझकर लें। हरी वस्तु का दान करना शुभ माना जा सकता है।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन कई मामलों में सकारात्मक रह सकता है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष मजबूत रहेगा। व्यापार में सफलता मिलने के संकेत हैं। आपके प्रयासों और पराक्रम का अच्छा परिणाम सामने आ सकता है। नए कारोबार की शुरुआत या निवेश के लिए अवसर बन सकते हैं। हरी वस्तु अपने पास रखना शुभ रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए धन आगमन के योग बन रहे हैं। परिवार, मित्रों और अपने लोगों का दायरा बढ़ सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार और तरल धन में वृद्धि के संकेत हैं। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में स्थिति मध्यम रह सकती है। व्यापार अच्छा चलेगा, लेकिन फिलहाल निवेश करने से बचना बेहतर माना जा सकता है। लाल वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों का भाग्य साथ दे सकता है। जरूरत के अनुसार जीवन में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनी रहेगी। स्वास्थ्य में सुधार के संकेत हैं। प्रेम और संतान पक्ष अच्छा रहेगा। व्यापार में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। हरी वस्तु का दान करना शुभ माना जा सकता है।

धनु राशि

धनु राशि वालों का मन कुछ चिंतित रह सकता है। खर्चों में बढ़ोतरी होने की संभावना है, इसलिए आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। स्वास्थ्य मध्यम रह सकता है। प्रेम और संतान पक्ष काफी अच्छा रहेगा। व्यापार में भी सफलता के संकेत हैं। लाल वस्तु अपने पास रखना शुभ रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए आय के नए रास्ते खुल सकते हैं। पुराने स्रोतों से भी धन प्राप्त होने के संकेत हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष अनुकूल रहेगा। व्यापार में भी अच्छी स्थिति बनी रह सकती है। काली माता का स्मरण करना शुभ रहेगा।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों को कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। व्यापार में भी अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं। प्रेम और संतान पक्ष थोड़ा मध्यम रह सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। गणेश जी को प्रणाम करना शुभ माना जा सकता है।

मीन राशि

मीन राशि वालों के कुछ कार्य भाग्य के सहयोग से पूरे हो सकते हैं। आप पहले की परेशानियों या जोखिमों से उबर चुके हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम और संतान पक्ष अच्छा रहेगा। व्यापार में भी सकारात्मक स्थिति बनी रह सकती है। लाल वस्तु अपने पास रखना शुभ रहेगा।

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। इसे सामान्य मार्गदर्शन के रूप में लें। व्यक्तिगत जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय अपनी परिस्थितियों और विशेषज्ञ सलाह को भी ध्यान में रखें।

बढ़ी दाढ़ी, फटे कपड़े और बासी रोटी… गुरु के आदेश पर एक दिन भिखारी बने करोड़ों की संपत्ति वाले BJP विधायक

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- महाराष्ट्र के घाटकोपर पूर्व से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक पराग शाह एक अनोखे आध्यात्मिक प्रयोग को लेकर चर्चा में हैं। करीब 5 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति वाले बताए जाने वाले पराग शाह ने एक दिन के लिए अपना विधायक पद, सुरक्षा घेरा और आलीशान जीवनशैली पीछे छोड़ दी। बढ़ी हुई दाढ़ी, फटे-पुराने कपड़े और हाथ में कटोरा लेकर वह मुंबई की सड़कों पर भीख मांगते नजर आए।

यह प्रयोग किसी आर्थिक मजबूरी की वजह से नहीं, बल्कि आध्यात्मिक आत्ममंथन के उद्देश्य से किया गया था। बताया जा रहा है कि जैन धर्म के चातुर्मास के दौरान उनके आध्यात्मिक गुरु राष्ट्रसंत नम्रमुनि महाराज ने उन्हें समाज के वंचित वर्ग के जीवन को करीब से समझने के लिए यह अनुभव करने का निर्देश दिया था।

VIP पहचान छोड़कर सड़क पर उतरे विधायक

गुरु की आज्ञा मानते हुए पराग शाह ने एक दिन के लिए अपना वीआईपी जीवन त्याग दिया। सुरक्षा कर्मियों और लग्जरी गाड़ियों से दूरी बनाकर वह आम लोगों के बीच पहुंचे। मेकअप के जरिए उनका ऐसा रूप तैयार किया गया कि उन्हें पहचानना मुश्किल हो गया।

बढ़ी दाढ़ी और पुराने, फटे कपड़ों में वह घाटकोपर की सड़कों पर हाथ में कटोरा लेकर लोगों से मदद मांगते रहे। उस दिन उनके आसपास न तो सुरक्षा का सामान्य घेरा था और न ही विधायक के तौर पर मिलने वाली विशेष पहचान।

किसी ने नजरअंदाज किया, तो किसी ने दिया खाना

इस अनुभव के दौरान पराग शाह को लोगों के अलग-अलग व्यवहार का सामना करना पड़ा। कुछ राहगीरों ने उन्हें अनदेखा कर दिया, कुछ ने दुत्कारा, जबकि कई लोगों ने मदद के तौर पर पैसे या खाने की चीजें दीं।

इस दौरान उन्होंने महसूस किया कि जरूरतमंद लोगों के लिए छोटी-सी मदद भी कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। बताया गया कि कई घंटों तक चले इस प्रयोग में किसी आम नागरिक ने उन्हें पहचान नहीं पाया।

मिले भोजन और बासी रोटी से मिटाई भूख

पराग शाह ने इस दौरान लोगों की ओर से मिले भोजन और रोटी से अपनी भूख मिटाई। करोड़ों की संपत्ति और राजनीतिक प्रभाव रखने वाले विधायक के लिए यह अनुभव इसलिए खास था, क्योंकि उन्हें अभाव में जीवन गुजारने वाले लोगों की कठिनाइयों को एक अलग नजरिए से समझने का अवसर मिला।

इस प्रयोग का उद्देश्य केवल भीख मांगना नहीं था, बल्कि पद, प्रतिष्ठा और संपत्ति के अहंकार से बाहर निकलकर समाज के कमजोर वर्ग की जिंदगी को महसूस करना था। गुरु नम्रमुनि महाराज की सीख का संदेश भी यही बताया गया कि इंसान को ऊंचाइयों पर पहुंचने के बाद भी जरूरतमंदों की पीड़ा नहीं भूलनी चाहिए।

मेकअप उतारने के बाद मदद करने वालों से मिले

शाम को प्रयोग पूरा होने के बाद पराग शाह ने अपना मेकअप उतारा और वास्तविक रूप में लौटे। इसके बाद उन्होंने उन लोगों से दोबारा मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें भिखारी समझकर पैसे या भोजन दिया था। उन्होंने मदद करने वालों का आभार जताया और उनके अनुभव को समझने की कोशिश की।

बाद में उन्होंने अपने गुरु और समाज के सामने इस पूरे अनुभव को साझा किया। उनके लिए यह केवल एक दिन का प्रयोग नहीं, बल्कि आत्ममंथन और सामाजिक संवेदना को समझने का अवसर था।

क्या है इस अनुभव का संदेश?

पराग शाह का यह प्रसंग इस बात की ओर इशारा करता है कि दौलत, पद और राजनीतिक शक्ति इंसान की बाहरी पहचान हो सकती है, लेकिन दूसरों के दुख-दर्द को समझना मानवीय संवेदना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक दिन भिखारी का जीवन जीने का यह प्रयोग इसी आत्मबोध और समाज के कमजोर वर्ग के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है।

राजस्थान निकाय चुनाव में BJP प्रत्याशी को मिला सिर्फ 1 वोट, RLP उम्मीदवार का भी यही हाल; जानें पूरा मामला

राजस्थान निकाय चुनाव: राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले की परबतसर नगर पालिका के चुनाव नतीजों में दो प्रत्याशियों को मिले सिर्फ एक-एक वोट ने सबका ध्यान खींचा है। वार्ड नंबर 13 से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार कैलाश चंद्र को महज एक वोट मिला, जबकि वार्ड नंबर 20 से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रत्याशी भंवरलाल भी केवल एक वोट हासिल कर सके।

इन नतीजों के बाद स्थानीय राजनीति से लेकर सोशल मीडिया तक इस बात की चर्चा हो रही है कि आखिर दोनों प्रत्याशियों को इतने कम वोट क्यों मिले। BJP उम्मीदवार कैलाश चंद्र का मामला इसलिए भी अलग है, क्योंकि वह जिस वार्ड से चुनाव लड़ रहे थे, वहां के मतदाता ही नहीं थे।

BJP प्रत्याशी को क्यों मिला सिर्फ एक वोट?

स्थानीय जानकारी के अनुसार, कैलाश चंद्र वार्ड नंबर 12 के मतदाता हैं, जबकि पार्टी ने उन्हें वार्ड नंबर 13 से चुनाव मैदान में उतारा था। बताया जा रहा है कि वार्ड नंबर 13 में BJP को प्रत्याशी नहीं मिल रहा था। ऐसे में पार्टी संगठन के कहने पर कैलाश चंद्र ने वहां से नामांकन दाखिल किया।

हालांकि, चुनाव परिणाम आने के बाद उन्हें सिर्फ एक वोट मिला। इस वार्ड में कांग्रेस की हिना खानम को 376 वोट हासिल हुए, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी रसीद खां के खाते में 195 वोट आए।

सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि कैलाश चंद्र वार्ड नंबर 13 के मतदाता नहीं थे। इसलिए वह खुद को वोट भी नहीं दे सके। बताया जा रहा है कि उनका परिवार भी वार्ड नंबर 12 का ही मतदाता है।

क्या कांग्रेस को निर्विरोध जीत से रोकने के लिए उतारा गया था उम्मीदवार?

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि वार्ड नंबर 13 में BJP को उम्मीदवार नहीं मिल रहा था। ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी को निर्विरोध जीतने से रोकने के लिए कैलाश चंद्र को मैदान में उतारा गया। हालांकि, प्रत्याशी चयन को लेकर पार्टी संगठन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है।

इस वजह से यह स्पष्ट नहीं है कि कैलाश चंद्र को वार्ड नंबर 13 से चुनाव लड़ाने का अंतिम निर्णय किन परिस्थितियों में लिया गया था।

RLP उम्मीदवार भंवरलाल को भी मिला एक वोट

परबतसर नगर पालिका के वार्ड नंबर 20 से RLP प्रत्याशी भंवरलाल को भी सिर्फ एक वोट मिला। उनके नतीजे ने भी स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा है।

RLP का राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में प्रभाव रहा है और पार्टी के प्रत्याशी निकाय चुनावों में जीत भी दर्ज करते रहे हैं। ऐसे में एक उम्मीदवार का सिर्फ एक वोट तक सीमित रह जाना चर्चा का विषय बन गया है।

एक वोट वाले नतीजों ने खड़े किए सवाल

परबतसर नगर पालिका के इन दोनों चुनावी नतीजों ने राजनीतिक दलों के स्थानीय संगठन, प्रत्याशी चयन और चुनावी तैयारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

BJP जैसी राष्ट्रीय पार्टी के उम्मीदवार को सिर्फ एक वोट मिलना इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि वह संबंधित वार्ड का मतदाता नहीं था। वहीं, RLP प्रत्याशी के खाते में भी एक वोट आने से स्थानीय जनाधार और उम्मीदवार चयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल, परबतसर नगर पालिका चुनाव का यह एक वोट वाला मामला स्थानीय राजनीति और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। खासकर BJP प्रत्याशी कैलाश चंद्र का खुद को वोट नहीं दे पाना इस पूरे घटनाक्रम को और भी दिलचस्प बना रहा है।