Thursday, June 18, 2026

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सपा से बगावत करने वाले 3 विधायक अमित शाह से मिले, यूपी कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं तेज

सर्वोदय/नई दिल्ली:- समाजवादी पार्टी (सपा) से बगावत कर भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के प्रत्याशी का समर्थन करने वाले सात में से तीन विधायक मंगलवार को दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मिले। इस मुलाकात में बाहुबली विधायक अभय सिंह के साथ राकेश सिंह और विनोद चतुर्वेदी भी मौजूद रहे। भाजपा के राज्यसभा सांसद संजय सेठ भी इस बैठक में शामिल थे। इस मुलाकात के बाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

सपा से बगावत करने के बाद से ही इन विधायकों के भविष्य को लेकर विभिन्न अटकलें लगाई जा रही हैं। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले इन्होंने भाजपा का समर्थन किया था, लेकिन इन विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बावजूद पार्टी को लोकसभा चुनाव में विशेष लाभ नहीं हुआ। इस स्थिति के बाद से इनकी राजनीतिक भविष्यवाणी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं।

भा.ज.पा. में इस समय संगठन चुनाव हो रहे हैं और योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार को लेकर विचार विमर्श हो रहा है। ऐसे में इन विधायकों की गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात में इन विधायकों की भविष्य में राजनीति को लेकर भी चर्चा हुई। साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की रणनीति और इन विधायकों की भूमिका पर भी विचार विमर्श किया गया है।

मुलाकात की जानकारी खुद विधायक अभय सिंह ने सार्वजनिक की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, “भारतीय राजनीति के चाणक्य, देश के यशस्वी गृह एवं सहकारिता मंत्री आदरणीय श्री अमित शाह जी से शिष्टाचार भेंट कर आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। आपका प्रेरणादायी मार्गदर्शन व आशीर्वाद सदैव ही नव-ऊर्जा एवं उत्साह के संचार को गति प्रदान करता है।”

हाल ही में अभय सिंह को लखनऊ हाईकोर्ट से जानलेवा हमले के मामले में बड़ी राहत मिली थी, और उनकी विधायकी पर लटकी तलवार हटा दी गई थी। इससे पहले कोर्ट के दो न्यायधीशों ने अलग-अलग फैसले दिए थे, लेकिन तीसरे न्यायधीश के फैसले ने अभय सिंह को राहत दी थी। कोर्ट से राहत मिलने के बाद से ही अभय सिंह की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अगले विधानसभा चुनाव में अभी दो साल का समय बाकी है, और इस दौरान ये विधायक अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

गोवा में यूपी अग्निशमन विभाग को सम्मानित किया गया, महाकुंभ में अग्नि सुरक्षा में उत्कृष्ट कार्य के लिए मिली सराहना

लखनऊ/गोवा– प्रयागराज महाकुंभ का समापन हुए  एक माह हो चुका है| इस दौरान उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग द्वारा किए गए सराहनीय कार्य की गूंज अब भी पूरे देश में सुनाई दे रही है। महाकुंभ के 45 दिवसीय आयोजन में प्रदेश के अग्निशमन विभाग ने अपनी तत्परता और उत्कृष्टता से महाकुंभ में कोई भी जनहानि होने से बचाई। विभाग के इस उत्कृष्ट कार्य को अब देश भर में सराहा जा रहा है और पुरस्कृत भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में, गोवा में मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने यूपी अग्निशमन विभाग की सराहना करते हुए अधिकारियों को सम्मानित किया।

महाकुंभ के दौरान प्रयागराज के संगम तट पर करीब 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। यह मेला क्षेत्र 25 सेक्टरों में बंटा हुआ था, लगभग 4000 हेक्टेयर में बसा था इतना ही नहीं हर दिन लगभग एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु यहां पहुंच रहे थे। इस आयोजन में, यूपी अग्निशमन विभाग ने अत्याधुनिक उपकरणों और मुस्तैदी से अग्नि दुर्घटनाओं पर काबू पाया |

यूपी अग्निशमन विभाग के नोडल अधिकारी प्रमोद शर्मा ने बताया कि गोवा में आयोजित सम्मान समारोह में, डायरेक्टर नितिन वी. रायकर की उपस्थिति में प्रदेश के अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने खुद जाकर प्रदेश के अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को मोमेंटो देकर उनका सम्मान किया और उनकी भूमिका की सराहना की। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने महाकुंभ में अग्नि सुरक्षा की तैयारियों और क्विक रिस्पांस की जानकारी ली।

महाकुंभ के आयोजन के दौरान, मेला क्षेत्र में 54 अग्निशमन केंद्र, 27 चौकियां, 2200 प्रशिक्षित अग्निशमन कर्मी और 351 अग्निशमन वाहन तैनात थे। विभाग ने 4 आर्टिकुलेटिंग वाटर टावर, क्विक रिस्पांस व्हीकल, अग्निशमन रोबोट, और फायर मिस्ट बाइक जैसी अत्याधुनिक अग्निशमन तकनीक का इस्तेमाल किया। इसके अलावा, बोट और पांटून पुलों पर नदी के पानी का उपयोग करने में सक्षम अग्निशमन नावें भी तैनात की गई थीं। उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग का यह सराहनीय कार्य न केवल महाकुंभ को सुरक्षित बनाने में सहायक साबित हुआ, बल्कि इसके परिणामस्वरूप विभाग को सम्मान और प्रशंसा भी प्राप्त हुई है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में उत्तर रेलवे ने हासिल की बड़ी उपलब्धियां

सर्वोदय/ नई दिल्ली:-  उत्तर रेलवे महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि उत्तर रेलवे ने वित्तीय अनुशासन, संचालन दक्षता और कर्मचारियों के विकास में बड़ी प्रगति की है। इस वर्ष पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) का 100% उपयोग किया गया और पिछले साल की तुलना में राजस्व व्यय (रिवेन्यू एक्सपेंडिचर) में बचत दर्ज की गई। उल्लेखनीय है कि इस अवधि में विभिन्न सरकारी विभागों से 98.88 करोड़ रुपये वसूल किए गए, जबकि स्टेशनों के 71.76 करोड़ रु की बकाया राशि का भुगतान के किया गया।

महाप्रबंधक ने बताया कि वित्तीय जांच और आंतरिक निरीक्षण से करीब 147.58 करोड़ रुपये की बचत हुई और 878.50 करोड़ रुपये के वसूली योग्य बिलों का निपटारा किया गया। 1,15,793 कर्मचारियों की छुट्टी के आवेदन मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) के जरिए जांचे गए। साथ ही, 2024-2030 के बीच सेवानिवृत्त होने वाले 12,169 मामलों में से 9,784 कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड की पूर्व-जांच कर समय पर निपटान सुनिश्चित किया गया ।

इसके अलावा, 250 नए जूनियर अकाउंट्स असिस्टेंट और अकाउंट्स क्लर्कों के लिए राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया। साथ ही, आयकर, अनुशासन और अपील नियम (D&AR) और कानूनी मामलों पर विशेष सत्र के साथ उत्तर रेलवे मुख्यालय में बजट पर विशेष कार्यशाला भी आयोजित की गई ।

उत्तर रेलवे ने TIAs ई-बुलेटिन भी शुरू किया, जिसका दूसरा संस्करण दिसंबर 2024 में जारी किया गया। इसमें जन साधारण टिकट बुकिंग सेवा (JTBS) की कार्यप्रणाली को प्रमुखता से शामिल किया गया।
ये उपलब्धियां उत्तर रेलवे की सुव्यवस्थित वित्तीय प्रबंधन, संचालन सुधार और सेवाओं में गुणवत्ता लाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। आगे भी, उत्तर रेलवे अपने कार्यों को और बेहतर बनाने और सभी हितधारकों के लिए उत्कृष्ट सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।  उक्त जानकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय मुख्य जनसंपर्क अधिकारी नई दिल्ली ने  साझा किया |

सीएम योगी का बड़ा बयान: सड़कें चलने के लिए, नमाज के लिए नहीं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा करने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सड़कें चलने के लिए होती हैं, न कि धार्मिक आयोजनों के लिए। इसके साथ ही उन्होंने वक्फ (संशोधन) विधेयक को लेकर भी अपनी राय रखी और कहा कि वक्फ संपत्तियों पर चंद लोगों ने कब्जा जमा रखा है, जिससे गरीब मुसलमानों को कोई लाभ नहीं मिला है।

सड़क पर नमाज को लेकर कड़ा संदेश

एक इंटरव्यू के दौरान सीएम योगी ने कहा, “सड़कें सार्वजनिक आवागमन के लिए होती हैं। धार्मिक अनुशासन का पालन आवश्यक है। प्रयागराज में 66 करोड़ श्रद्धालु आए, लेकिन कोई अव्यवस्था नहीं हुई। त्योहार और उत्सव अनुशासन का प्रतीक होने चाहिए, न कि सार्वजनिक असुविधा का कारण।”

कांवड़ यात्रा और मुहर्रम की तुलना पर जवाब

मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा और मुहर्रम जुलूस की तुलना करने वालों को जवाब देते हुए कहा, “कांवड़ यात्रा हरिद्वार से गाजियाबाद और एनसीआर तक जाती है, इसलिए यह सड़कों पर चलती है। क्या हमने कभी किसी पारंपरिक मुस्लिम जुलूस पर रोक लगाई? नहीं। हां, सुरक्षा कारणों से ताजिया के आकार को छोटा रखने की सलाह दी जाती है, जैसे कांवड़ यात्रा में भी नियमों का पालन किया जाता है।”

ईद और नमाज पर सीएम योगी का बयान

उन्होंने कहा, “ईद के दिन सड़क पर नमाज पढ़ने के बजाय ईदगाह और मस्जिद में जाना चाहिए। सार्वजनिक जगहों पर धार्मिक आयोजनों से यातायात बाधित नहीं होना चाहिए। कानून सभी के लिए समान है, इसलिए नियमों का पालन करना जरूरी है।”

वक्फ संशोधन विधेयक पर सीएम योगी की राय

वक्फ (संशोधन) विधेयक पर पूछे गए सवाल पर सीएम योगी ने कहा कि यह सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा, “वक्फ संपत्तियों का उपयोग निजी स्वार्थ के लिए किया जा रहा है। क्या वक्फ बोर्ड ने कभी मुसलमानों के लिए कोई कल्याणकारी कार्य किया? सरकारी संपत्तियों पर कब्जा करने का यह माध्यम बन चुका है, इसलिए इसमें सुधार की जरूरत है।”

योगी आदित्यनाथ का बयान साफ संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक स्थानों पर अनियंत्रित धार्मिक आयोजनों को रोकने के लिए सख्त रुख अपना रही है। उनका कहना है कि धर्म का पालन अनुशासन के साथ किया जाना चाहिए, न कि सार्वजनिक असुविधा के रूप में।

सोने की कीमतों ने तोड़ा रिकॉर्ड, 91,300 के पार पहुंचा भाव

सर्वोदय/नई दिल्ली:- नए फाइनेंशियल ईयर 2026 की शुरुआत के साथ ही सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के वायदा भाव ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 10 ग्राम सोने का भाव पहली बार 91,300 रुपये के पार चला गया है, जिससे निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों में हलचल तेज हो गई है।

सोने और चांदी के ताजा भाव

मंगलवार को MCX पर सोने के जून वायदा का रेट लगभग 660 रुपये की तेजी के साथ 91,374 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती कारोबार में यह 91,400 रुपये तक पहुंच गया, जो कि अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

चांदी में भी जोरदार तेजी देखने को मिली। MCX पर सिल्वर का मई वायदा 760 रुपये की बढ़त के साथ 1,00,825 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया, जो शुरुआती कारोबार में 1,00,975 रुपये तक चढ़ा। हालांकि, चांदी का अब तक का ऑल-टाइम हाई 1,04,072 रुपये प्रति किलोग्राम रहा है।

क्यों बढ़ रही है सोने की कीमत?

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने में यह तेजी बरकरार रह सकती है। HDFC सिक्योरिटीज के अनुज गुप्ता ने बताया कि सोने की कीमतों में उछाल का मुख्य कारण सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग है।

केडिया एडवाइजरी के अजय केडिया ने बताया कि बीते वित्त वर्ष (FY25) में सोने ने 40% का शानदार रिटर्न दिया। उन्होंने सोने में इस तेजी की 10 प्रमुख वजहें बताईं:

अमेरिकी टैरिफ पॉलिसी: अमेरिका द्वारा यूरोपियन एल्कोहल और चीन पर नए टैरिफ लगाने से ट्रेड वॉर की आशंका बढ़ी, जिससे निवेशक सोने की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

सेंट्रल बैंकों की खरीदारी: दुनियाभर के सेंट्रल बैंक, विशेष रूप से चीन, सोने की खरीदारी कर रहे हैं।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां: ब्याज दरों में कटौती की संभावना से सोने की मांग बढ़ी है।

फिजिकल गोल्ड की कमी: सोने की सप्लाई चेन में रुकावटें आई हैं, जिससे कीमतें चढ़ रही हैं।

कमजोर डॉलर: अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है, जिससे सोने का आकर्षण बढ़ा है।

भू-राजनीतिक तनाव: रूस-यूक्रेन युद्ध, यूएस-चीन व्यापार विवाद और ईरान की आक्रामक नीतियां भी सोने की कीमतों को सपोर्ट कर रही हैं।

ETF इनफ्लो: गोल्ड ETF में 2024 के बाद 15% की बढ़त देखी गई है।

महंगाई और करेंसी गिरावट: बढ़ती महंगाई के कारण निवेशक सोने को हेजिंग टूल के रूप में अपना रहे हैं।

इक्विटी बाजार में गिरावट: वैश्विक बाजारों में गिरावट और मंदी की आशंका के कारण निवेशक सोने की ओर रुख कर रहे हैं।

ईरान की गोल्ड होल्डिंग: ईरान ने अपने 20% विदेशी मुद्रा भंडार को सोने में बदल दिया है, जिससे इसकी मांग और बढ़ गई है।

क्या सोना 1 लाख रुपये तक पहुंचेगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने का बुलिश ट्रेंड बना रहेगा। अनुज गुप्ता के अनुसार, MCX पर जून कॉन्ट्रैक्ट के लिए 90,780 और 90,900 रुपये के रेजिस्टेंस स्तर देखे जा रहे हैं, जबकि 90,260 और 89,700 रुपये का सपोर्ट लेवल है।

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहा, तो जल्द ही सोने की कीमतें 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर सकती हैं। निवेशकों के लिए यह सुनहरा मौका हो सकता है, लेकिन उन्हें बाजार के उतार-चढ़ाव पर भी नजर रखनी चाहिए।

आज रात 12 बजे से बदल जाएंगे ये 10 नियम, आपकी जेब पर होगा सीधा असर

सर्वोदय/नई दिल्ली: नए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की शुरुआत के साथ ही कई बड़े नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं, जो आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डाल सकते हैं। 1 अप्रैल 2025 से बैंकिंग, GST, इनकम टैक्स, डिजिटल पेमेंट, और अन्य सेक्टर्स में नए नियम लागू होंगे, जो आम नागरिकों से लेकर बिजनेस करने वालों तक, सभी के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन बदलावों की जानकारी पहले से रखकर आप किसी भी परेशानी से बच सकते हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं उन 10 बड़े बदलावों के बारे में, जो आज रात 12 बजे से लागू हो जाएंगे।
1.UPI नियमों में बदलाव: इनएक्टिव अकाउंट्स पर सख्ती:
नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने डिजिटल पेमेंट को सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 1 अप्रैल 2025 से उन UPI अकाउंट्स के ट्रांजैक्शन बंद कर दिए जाएंगे, जो लंबे समय से इनएक्टिव हैं। अगर आपके बैंक अकाउंट से कोई पुराना या बंद नंबर लिंक है, तो उसे तुरंत अपडेट कर लें। ऐसा न करने पर 1 अप्रैल से UPI ट्रांजैक्शन में दिक्कत हो सकती है। NPCI का यह कदम फ्रॉड और अनऑथराइज्ड ट्रांजैक्शन को रोकने के लिए उठाया गया है।
2.डोरमेंट UPI ID होंगे डिसेबल: एक्टिवेशन जरूरी:
NPCI फ्रॉड और फिशिंग स्कैम को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रहा है। 1 अप्रैल 2025 से, पिछले 12 महीनों से इस्तेमाल न किए गए UPI ID को डिसेबल कर दिया जाएगा। अगर आप अपनी डोरमेंट UPI ID को दोबारा एक्टिवेट नहीं करते, तो आप इसे हमेशा के लिए खो सकते हैं। डिजिटल पेमेंट में किसी भी रुकावट से बचने के लिए अपनी UPI ID को चेक करें और उसे एक्टिव रखें।
3.FD पर अब ज्यादा फायदा: TDS लिमिट में बढ़ोतरी:
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वालों के लिए खुशखबरी है। 1 अप्रैल 2025 से FD, रेकरिंग डिपॉजिट (RD), और अन्य सेविंग स्कीम्स पर मिलने वाले ब्याज पर TDS की छूट सीमा बढ़ा दी गई है। सीनियर सिटीजन के लिए यह लिमिट 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है, यानी अब 1 लाख रुपये तक के ब्याज पर कोई TDS नहीं कटेगा। वहीं, अन्य निवेशकों के लिए यह सीमा 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये की गई है। यह बदलाव सीनियर सिटीजन को खासतौर पर फायदा पहुंचाएगा, क्योंकि उनकी TDS छूट सीमा को दोगुना कर दिया गया है।
4.सेविंग अकाउंट और FD इंटरेस्ट रेट में बदलाव:
कई बड़े बैंक 1 अप्रैल 2025 से सेविंग अकाउंट और FD की ब्याज दरों में बदलाव करने जा रहे हैं। SBI, HDFC, इंडियन बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, और IDBI जैसे बैंकों ने अपनी FD और स्पेशल FD की ब्याज दरों में संशोधन किया है। अगर आप FD या सेविंग अकाउंट में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो अपने बैंक की वेबसाइट पर जाकर नई ब्याज दरों की जानकारी जरूर ले लें। यह बदलाव आपकी बचत और रिटर्न को प्रभावित कर सकता है।
5.डिविडेंड के लिए PAN-आधार लिंकिंग अनिवार्य:
अगर आप शेयर मार्केट में निवेश करते हैं और डिविडेंड का लाभ लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। 1 अप्रैल 2025 से, जिन लोगों का PAN और आधार लिंक नहीं होगा, उन्हें स्टॉक्स पर डिविडेंड नहीं मिलेगा। इसके अलावा, कैपिटल गेन पर TDS की दर भी बढ़ जाएगी, और फॉर्म 26AS में कोई क्रेडिट भी नहीं मिलेगा। समय रहते अपने PAN और आधार को लिंक कर लें, ताकि किसी भी नुकसान से बचा जा सके।
6.डीमैट और म्यूचुअल फंड अकाउंट के नियम होंगे सख्त:
SEBI ने डीमैट और म्यूचुअल फंड अकाउंट्स के लिए नियमों को सख्त कर दिया है। 1 अप्रैल 2025 से सभी निवेशकों को अपनी KYC और नॉमिनी डिटेल्स को अपडेट करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर आपका डीमैट अकाउंट फ्रीज हो सकता है। हालांकि, फ्रीज होने के बाद भी आप इसे दोबारा एक्टिवेट कर सकते हैं, लेकिन परेशानी से बचने के लिए समय रहते अपडेट कर लें।
7.सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस जरूरी:
1 अप्रैल 2025 से, अगर आपके सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं है, तो बैंक आपसे पेनल्टी वसूल सकता है। अलग-अलग बैंकों की मिनिमम बैलेंस की सीमा अलग हो सकती है। इसलिए, अपने बैंक की पॉलिसी को अच्छे से समझ लें और अकाउंट में जरूरी बैलेंस मेंटेन करें, ताकि अनावश्यक जुर्माने से बचा जा सके।
8.GST नियमों में बड़ा बदलाव: ISD सिस्टम लागू:
नए फाइनेंशियल ईयर में GST नियमों में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 अप्रैल 2025 से इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर (ISD) सिस्टम लागू होगा। इसका मकसद राज्यों के बीच टैक्स रेवेन्यू का सही डिस्ट्रीब्यूशन सुनिश्चित करना है। यह बदलाव GST सिस्टम को और पारदर्शी बनाएगा, साथ ही बिजनेस करने वालों को अपनी टैक्स लायबिलिटी को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद करेगा।
9.LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव:
हर महीने की तरह, 1 अप्रैल 2025 को भी LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव होगा। तेल कंपनियां घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों को रिव्यू करेंगी, और अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों व डॉलर-रुपए के एक्सचेंज रेट के आधार पर नई कीमतें तय करेंगी। इस बदलाव का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा, इसलिए पहले से तैयार रहें।
10.नए टैक्स नियम होंगे लागू:
1 अप्रैल 2025 से असेसमेंट ईयर 2025-26 शुरू हो जाएगा, और नया टैक्स सिस्टम डिफॉल्ट रूप से लागू होगा। अगर आप पुराने टैक्स रिजीम के तहत 80C जैसे डिडक्शन का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपको इसका विकल्प अलग से चुनना होगा। नए टैक्स सिस्टम में टैक्स स्लैब और छूट के नियम अलग हैं, इसलिए अपनी टैक्स प्लानिंग पहले से कर लें।

अनधिकृत ई रिक्शा व ऑटो के खिलाफ मंगलवार से चलेगा अभियान

सर्वोदय/लखनऊ:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों हुई बैठक में अफसरों को संदेश दिया था कि सुरक्षा व कानून व्यवस्था सरकार की पहली प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगी। कई घटनाओं में अनधिकृत ई-रिक्शा व ऑटो की संलिप्तता पाई गई है। अभियान चलाकर इस पर हर हाल में अंकुश लगाया जाए। इस आदेश के बाद परिवहन आयुक्त ने समस्त पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान को पत्र लिखा था। यह अभियान पूरे प्रदेश में मंगलवार से शुरू होगा।
नाबालिगों के हाथों में नहीं दिखेगी स्टेयरिंग
सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंतित मुख्यमंत्री ने कहा था कि किसी भी गाड़ी की स्टेयरिंग नाबालिगों के हाथों में न हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जाय। टेंपो, ई-रिक्शा चालकों का वेरीफिकेशन कराया जाए। जनपदों में गठित टास्क फोर्स में परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया जाए। इन सभी निर्देशों के पालन और उचित क्रियान्वयन के लिए यह विशेष अभियान मंगलवार से प्रारंभ किया जा रहा है।
मुख्यालय स्तर पर नोडल अधिकारी भी नियुक्त
परिवहन विभाग द्वारा अभियान की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। मुख्यालय में अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन संजय सिंह को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वे प्रतिदिन मुख्यालय से जनपदों की मॉनिटरिंग करेंगे। इस अभियान में मुख्यालय के साथ जनपद स्तर के अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की गई है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाये रखने के लिए विगत दिनों बैठक ली थी। इसमें उन्होंने अनधिकृत रिक्शा व ऑटो के विरुद्ध अभियान चलाने का निर्देश दिया था। यह अभियान पहली अप्रैल (मंगलवार) से प्रारंभ होकर 30 अप्रैल तक चलेगा। मुख्यालय स्तर से इसकी प्रतिदिन मॉनिटरिंग होगी। इसके लिए अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जनपदों में भी संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) को अभियान की सफलता को लेकर निर्देश दिया गया है। हर शुक्रवार को शासन को इसकी रिपोर्ट भी प्रेषित की जाएगी।

अब कटरा से श्रीनगर की यात्रा होगी मात्र 3 घंटे में

सर्वोदय/नई दिल्ली:-USBRL परियोजना के पश्चात अब कई सालों का इंतजार खत्म हो जाएगा। जम्मू से श्रीनगर के बीच वंदे भारत चलने से कई घंटों की समय बचत होगी। कटरा से श्रीनगर कि यात्रा अब केवल 3 घण्टे में होगी। अभी सड़क से यात्रा में 6 से 7 घंटे लगते है। फिलहाल वंदेभारत को कटरा से श्रीनगर के बीच चलाने की योजना बनायी गयी है। अभी वैली में श्रीनगर से लेकर संगलदान तक ट्रेनों का आवागमन होता है। अब, संगलदान से कटरा तक रेललाइन चालू होने के बाद इन ट्रेनों को कटरा तक चलाया जा सकता है।
USBRL परियोजना : वर्ष 2009 में काजीगुंड-बारामूला सेक्शन शुरू हो गया था। वर्ष 2013 में 18 किलोमीटर बनिहाल-काजीगुंड सेक्शन, वर्ष 2014 में 25 किलोमीटर ऊधमपुर-कटरा, वर्ष 2023 में बनिहाल से संगलदान और अब संगलदान से कटरा के बीच शुरू होने वाली है। दुनिया का सबसे ऊंचा रेल आर्च ब्रिज- चिनाब ब्रिज इस परियोजना का हिस्सा है। टनल, पुल और वैली से अब रेल सफर और आनंदमय होगा।

कैंसर का इलाज अब संभव? रूस ने बनाई नई वैक्सीन, बीमारी को…

सर्वोदय/नई दिल्ली:-  कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात देने के लिए रूस के वैज्ञानिकों ने बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस ने एक नई वैक्सीन विकसित की है, जो कैंसर को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखती है। अगर यह वैक्सीन पूरी तरह सफल होती है, तो यह दुनिया भर में कैंसर मरीजों के लिए एक वरदान साबित हो सकती है।
रूस की कैंसर वैक्सीन: नई उम्मीद की किरण
रूस के वैज्ञानिकों का कहना है कि यह वैक्सीन कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने और शरीर में उनकी वृद्धि को रोकने में कारगर होगी। इस वैक्सीन पर किए गए प्रारंभिक परीक्षणों के सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं।
यह वैक्सीन कैसे काम करेगी?
▪️ वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह वैक्सीन इम्यून सिस्टम को कैंसर सेल्स को पहचानने और खत्म करने में सक्षम बनाएगी।
▪️ यह रोग प्रतिरोधक प्रणाली को मजबूत करने और शरीर में कैंसर के प्रभाव को रोकने का कार्य करेगी।
▪️ वैक्सीन से शरीर में एंटीबॉडीज़ और टी-सेल्स एक्टिवेट होंगे, जो कैंसर के खिलाफ सुरक्षा कवच तैयार करेंगे।
कितना असरदार होगा यह टीका?
रूस की इस वैक्सीन पर अभी प्रयोगशाला और क्लीनिकल ट्रायल्स जारी हैं। हालांकि, प्रारंभिक परीक्षणों में यह प्रभावी साबित हुई है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि यह वैक्सीन कैंसर के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।
कैंसर मरीजों के लिए नई उम्मीद
अगर यह टीका सफल होता है, तो यह दुनिया भर में लाखों कैंसर मरीजों के लिए वरदान साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि कैंसर की रोकथाम और इलाज की दिशा में यह सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक हो सकती है।

वाराणसी की निधि तिवारी बनीं पीएम मोदी की निजी सचिव, पहले निभा चुकी हैं अहम भूमिका

सर्वोदय/नई दिल्ली:-  प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में कार्यरत IFS अधिकारी निधि तिवारी को प्रमोशन मिला है। 2014 बैच की विदेश सेवा अधिकारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी सचिव (Private Secretary) नियुक्त किया गया है। डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DoPT) ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इससे पहले, निधि तिवारी पीएमओ में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थीं।
निधि तिवारी की नियुक्ति पर आधिकारिक आदेश
सरकारी आदेश के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने IFS अधिकारी निधि तिवारी को पीएम मोदी की निजी सचिव बनाए जाने की स्वीकृति दी। 29 मार्च को जारी आदेश में कहा गया कि अब वे इस नए पद की जिम्मेदारी संभालेंगी।


कौन हैं निधि तिवारी?
2014 बैच की भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी
2022 में PMO में डिप्टी सेक्रेटरी नियुक्त हुईं
विदेश मंत्रालय में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर काम कर चुकी हैं
 नई भूमिका में निधि तिवारी की जिम्मेदारियां
निजी सचिव के रूप में निधि तिवारी का कार्यक्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण होगा। उनके कर्तव्यों में शामिल होगा—
पीएम मोदी के कार्यक्रमों का समन्वय, बैठकों का आयोजन,सरकारी विभागों से समन्वय स्थापित करना
आदेश के मुताबिक, निधि तिवारी का वेतन पे मैट्रिक्स लेवल-12 के तहत तय किया गया है।
महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक और कदम
PMO में पहले भी महिला अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। निधि तिवारी की यह पदोन्नति महिला सशक्तीकरण का एक मजबूत संदेश देती है। साथ ही, वह प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की रहने वाली हैं, जो इस नियुक्ति को और खास बनाता है।