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वक्फ बिल के पारित होते ही सीएम योगी ने शुरू की कार्रवाई, जानिए कौन सी संपत्तियां होंगी जब्त

सर्वोदय/लखनऊ:- वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होते ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वक्फ बोर्ड द्वारा अवैध रूप से घोषित संपत्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अभियान चलाकर ऐसी संपत्तियों की पहचान करें जिन्हें नियमों के विरुद्ध वक्फ घोषित किया गया है। इनमें तालाब, पोखर, खलिहान और ग्राम समाज की ज़मीनें शामिल हैं, जिन्हें सरकार अवैध मान रही है।
अधिकारियों के अनुसार, सार्वजनिक संपत्तियों को वक्फ में शामिल नहीं किया जा सकता, केवल वही संपत्तियां वक्फ मानी जाएंगी जिन्हें किसी व्यक्ति ने स्पष्ट रूप से दान किया हो। यूपी सरकार ने वक्फ संपत्तियों में गंभीर गड़बड़ी पाई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, केवल 2963 वक्फ बोर्ड की संपत्तियां दर्ज हैं, जिनमें शिया और सुन्नी दोनों बोर्ड की संपत्तियां शामिल हैं।

अवैध वक्फ संपत्तियों की होगी जब्ती
राजस्व विभाग के अनुसार, यूपी में वक्फ बोर्ड द्वारा किए गए संपत्ति दावों में भारी गड़बड़ी पाई गई है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, सुन्नी वक्फ बोर्ड की केवल 2,533 और शिया वक्फ बोर्ड की 430 संपत्तियां अधिकृत रूप से पंजीकृत हैं, जबकि वक्फ बोर्ड द्वारा दावा किए गए आंकड़े इससे कई गुना अधिक हैं। अब सरकार ने इन संपत्तियों की जांच के आदेश दिए हैं और अवैध रूप से कब्जाई गई संपत्तियों को सरकारी संपत्ति घोषित कर जब्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, कई जिलों में सार्वजनिक उपयोग की ज़मीनों को वक्फ घोषित कर कब्जा किया गया था। अब सरकार ऐसे मामलों की गहन जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अवैध रूप से कब्जाई गई प्रत्येक संपत्ति को कानूनी प्रक्रिया के तहत मुक्त कराया जाएगा।

सीएम योगी का प्रयागराज में बयान

प्रयागराज में निषादराज गुह्य जयंती समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वक्फ बोर्ड पर तीखा हमला बोला। उन्होंने वक्फ बोर्ड पर भूमि अतिक्रमण के आरोप लगाए और कहा कि यह सार्वजनिक और ऐतिहासिक स्थलों पर मनमाने दावे करता रहा है, जो अब सहन नहीं किए जाएंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुंभ मेले की तैयारियों के दौरान भी वक्फ बोर्ड ने आयोजन स्थल को अपनी संपत्ति बताया था, जिस पर सरकार को सख्त कदम उठाने पड़े। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार के तहत अतिक्रमण हटाया जाएगा और माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा।

मशहूर एक्टर और डायरेक्टर मनोज कुमार का 87 की उम्र में निधन

सर्वोदय:-  बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और फिल्म निर्देशक मनोज कुमार का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। देशभक्ति फिल्मों के लिए जाने जानेवाले मनोज कुमार को ‘भारत कुमार’ के नाम से भी पुकारा जाता था। उन्हें पद्म श्री और दादा साहब फाल्के पुरस्कार सहित कई अन्य सम्मान भी प्राप्त हुए थे।

बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर और फिल्म निर्देशक मनोज कुमार ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। खास कर अपनी देशभक्ति फिल्मों के लिए जाने जानेवाले मनोज कुमार को लोग प्यार से ‘भारत कुमार’ भी कहते हैं। 87 वर्ष की आयु में कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में उनका निधन हो गया।

मनोज कुमार को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूबाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां हृदय संबंधी दिक्कतों के कारण उनकी मृत्यु हो गई। अस्पताल द्वारा जारी किए गए मेडिकल सर्टिफिकेट के मुताबिक, उनकी मृत्यु का दूसरा कारण डीकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस है। बताया जा रहा है कि कल यानी शनिवार दोपहर 12 बजे मनोज कुमार का अंतिम संस्कार मुंबई के विले पार्ले शमशान में किया जाएगा। बता दें कि उन्होंने अपनी फिल्मों के जरिए बच्चे-बच्चे के मन में देशभक्ति की भावना जगाई और वो देशभक्ति वाली फिल्में बनाने वाले बॉलीवुड के पहले एक्टर बने।

उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया था। उन्हें भारतीय सिनेमा और कला में उनके योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा 1992 में पद्म श्री और 2015 में सिनेमा के क्षेत्र में सर्वोच्च पुरस्कार दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। लीड रोल के तौर पर उनकी 1964 में आई राज खोसला की रहस्य थ्रिलर ‘वो कौन थी?’ सुपरहिट साबित हुई। इस फिल्म के गाने जैसे ‘लग जा गले’ और ‘नैना बरसे रिमझिम’ को लोगों ने खूब प्यार दिया जिन्हें लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी।

उनका जन्म ब्रिटिश भारत (मौजूदा समय में जिसे खैबर पख्तूनख्वा , पाकिस्तान कहते हैं ) के उत्तर-पश्चिमी प्रांत के एक शहर एबटाबाद में एक पंजाबी हिंदू ब्राह्मण परिवार में हुआ था । एक्टर का जन्म का नाम हरिकृष्ण गिरि गोस्वामी है। जब वह 10 साल के थे तो उनका परिवार बटवारे के कारण जंडियाला शेर खान से दिल्ली आ गया।

साल 1957 में मनोज कुमार को उनकी पहली फिल्म ‘फ़ैशन’ मिली, जिसमें 19 साल के एक्टर ने 80-90 साल के भिखारी का छोटा सा रोल निभाया था। मनोज कुमार ने ‘सहारा’, ‘चांद’ और ‘हनीमून’  जैसी फिल्मों में खाम किया और फिर उन्हें मिली ‘कांच की गुड़िया’  जिसमें वो पहली बार लीड रोल में दिखे। इसके बाद ‘पिया मिलन की आस’, ‘सुहाग सिंदूर’, ‘रेशमी रूमाल’ आई।

उनकी पहली रिलीज़ देशभक्ति फिल्म ‘शहीद’ थी, जो स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के जीवन पर आधारित थी । इस फिल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों के साथ-साथ भारत के तत्कालीन प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री से भी जमकर तारीफ मिली और ये बॉक्स ऑफिस पर हिट रही। साल 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद, प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने उन्हें लोकप्रिय नारे ‘जय जवान जय किसान’ पर आधारित एक फिल्म बनाने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने देशभक्ति फिल्म ‘उपकार’ (1967) बनाई, जिसे क्रिटिक्स की खूब तारीफें मिली और यह उस वर्ष बॉक्स ऑफिस पर हिट रही और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर बनकर उभरी । इस फिल्म का संगीत 1960 के दशक का छठा सबसे अधिक बिकने वाला हिंदी फिल्म एल्बम था। फिल्म ‘उपकार’ का एक गीत , ‘मेरे देश की धरती’ हर साल भारत में गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान बजाया जाता है ।

वक्फ बिल को संसद की हरी झंडी, लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास हुआ बिल, पक्ष में पड़े 128 वोट

सर्वोदय/नई दिल्ली:-  वक्फ बिल को संसद की हरी झंडी, लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास हुआ बिल, पक्ष में पड़े 128 वोट | लोकसभा से पास होने के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया गया जहां लगभग 12 घंटे लंबी बहस के बाद इसे मंजूरी मिल गई। इस बिल के पक्ष में 128 वोट पड़े, जबकि 95 वोट बिल के विरोध में आए। वहीं लोकसभा में इस बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े, जबकि 232 सांसदों ने विरोध में मतदान किया। अब जब यह बिल राज्यसभा के साथ-साथ लोकसभा में भी पास हो गया है, तो अगला कदम राष्ट्रपति की मंजूरी है। इसके बाद यह कानून बनकर लागू हो जाएगा। गौरतलब है कि मोदी सरकार की तरफ से यह बिल वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और प्रबंधन में सुधार के मकसद से लाया गया है, लेकिन इसे लेकर संसद के दोनों सदनों में सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी दलों के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला।
जेडीयू ने बताया पसमांदा मुसलमानों के हक में फैसला:
राज्यसभा में बिल पर बहस के दौरान जेडीयू सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि बिहार के 73% मुस्लिम आबादी में शामिल पसमांदा मुसलमानों को पहली बार वक्फ बोर्ड में प्रतिनिधित्व मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस बिल को लेकर मुसलमानों के बीच अफवाहें फैलाई जा रही थीं, लेकिन राज्यसभा में चर्चा के बाद स्थिति साफ हो गई। झा के मुताबिक, इस कानून के लागू होने से गरीब मुसलमानों के लिए सही मायनों में काम होगा।
देवेगौड़ा ने किया समर्थन बिल का समर्थन:
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने राज्यसभा में इस बिल का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक मुस्लिम धार्मिक प्रथाओं से कोई छेड़छाड़ नहीं करता, बल्कि सिर्फ वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और राजस्व से जुड़ा है। देवेगौड़ा ने बताया कि भारत में वक्फ बोर्डों के पास 8.7 लाख संपत्तियां और 9.4 लाख एकड़ जमीन है, जिसकी अनुमानित कीमत 1.2 लाख करोड़ रुपये है, लेकिन इसे कुछ ताकतवर लोग अपने फायदे के लिए चला रहे थे।
कांग्रेस अध्यक्ष विरोध पर अड़े रहे बोले:
अल्पसंख्यकों को परेशान करने के लिए लाया गया बिल:
…मल्लिकार्जुन खरगे
बिल के पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस बिल का जबरदस्त विरोध करते हुए कहा कि यह अल्पसंख्यकों को परेशान करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि 1995 के वक्फ अधिनियम में कोई बदलाव नहीं किया गया था, तब बीजेपी को कोई दिक्कत नहीं थी। खड़गे ने कहा कि इस बिल में सर्वेक्षण आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त को हटाकर कलेक्टर को जिम्मेदारी देना मुसलमानों के लिए नई मुश्किलें खड़ी करेगा।

ममता बनर्जी का बड़ा बयान: “जब BJP सरकार हटेगी, वक्फ बिल को रद्द कर देंगे”

सर्वोदय/राजनीति:- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को लोकसभा में पास हुए वक्फ संशोधन विधेयक पर बड़ा बयान दिया। ममता ने कहा कि जब भी भाजपा की सरकार सत्ता से बाहर होगी, उनकी सरकार इस वक्फ विधेयक को रद्द कर देगी। उन्होंने भाजपा पर देश को विभाजित करने का आरोप लगाया और इस बिल को धार्मिक आधार पर राजनीति करने का एक कदम करार दिया।

बीजेपी के वक्फ बिल पर ममता का हमला

ममता बनर्जी ने वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 के बारे में कहा, “बीजेपी ने इस विधेयक के माध्यम से देश को बांटने का काम किया है। जब भाजपा सरकार हटेगी और नई सरकार बनेगी, तो हम इस विधेयक को रद्द करने के लिए आवश्यक संशोधन करेंगे।” ममता ने इस बिल को लेकर भाजपा के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह विधेयक एक राजनीतिक चाल है जिसका उद्देश्य समाज को धार्मिक रूप से बांटना है।

तृणमूल कांग्रेस ने किया विधेयक का विरोध

वक्फ संशोधन विधेयक पर संसद में हुई बहस के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने इस विधेयक का विरोध किया। उन्होंने इसे राज्यों के अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि संसद को इस तरह के विधेयक लाने का अधिकार नहीं है। बनर्जी ने कहा, “वक्फ संपत्ति मुस्लिम समुदाय की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान है, और इसे इस तरह से नियंत्रित करने का अधिकार केवल राज्यों का है।”

उन्होंने विधेयक को असंवैधानिक करार देते हुए यह भी कहा कि यह उच्चतम न्यायालय और अन्य न्यायालयों द्वारा स्थापित सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। उनका आरोप था कि सरकार इस विधेयक के जरिए राज्यों की अधिकारों पर अतिक्रमण करने की कोशिश कर रही है।

लोकसभा में विधेयक की मंजूरी, राज्यसभा में जारी है बहस

मंगलवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पेश किया। इसके बाद, 12 घंटे तक चली बहस के बाद एनडीए के सांसदों ने विधेयक का समर्थन किया और यह विधेयक 288 वोटों के साथ पारित हो गया। वहीं, 232 सांसदों ने इसके खिलाफ वोट डाले। इसके बाद, यह विधेयक गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया गया, जहां पर इस पर चर्चा जारी है।

विधेयक का उद्देश्य और विपक्ष की चिंताएं

वक्फ संशोधन विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार लाना और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है। इस विधेयक के तहत, वक्फ बोर्डों की कार्यप्रणाली में सुधार और तकनीकी उन्नति की बात की जा रही है। हालांकि, विपक्षी दलों का कहना है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के अधिक नियंत्रण को केंद्र सरकार के हाथों में सौंपने का एक प्रयास है, जो संविधान की भावना के खिलाफ है।

ममता बनर्जी का यह बयान वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ विपक्षी दलों की एकजुटता को और मजबूत करता है। उन्होंने इस विधेयक को न केवल असंवैधानिक बताया, बल्कि इसे सत्ता की राजनीतिक चाल करार देते हुए इसे रद्द करने का भी वादा किया। अब देखना होगा कि राज्यसभा में इस विधेयक का क्या परिणाम आता है और क्या विपक्षी दल इस मुद्दे पर और कड़ा विरोध जारी रखते हैं।

जिनके मन में राष्ट्र के प्रति निष्ठा नहीं, वे महाकुंभ जैसा आयोजन नहीं कर सकते : सीएम योगी

सर्वोदय/लखनऊ:- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की और उन पर प्रयागराज में जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया। सीएम योगी ने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या यह वक्फ बोर्ड है या भू-माफिया बोर्ड?” उन्होंने वक्फ बोर्ड द्वारा महाकुंभ के आयोजन के दौरान प्रयागराज की कुंभ भूमि पर कब्जे के प्रयास की भी निंदा की।

सीएम योगी का कड़ा बयान: ‘राष्ट्र के प्रति निष्ठा नहीं, तो महाकुंभ जैसा आयोजन नहीं कर सकते’
प्रयागराज में निषादराज गुहा जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा, “कुछ लोग नहीं चाहते थे कि प्रयागराज जैसी पौराणिक जगह को अपनी पहचान मिले क्योंकि उनके लिए उनका वोट बैंक महत्वपूर्ण था। वक्फ बोर्ड के नाम पर प्रयागराज और अन्य शहरों में जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई। जब हम महाकुंभ का आयोजन कर रहे थे, तब वक्फ बोर्ड ने मनमाने तरीके से दावा किया कि कुंभ की भूमि भी वक्फ की है।” योगी ने वक्फ बोर्ड के इस रवैये को खारिज करते हुए कहा कि जिन लोगों के मन में राष्ट्र के प्रति निष्ठा नहीं होती, वे महाकुंभ जैसे ऐतिहासिक और राष्ट्रीय आयोजन नहीं कर सकते।
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 का समर्थन
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकसभा में पारित वक्फ संशोधन विधेयक 2025 का समर्थन किया। इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार करना और वक्फ बोर्डों की कार्यकुशलता को बढ़ाना है। योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह विधेयक राज्यसभा में भी पारित होगा।
उन्होंने कहा, “हमने उत्तर प्रदेश से माफिया का सफाया कर दिया है और हम प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के आभारी हैं कि उन्होंने वक्फ बोर्ड पर लगाम लगाई।”
वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025: क्या है इसका उद्देश्य?
वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 का उद्देश्य 1995 के वक्फ अधिनियम में संशोधन करना और वक्फ संपत्तियों के प्रशासन में सुधार लाना है। इसमें पंजीकरण प्रक्रिया को सुधारने, वक्फ अभिलेखों के प्रबंधन में प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल बढ़ाने, और वक्फ बोर्डों की कार्यकुशलता में सुधार की कोशिश की जाएगी। विधेयक के पारित होने के बाद, वक्फ संपत्तियों की निगरानी और प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।

लोकसभा में पारित विधेयक पर हुई बहस
विधेयक पर लोकसभा में 12 घंटे तक बहस चली और आखिरकार इसे 288 मतों से पारित किया गया, जबकि 232 मत इसके खिलाफ थे। अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा, जहां इसकी चर्चा और पारित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने वक्फ बोर्ड पर निशाना साधते हुए यह स्पष्ट किया कि सरकार वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की और कहा कि इस विधेयक से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी। साथ ही, योगी ने वक्फ बोर्ड द्वारा प्रयागराज में किए गए कब्जे के प्रयास की कड़ी आलोचना की।

“झुकूंगा नहीं” – मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में गरजते हुए भाजपा सांसद के आरोपों पर किया पलटवार

सर्वोदय/नई दिल्ली :- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 3 अप्रैल को राज्यसभा में जोरदार तरीके से भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा लगाए गए आरोपों का सामना किया। वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान खरगे ने पुष्पा फिल्म का मशहूर डायलॉग “झुकूंगा नहीं” दोहराया और कहा कि भाजपा चाहे उन्हें जितना भी डराए, वह कभी नहीं झुकेंगे। खरगे का यह बयान अनुराग ठाकुर के उस आरोप के जवाब में था, जिसमें उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पर वक्फ की जमीन हड़पने का आरोप लगाया था। खरगे ने कहा, “अगर अनुराग ठाकुर के आरोप सही साबित होते हैं, तो मैं इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं। लेकिन अगर ये आरोप निराधार हैं, तो भाजपा सांसद को अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए।”

“मैं डर से नहीं डरता”
खरगे ने कहा, “अगर भाजपा के लोग मुझे डराकर झुकाना चाहते हैं, तो मैं कभी नहीं झुकूंगा। मैं टूट जाऊंगा लेकिन झुकूंगा नहीं।” उन्होंने अपने इस बयान को देते हुए यह भी साफ किया कि वह किसी भी तरह के डर से प्रभावित नहीं होते। खरगे ने यह भी कहा कि अगर भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो वह खुद इस्तीफा दे देंगे, लेकिन झुकने का सवाल नहीं उठता।

आरोपों पर पलटवार
खरगे ने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर पर पलटवार करते हुए कहा कि ठाकुर ने लोकसभा में उनके खिलाफ झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए थे, जिनसे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। उन्होंने यह भी कहा कि जब उनके सहयोगियों ने ठाकुर से आरोप वापस लेने की मांग की, तो उन्हें मजबूर होकर अपनी टिप्पणी वापस लेनी पड़ी, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।

सांसदों को जिम्मेदारी का एहसास दिलाया
खरगे ने जोर देकर कहा कि ऐसे लोग, जो बिना किसी ठोस प्रमाण के आरोप लगाते हैं, उन्हें संसद में बैठने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि अनुराग ठाकुर अपने आरोपों को साबित नहीं कर सकते, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर वह साबित कर देते हैं कि वक्फ की किसी भी जमीन पर मेरा या मेरे बच्चों का कब्जा है, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। मैं इन झूठे आरोपों से नहीं डरता।”

“मेरा जीवन एक खुली किताब की तरह”
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा, “मेरा जीवन हमेशा एक खुली किताब की तरह रहा है। मैंने हमेशा सार्वजनिक जीवन में सर्वोच्च मूल्यों को बरकरार रखा है। राजनीति में 60 साल बिताने के बाद, मुझे ऐसी उम्मीद नहीं थी।” उन्होंने भाजपा सांसद पर निशाना साधते हुए कहा कि अनुराग ठाकुर के आरोपों ने उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है, हालांकि जब उनके सहयोगियों ने इसका विरोध किया, तो ठाकुर को अपनी टिप्पणी वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।
वक्फ संशोधन बिल पर भाजपा का आरोप
वहीं, भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल का विरोध करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को वोट बैंक के लिए इस्तेमाल किया, और अब इस विधेयक से यह स्पष्ट संदेश मिल रहा है कि देश में केवल संविधान ही चलेगा।

अष्टमी-नवमी के दिन कन्या पूजन में भूलकर भी ना दें ये उपहार

सर्वोदय:- चैत्र नवरात्रि का पर्व हर साल श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। विशेषकर अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन का महत्व है, जब भक्त घर आई कन्याओं को पूजते हुए उन्हें उपहार और प्रसाद प्रदान करते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि कन्या पूजन के दौरान कुछ चीजें उपहार के रूप में देना अशुभ और अनुचित माना जाता है। आइए जानते हैं उन 5 चीजों के बारे में, जिन्हें कन्या पूजन के दौरान भूलकर भी नहीं देना चाहिए:
कन्या पूजन के दौरान चमड़े से बनी चीजें जैसे बैग, बेल्ट, पर्स, जूते आदि देना अशुभ माना जाता है। नवरात्रि में सात्विकता और देवी पूजन का पालन किया जाता है, जबकि चमड़े की वस्तुएं पशु हिंसा से जुड़ी होती हैं, जो धार्मिक दृष्टि से अनुचित मानी जाती हैं।
हिंदू धर्म में काले रंग को आमतौर पर अशुभ माना जाता है। इसलिए कन्या पूजन के दौरान काले रंग के कपड़े, चूड़ियां या किसी भी अन्य काली वस्तु को उपहार के रूप में देने से बचना चाहिए। यह नकारात्मकता और अशुभता का संकेत माना जाता है।
नुकीली वस्तुएं जैसे चाकू, कैंची, सुई आदि कभी भी कन्या पूजन के दौरान उपहार के रूप में नहीं देनी चाहिए। ये चीजें नकारात्मकता, हानि और रिश्तों में दरार का प्रतीक मानी जाती हैं, इसलिए इनसे बचना चाहिए।
कन्या पूजन के दौरान उपहार में पुरानी या इस्तेमाल की हुई चीजें देना अपमानजनक माना जाता है। इस दिन दिए गए उपहारों में हमेशा नई और अच्छी चीजें शामिल होनी चाहिए, ताकि कन्याओं को सम्मान और आशीर्वाद मिल सके।
कन्या पूजन के दौरान कभी भी कोई ऐसी वस्तु उपहार में नहीं देनी चाहिए, जो दुख, हिंसा या नकारात्मकता का प्रतीक हो। इसके बजाय, हमेशा पारंपरिक और शुभ वस्तुएं ही उपहार के रूप में दें, जैसे मिठाइयाँ, नए कपड़े या अन्य शुभ प्रतीक।
कन्या पूजन के दौरान घर आई कन्याओं को खुश करने और उन्हें सम्मान देने के लिए आप निम्नलिखित शुभ और सकारात्मक उपहार दे सकते हैं:
• नए कपड़े: नए और रंग-बिरंगे कपड़े कन्याओं को सम्मानित करने का एक अच्छा तरीका है।
• लाल चुनरी: यह शुभता और सौभाग्य का प्रतीक होती है।
• मिठाइयाँ और फल: कन्याओं को मिठाइयाँ और ताजे फल उपहार में दिए जा सकते हैं।
• चूड़ियाँ: पारंपरिक चूड़ियाँ कन्याओं के लिए शुभ होती हैं।
• पर्स, हेयर क्लिप, पेंसिल, पेन और किताबें: ये छोटे लेकिन उपयोगी उपहार होते हैं, जो कन्याओं को खुशी दे सकते हैं।
कन्या पूजन के दिन उपहार देने का खास महत्व है। इस दिन दिए गए उपहारों से कन्याओं के साथ-साथ पूरे घर में खुशहाली और समृद्धि का आशीर्वाद आता है। इसलिए, यह जरूरी है कि आप अशुभ वस्तुओं से बचते हुए कन्याओं को शुभ और सकारात्मक उपहार दें।

नुसरत की ‘छोरी 2’ का ट्रेलर रिलीज, डर से कांप उठेगा दिल!

सर्वोदय/मनोरंजन:-  बॉलीवुड में हॉरर फिल्मों की हमेशा से खास जगह रही है। कुछ फिल्में सिर्फ डराने के लिए बनाई जाती हैं, तो कुछ समाज की गहरी समस्याओं को भी उजागर करती हैं। नुसरत भरूचा की आने वाली फिल्म ‘छोरी 2’ इसी कड़ी में शामिल है, जो एक भयावह कहानी के जरिए लिंग भेदभाव जैसी गंभीर समस्या को दिखाएगी।
11 अप्रैल को होगी रिलीज
अमेज़न प्राइम पर ‘छोरी 2’ 11 अप्रैल को स्ट्रीम होने वाली है। हाल ही में रिलीज हुए ट्रेलर ने दर्शकों को रोमांच और डर से भर दिया है। बैकग्राउंड म्यूजिक से लेकर स्क्रीन पर दिख रहे खौफनाक दृश्य, हर चीज दर्शकों को डराने के लिए काफी है।
ट्रेलर की शुरुआत में सुनाई गई खौफनाक कहानी
वीडियो की शुरुआत में एक महिला छोटी बच्ची को कहानी सुनाती है –“एक बड़ा सा राज्य था, वहां का राजा बहुत शक्तिशाली था। एक दिन उसके घर बेटी का जन्म हुआ। राजा गुस्से से आग बबूला हो गया।”
बच्ची हैरान होकर पूछती है, “पर गुस्सा क्यों?”
महिला का जवाब आता है –“क्योंकि राजा को बेटा चाहिए था, बेटी नहीं।” इसके बाद डरावने दृश्य सामने आने लगते हैं – एक भयावह कुआं, अजीबो-गरीब रस्में निभाती महिलाएं, और एक ऐसा माहौल जो आपके रोंगटे खड़े कर देगा। सबसे बड़ा सवाल जो ट्रेलर में उठता है – क्या वह राजा आज भी जिंदा है?
सोहा अली खान भी निभाएंगी अहम किरदार
फिल्म में नुसरत भरूचा के अलावा सोहा अली खान भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगी। ट्रेलर को दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। फैंस ने फिल्म के डरावने और सस्पेंस भरे माहौल की तारीफ की है और अब इसकी रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
क्या आप भी ‘छोरी 2’ देखने के लिए तैयार हैं?

मलाइका अरोड़ा का शानदार गोल्डन गाउन लुक: रेड कार्पेट पर बिखेरे जलवे

सर्वोदय/मनोरंजन:-  बॉलीवुड की फिट और स्टाइलिश एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा हमेशा अपने फैशन सेन्स से दर्शकों को हैरान कर देती हैं। चाहे वेस्टर्न हो या ट्रेडिशनल, हर स्टाइल में मलाइका का लुक चर्चे का विषय बन जाता है। हाल ही में एक इवेंट में मलाइका ने गोल्डन कलर के गाउन में रेड कार्पेट पर सबका ध्यान खींचा। इस बार उन्होंने क्लासिक रेड और ब्लैक के बजाय गोल्डन गाउन पहनकर सभी को अपनी खूबसूरती से मंत्रमुग्ध कर दिया।

गोल्डन गाउन में मलाइका का रॉयल लुक

इस विशेष इवेंट के लिए मलाइका ने “Lovers and Friends” ब्रांड का एक शानदार वन-शोल्डर गाउन चुना। यह गाउन न केवल फैशन में एकदम ट्रेंडिंग था, बल्कि इसकी शानदार फैब्रिक और बैकलेस डिजाइन ने मलाइका के लुक को और भी ग्लैमरस बना दिया। फुल-लेंथ कॉलम स्कर्ट स्टाइल के इस गाउन ने उनकी टोन्ड बॉडी को बेहतरीन तरीके से हाइलाइट किया और उन्हें रॉयल टच दिया।

स्टाइलिश एक्सेसरीज और क्लासी लुक

मलाइका ने अपनी स्टाइलिश आउटफिट को एक्सेसरीज के साथ और भी इंटेंसिफाई किया। उन्होंने डायमंड ब्रेसलेट, स्टेटमेंट रिंग और डायमंड ईयररिंग्स पहने, जो उनके लुक को और भी शाही बना रहे थे। साथ ही, उन्होंने इस गाउन के साथ स्टाइलिश हील्स कैरी किए, जो उनके ग्लैम लुक को पूरा कर रहे थे।

फ्लॉलेस मेकअप और ग्लैम लुक

मलाइका के मेकअप ने उनके लुक में चार चांद लगा दिए। उन्होंने एक परफेक्ट बेस के साथ फ्लॉलेस फिनिश हासिल की, जिससे उनका चेहरा गॉर्जियस और ग्लोइंग नजर आ रहा था। उनकी आँखों को मस्कारा, आईलाइनर और हल्के आईशैडो से डिफाइन किया गया था, जो उन्हें और भी आकर्षक बना रहा था। हल्का ब्लश और ब्राउन-पिंक टोन की लिपस्टिक ने उनके लुक को कम्प्लीट किया।

मलाइका अरोड़ा का यह गोल्डन गाउन लुक एक बार फिर साबित करता है कि वह बॉलीवुड की सबसे स्टाइलिश और फिट एक्ट्रेस हैं। उनके हर लुक में क्लास, ग्लैमर और स्टाइल का बेहतरीन मिश्रण होता है, जो उन्हें किसी भी इवेंट का सेंटर ऑफ अट्रैक्शन बना देता है।

किसानों को 30 जून तक मिलेगा घर बैठे फसल बेचने का मौका

सर्वोदय/लखनऊ:- उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। किसान अब मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत दलहन और तिलहन की सरकारी खरीद की प्रक्रिया में घर बैठे शामिल हो सकते हैं। इस योजना में किसान 2 अप्रैल से 30 जून तक अपनी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सीधे सरकार को बेच सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य किसानों को उचित दाम दिलाकर उनकी आय बढ़ाना है। किसान इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी फसलों का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।
नेफेड को आवंटित जिले
लखनऊ, अयोध्या, झांसी, महोबा, हमीरपुर, जालौन, फतेहपुर, कानपुर देहात, प्रयागराज, कौशाम्बी, ललितपुर, सोनभद्र, जौनपुर, गाजीपुर, औरैया, बलिया, सुल्तानपुर, रायबरेली, प्रतापगढ़, अमेठी, वाराणसी, उन्नाव, मैनपुरी, अम्बेडकर नगर, फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, गोण्डा, बाराबंकी, संत रविदास नगर, बलरामपुर, संत कबीर नगर, सीतापुर, गोरखपुर, कासगंज, लखीमपुर खीरी, देवरिया, शाहजहांपुर, बुलंदशहर, श्रावस्ती, रामपुर, अलीगढ़, हाथरस, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, गाजियाबाद, सहारनपुर, बदायूं, शामली, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़ एवं बिजनौर।
एनसीसीएफ को आवंटित जिले
बांदा, चित्रकूट, कानपुर नगर, मिर्जापुर, आजमगढ़, चन्दौली, मऊ, आगरा, कन्नौज, बस्ती, हरदोई, एटा, बहराइच, मथुरा, महराजगंज, बरेली, मेरठ, पीलीभीत, सम्भल, बागपत, अमरोहा।
ये समर्थन मूल्य है निर्धारित
– अरहर : 7,550 रुपए प्रति क्विंटल
– चना : 5,650 रुपए प्रति क्विंटल
– मसूर : 6,700 रुपए प्रति क्विंटल
– सरसों : 5,950 रुपए प्रति क्विंटल
तीन दिन में किया जाएगा भुगतान
नैफेड के राज्य प्रमुख रोहित जैमन ने बताया कि आधार से लिंक बैंक खाते में तीन कार्य दिवसों के भीतर भुगतान किया जाएगा। साथ ही फसल उत्पादन वाले जिलों में पीसीएफ, पीसीयू, जैफेड एवं यूपीएसएस के माध्यम से क्रय केंद्र बनाए जा रहे हैं। विस्तृत जानकारी के लिए किसान 18002101222 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। केंद्र सरकार और यूपी सरकार मिलकर इस विशेष योजना को संचालित कर रहे हैं। नेफेड के प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल इस पूरी योजना की मॉनिटरिंग खुद कर रहे हैं।
आवेदन करने से पहले इन सावधानियों का ध्यान रखें किसान
– आधार से लिंक बैंक खाता और मोबाइल नंबर पंजीकृत करें।
– आधार कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर में नाम, पिता का नाम समान होना चाहिए।
– पंजीकरण के लिए सुविधा केंद्र या स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

पंजीकरण के लिए पोर्टल:
नेफेड पोर्टल: https://esamridhi.in/#/
एन.सी.सी.एफ पोर्टल: https://nccf.neml.in/#/