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लखनऊ: कफ सिरप तस्करी में अमित यादव गिरफ्तार, CM योगी ने सदन में नाम लिया था

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- कफ सिरप की अवैध तस्करी के मामले में एसटीएफ ने बड़ी सफलता हासिल की है। वाराणसी के बड़ा गणेश मंदिर (मैदागिन) निवासी अमित यादव को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे सामने आए हैं, जो इस अवैध नेटवर्क की जटिल परतों को उजागर कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, अमित यादव लंबे समय से कोडिनयुक्त कफ सिरप की तस्करी में सक्रिय था और स्थानीय स्तर पर नेटवर्क चलाने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कॉलेज में शुभम के लिए करता था प्रचार

एसटीएफ की पूछताछ में अमित यादव ने बताया कि उनकी मुलाकात शुभम जायसवाल से हरिश्चंद्र डिग्री कॉलेज के दौरान हुई थी। छात्रसंघ चुनाव के समय दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और अमित उस समय शुभम का समर्थक बनकर उसके लिए कैंपेनिंग करता था। समय के साथ दोस्ती गहरी हुई और बाद में दोनों अवैध व्यापार में शामिल हो गए। एसटीएफ के मुताबिक, अमित शैली ट्रेडर्स के माध्यम से कोडिनयुक्त कफ सिरप की आपूर्ति और तस्करी में सक्रिय था। बड़े स्टॉक को सुरक्षित स्थानों पर रखने की जिम्मेदारी भी वह संभालता था।

वाराणसी से गिरफ्तारी

जांच में यह भी पता चला कि एबॉट कंपनी की फेंसिडील कफ सिरप का अवैध कारोबार रांची और वाराणसी से बड़े स्तर पर हो रहा था। एसटीएफ की टीम, जिसमें निरीक्षक अंजनी कुमार पांडेय, आदित्य कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल गौरव सिंह, सुनील सिंह और अखिलेश शामिल थे, ने अमित यादव को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद अन्य लोगों और फर्मों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच जारी है।

दो साल में बदल गई जीवनशैली

अमित यादव की गिरफ्तारी के बाद यह भी सामने आया कि पिछले दो वर्षों में उसकी जीवनशैली में बड़े बदलाव आए। उसने आर्थिक रूप से तेजी से उन्नति की, नवापुरा स्थित नरसिंह चौतरा में अपने घर के पास होटल का निर्माण कराया और महंगी SUV खरीदी। सूत्रों के अनुसार, यह वाहन पिछले दीपावली पर शुभम जायसवाल द्वारा उपहार स्वरूप दिया गया था। अमित स्थानीय स्तर पर नेटवर्क मजबूत करने और स्टॉकिस्ट के रूप में काम करता था।

CM योगी ने सदन में उठाया मामला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 दिसंबर को विधानसभा में इस मामले का जिक्र करते हुए अमित यादव का नाम लिया था। सदन में नाम सामने आने के बाद अमित भूमिगत हो गया था।

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CM ने कहा था कि अमित और मिलिंद यादव के खातों से शुभम जायसवाल के साथ वित्तीय लेनदेन के सबूत मिले हैं।

झारखंड से जुड़े तस्करी के तार

जांच में यह भी सामने आया कि कफ सिरप तस्करी के तार झारखंड के धनबाद से जुड़ते हैं। धनबाद की छह फर्मों ने रांची के तुपुदाना निवासी और शैली ट्रेडर्स के संचालक भोला प्रसाद जायसवाल से कोडिनयुक्त कफ सिरप खरीदी थी। इसके बाद रांची की टीम ने धनबाद पुलिस के साथ मिलकर छह ठिकानों पर छापेमारी की। एसटीएफ का कहना है कि मामला अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ा है और आगे भी कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

काशी में महाशिवरात्रि की धूम: हर हर महादेव के जयकारों से गूंजा शहर, लाखों श्रद्धालु पहुंचे

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी) में महाशिवरात्रि के अवसर पर भक्तों का अद्भुत सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार को बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों का भव्य स्वागत पुष्पवर्षा और उत्साहपूर्वक किया गया। मंगला आरती के बाद से ही दर्शनार्थियों की लंबी कतारें मंदिर के बाहर सड़कों तक बढ़ गईं। हर ओर ‘हर हर महादेव’ के उद्घोष गूंज रहे थे, जिससे काशी की वायुमंडलीय आध्यात्मिक ऊर्जा और बढ़ गई।

इस अवसर पर लगभग 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने पहुंचे। दर्शनार्थियों को केवल कुछ सेकंड का समय मिल रहा था, लेकिन भक्तों की श्रद्धा देखते ही बनती थी। मंदिर में बाबा विश्वनाथ को दूल्हे के रूप में श्रृंगारित किया गया, उन्हें मोरपंख और रुद्राक्ष की माला पहनाई गई।

मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि देश-विदेश के कुल 62 मंदिरों से बाबा के लिए पवित्र उपहार और प्रसाद पहुंचे। इनमें मलेशिया और श्रीलंका के मंदिरों के अलावा भारत के तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के प्रमुख तीर्थस्थलों से भेजी गई सामग्री शामिल है। उपहारों में पवित्र जल, चंदन, वस्त्र और पूजा की अन्य सामग्री शामिल है।

इस महोत्सव के दौरान एटीएस कमांडो तैनात किए गए और ड्रोन से निगरानी की जा रही है ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।

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गंगा किनारे दशाश्वमेध घाट पर सुबह के प्रथम प्रहर में श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया और गीले वस्त्रों में ही बाबा के दर्शन के लिए कतार में लग गए। जंगमबाड़ी मठ में ध्वजारोहण के साथ दो दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ हुआ।

महाशिवरात्रि के इस पर्व ने न केवल काशी को शिवमय बना दिया, बल्कि श्रद्धालुओं के बीच आध्यात्मिक एकता और उल्लास की अनुभूति कराई। देश और विदेश से आए भक्तों की भारी उपस्थिति ने यह साबित किया कि बाबा विश्वनाथ की महिमा और आस्था आज भी अटूट है।

चाची-भतीजे का प्रेम प्रसंग: यूपी में वैलेंटाइन-डे पर हुई शादी, पति ने भी दिया साथ

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के दोघट क्षेत्र में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां वैलेंटाइन-डे पर सगी चाची और भतीजे के प्रेम प्रसंग को कानूनी और पारिवारिक मंज़ूरी मिल गई।

प्रेम प्रसंग को मिली मंज़िल

टीकरी कस्बा निवासी महिला पूजा, जो दो बच्चों की मां हैं, करीब पांच साल से अपने भतीजे संजीव के साथ प्रेम संबंध में थीं। परिवार और गांव के गणमान्य लोग इस संबंध को रोकने का प्रयास करते रहे, लेकिन दोनों ने किसी की बात नहीं मानी।

वैलेंटाइन-डे पर दोनों ने दोघट थाना के सामने अपनी मर्जी से एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। महिला के पति पंकज ने बताया कि उसने अपनी और बच्चों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया। बच्चों का पालन-पोषण पति के पास ही रहेगा।

परिवार और पुलिस की भूमिका

दोघट थाना प्रभारी सूर्यदीप सिंह ने कहा कि पुलिस को इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। विवाह के समय दोनों ने अपने संबंध में लिखित रूप से सहमति भी दी।

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पति पंकज का कहना है कि पांच साल से इस संबंध को लेकर घर में हंगामा होता रहा और एक बार जहर देने का प्रयास भी किया गया। उन्होंने बताया कि अब अपनी और बच्चों की जान बचाने के लिए यह कदम उठाना पड़ा।

VIDEO: चलती कार पर गिरा हाईमास्ट पोल, सपा नेता की मौके पर मौत

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। रविवार दोपहर चलती कार पर अचानक हाईमास्ट लाइट का पोल गिरने से समाजवादी पार्टी के नेता की मौत हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

पेट्रोल पंप के सामने हुआ हादसा

पुलिस के मुताबिक, अंतू थाना क्षेत्र के बाबूगंज बाजार निवासी सपा नेता लाल बहादुर यादव कार से शहर की ओर जा रहे थे। बाबूगंज स्थित भारत पेट्रोल पंप के सामने हाईमास्ट लाइट का पोल खड़ा किया जा रहा था। इसी दौरान पोल अचानक असंतुलित होकर कार पर गिर पड़ा।

हादसे में कार सवार लाल बहादुर यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत बाहर निकाला और पुलिस की मदद से अंतू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया कि हादसे में शामिल हाइड्रा/क्रेन को हिरासत में ले लिया गया है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

इस संबंध में प्रतापगढ़ पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए बताया कि पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और जांच जारी है।

वायरल हुआ हादसे का वीडियो

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि हाईमास्ट पोल को स्थापित करने के दौरान वह अचानक असंतुलित होकर सड़क से गुजर रही कार पर गिर जाता है। इस घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

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फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि पोल गिरने के पीछे लापरवाही थी या तकनीकी खामी।

उड़ान भरते ही लड़खड़ाया सीएम मोहन यादव का हेलीकॉप्टर, टला बड़ा हादसा

न्यूज़ डेक्स/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब मुख्यमंत्री मोहन यादव का हेलीकॉप्टर टेकऑफ के तुरंत बाद असंतुलित होता दिखाई दिया। कुछ क्षणों के लिए मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

टेकऑफ के बाद असामान्य मूवमेंट

जानकारी के अनुसार, सीएम मोहन यादव खंडवा के पंधाना क्षेत्र में आयोजित लाड़ली बहना योजना के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद जब हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी, तो वह आगे बढ़ने के बजाय कुछ पल के लिए पीछे और नीचे की ओर झुकता नजर आया।

इस अचानक हुई हलचल से मौके पर मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी घबरा गए। हालांकि पायलट ने तुरंत स्थिति को संभाल लिया।

पायलट की सूझबूझ से टला हादसा

पायलट की सतर्कता और तकनीकी नियंत्रण के चलते हेलीकॉप्टर कुछ ही क्षणों में संतुलित हो गया। इसके बाद वह सुरक्षित रूप से आगे बढ़ा और निर्धारित गंतव्य की ओर रवाना हो गया।

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घटना के बाद मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। फिलहाल इस मामले में किसी तकनीकी खराबी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

परमाणु समझौते के लिए तैयार ईरान, लेकिन शर्तों के साथ; क्या ट्रंप मानेंगे?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ समझौते की संभावना जताई है। तेहरान का कहना है कि वह वार्ता के लिए तैयार है, बशर्ते वाशिंगटन उस पर लगे प्रतिबंधों में राहत देने को राजी हो।

बीबीसी से बातचीत में ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने कहा कि समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की जिम्मेदारी अमेरिका पर है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका ईमानदारी दिखाता है और प्रतिबंधों में ढील का प्रस्ताव रखता है, तो ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं तय करने पर चर्चा करने को तैयार है।

यूरेनियम संवर्धन बना मुख्य विवाद

यूरेनियम संवर्धन का मुद्दा दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है। अमेरिका पहले ईरान से संवर्धन पूरी तरह बंद करने की मांग कर चुका है। इस पर तख्त-रवांची ने साफ कहा कि “शून्य संवर्धन” अब ईरान के लिए चर्चा का विषय नहीं है।

यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस रुख से अलग है, जिसमें उन्होंने किसी भी स्तर के संवर्धन को स्वीकार न करने की बात कही थी।

ईरान का कहना है कि वह परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के तहत शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम चलाने का अधिकार रखता है और पूर्ण रोक उसकी संप्रभुता के खिलाफ होगी।

तेहरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसका बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम किसी भी संभावित समझौते का हिस्सा नहीं होगा, भले ही इस मुद्दे पर अमेरिका और इजरायल की ओर से दबाव क्यों न हो।

ओमान वार्ता के बाद जिनेवा में अगला दौर

अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी की शुरुआत में ओमान में अप्रत्यक्ष वार्ता हुई थी। अब बातचीत का दूसरा दौर जिनेवा में प्रस्तावित है। तख्त-रवांची ने शुरुआती वार्ता को “सकारात्मक दिशा” में बताया, लेकिन किसी ठोस नतीजे पर पहुंचने को लेकर सावधानी बरती।

ट्रंप ने भी ओमान वार्ता को सकारात्मक बताया था, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि समझौता न होने की स्थिति में परिणाम “बेहद गंभीर” हो सकते हैं।

ईरान ने अपने 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम भंडार को कम करने के प्रस्ताव को लचीलापन बताया है। यह स्तर हथियार-ग्रेड के करीब माना जाता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं बढ़ी हैं। हालांकि तेहरान लगातार परमाणु हथियार विकसित करने के आरोपों से इनकार करता रहा है।

2015 समझौते जैसी शर्तें?

बातचीत के दौरान यह सवाल भी उठा कि क्या ईरान 2015 के परमाणु समझौते—Joint Comprehensive Plan of Action—की तरह उच्च संवर्धित यूरेनियम का बड़ा हिस्सा देश से बाहर भेजेगा। इस पर तख्त-रवांची ने कहा कि अभी इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि ईरान सभी प्रतिबंध हटाने की मांग करेगा या आंशिक राहत पर भी विचार करेगा।

‘ईरान से समझौता करना मुश्किल’

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप समझौते को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन ईरान के साथ डील करना “बहुत मुश्किल” है।

यह भी पढ़े:- टीपू सुल्तान पर सियासी संग्राम, ओवैसी के बयान से बढ़ी तकरार; BJP ने लगाया इतिहास विकृत

ट्रंप पहले भी कई बार चेतावनी दे चुके हैं कि यदि समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका सख्त कदम उठा सकता है। जवाब में ईरान ने भी किसी हमले की स्थिति में कड़ा प्रतिकार करने की बात कही है।

आगे क्या?

ईरान और अमेरिका के बीच जारी यह कूटनीतिक रस्साकशी पश्चिम एशिया की स्थिरता और वैश्विक राजनीति पर बड़ा असर डाल सकती है। अब नजर जिनेवा वार्ता पर है—क्या प्रतिबंधों में राहत और परमाणु सीमाओं के बीच कोई संतुलन बन पाएगा, या तनाव और बढ़ेगा?

टीपू सुल्तान पर सियासी संग्राम, ओवैसी के बयान से बढ़ी तकरार; BJP ने लगाया इतिहास विकृत करने का आरोप

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- 18वीं सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान को लेकर देश की राजनीति फिर गरमा गई है। असदुद्दीन ओवैसी के हालिया बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन पर इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है।

BJP का पलटवार

तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने कहा कि टीपू सुल्तान का महिमामंडन करना ऐतिहासिक तथ्यों को नजरअंदाज करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीपू के शासनकाल में कर्नाटक और मैसूर क्षेत्र में हिंदुओं के उत्पीड़न की घटनाएं हुईं और एआईएमआईएम उन्हें महिमामंडित करने की कोशिश कर रही है।
रामचंदर राव ने यह भी कहा कि ओवैसी, विनायक दामोदर सावरकर को लेकर गलत तथ्य प्रस्तुत कर रहे हैं और झूठा नैरेटिव गढ़ा जा रहा है।

ओवैसी का बयान

हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने एक सभा में टीपू सुल्तान को अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए शहीद बताया। उन्होंने कहा कि टीपू ने ब्रिटिश हुकूमत के सामने घुटने नहीं टेके और तलवार के बल पर संघर्ष किया। अपने बयान में उन्होंने सावरकर का जिक्र करते हुए दावा किया कि सावरकर ने अंग्रेजों को दया याचिका लिखी थी, जबकि टीपू ने ऐसा नहीं किया।

यह भी पढ़े:- सहमति से बने दीर्घकालिक संबंध में शादी का वादा टूटना अपने आप में रेप नहीं: हाई कोर्ट

ओवैसी ने पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुस्तक Wings of Fire का हवाला देते हुए कहा कि भारत की आधुनिक मिसाइल तकनीक को टीपू के रॉकेट नवाचारों से प्रेरणा मिली। साथ ही उन्होंने महात्मा गांधी द्वारा संपादित पत्रिका Young India में टीपू को हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक बताए जाने का उल्लेख किया।

महाराष्ट्र में भी बढ़ा विवाद

महाराष्ट्र के मालेगांव में डिप्टी मेयर कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने को लेकर विवाद सामने आया है। इसी बीच कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सकपाल द्वारा टीपू की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से किए जाने पर भाजपा ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। पुणे में सकपाल के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है।

सियासी बहस तेज

टीपू सुल्तान की विरासत को लेकर लंबे समय से अलग-अलग राजनीतिक दलों के बीच मतभेद रहे हैं। एक पक्ष उन्हें अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक बताता है, जबकि दूसरा पक्ष उनके शासनकाल से जुड़े विवादित पहलुओं को सामने रखता है। ताजा बयानों के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।

सहमति से बने दीर्घकालिक संबंध में शादी का वादा टूटना अपने आप में रेप नहीं: हाई कोर्ट

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तराखंड हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि दो वयस्क लंबे समय तक आपसी सहमति से संबंध में रहे हों, तो बाद में शादी का वादा पूरा न होना स्वतः भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 के तहत बलात्कार नहीं माना जा सकता। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में यह साबित करना आवश्यक है कि शादी का वादा शुरू से ही धोखे की नीयत से किया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला मसूरी की एक महिला द्वारा दायर शिकायत से जुड़ा था, जिसमें सूरज बोरा नामक व्यक्ति पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया गया था। शिकायत में कहा गया कि आरोपी ने 45 दिनों के भीतर विवाह करने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में मुकर गया। पुलिस जांच के बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया, जिसे आरोपी ने हाई कोर्ट में चुनौती दी।

बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि दोनों पक्ष वयस्क थे और लंबे समय से सहमति के आधार पर संबंध में थे। एफआईआर में ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है जिससे यह साबित हो कि शुरुआत से ही आरोपी की मंशा धोखाधड़ी की थी। वकील ने इसे असफल संबंध करार देते हुए आपराधिक कार्रवाई को कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया।

वहीं, राज्य सरकार और शिकायतकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने याचिका का विरोध किया। उनका कहना था कि महिला की सहमति शादी के स्पष्ट आश्वासन पर आधारित थी और यह तय करना कि वादा शुरुआत से झूठा था या नहीं, साक्ष्यों के आधार पर ट्रायल के दौरान ही संभव है।

सुनवाई के दौरान जस्टिस आशीष नैथानी ने कहा कि किसी वयस्क महिला की सहमति केवल इसलिए अवैध नहीं मानी जा सकती क्योंकि संबंध अंततः विवाह में परिवर्तित नहीं हुआ। अदालत ने स्पष्ट किया कि धारा 376 के तहत अपराध सिद्ध करने के लिए यह प्रमाणित होना चाहिए कि शादी का वादा केवल सहमति प्राप्त करने का साधन था और आरोपी का विवाह करने का कोई वास्तविक इरादा नहीं था।

अदालत ने पाया कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय तक संबंध और बार-बार बने शारीरिक संबंध प्रारंभिक धोखाधड़ी के बजाय आपसी सहमति की ओर संकेत करते हैं। ठोस आधार के अभाव में आपराधिक कार्यवाही जारी रखना आरोपी के उत्पीड़न के समान होगा।

इसी के साथ हाई कोर्ट ने देहरादून के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में लंबित आपराधिक मामला तथा 22 जुलाई 2023 को दाखिल चार्जशीट को रद्द कर दिया।

Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि पर किन चीजों का दान करने से प्रसन्न होते हैं भगवान शिव?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। यह पर्व हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है।

महाशिवरात्रि के दिन शिव भक्त व्रत रखते हैं, शिवलिंग का अभिषेक करते हैं और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति से की गई पूजा जीवन में सुख-समृद्धि लाती है। पूजा के साथ-साथ इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है। आइए जानते हैं कि महाशिवरात्रि पर किन वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है।

1. दूध और दूध से बनी वस्तुओं का दान

महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर दूध अर्पित करने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे जीवन में शांति और समृद्धि आती है। ऐसे में इस दिन दूध या दूध से बनी वस्तुएं जरूरतमंदों को दान करना लाभकारी माना गया है।

2. चावल का दान

इस दिन चावल का दान अत्यंत शुभ माना जाता है। चावल सफेद वस्तु है, जिसे चंद्रमा से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि चावल दान करने से कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है।

3. काली उड़द दाल का दान

महाशिवरात्रि पर काली उड़द दाल दान करने से शनि दोष कम होता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह उपाय शनि से संबंधित कष्टों को कम करने में सहायक माना जाता है।

4. सफेद वस्तुओं का दान

इस दिन कच्चा दूध, दही, चीनी, चावल और सफेद वस्त्र दान करना शुभ माना गया है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।

5. घी और गुड़ का दान

गाय का घी दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। वहीं गुड़ का दान सूर्य ग्रह को मजबूत करने और आत्मविश्वास बढ़ाने से जुड़ा माना गया है।

6. काले तिल का दान

यदि किसी व्यक्ति पर शनि की साढ़ेसाती या पितृ दोष का प्रभाव हो, तो महाशिवरात्रि के दिन काले तिल का दान करना लाभकारी माना जाता है।

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7. श्रृंगार की वस्तुओं का दान

चूंकि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का उत्सव मनाया जाता है, इसलिए माता पार्वती को 16 श्रृंगार अर्पित किए जाते हैं। किसी सुहागिन महिला को श्रृंगार की वस्तुएं दान करना अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

धार्मिक मान्यता

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन श्रद्धा भाव से किया गया दान विशेष फलदायी होता है। हालांकि, किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के जानकार या ज्योतिषाचार्य से परामर्श लेना उचित रहता है।

DU में UGC समर्थक प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकार से बदसलूकी, कौन हैं रुचि तिवारी?

दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- दिल्ली विश्वविद्यालय में यूजीसी गाइडलाइन्स को लेकर चल रहे विवाद के बीच शुक्रवार को आर्ट्स फैकल्टी परिसर में हंगामा हो गया। प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार के साथ कथित बदसलूकी और हाथापाई का मामला सामने आया, जिसके बाद कैंपस में तनाव बढ़ गया।

घटना के बाद एबीवीपी और लेफ्ट छात्र संगठन आमने-सामने आ गए। देर रात तक मॉरिस नगर थाना के बाहर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन चलता रहा।

कौन हैं रुचि तिवारी?

महिला पत्रकार की पहचान रुचि तिवारी के रूप में हुई है, जो एक यूट्यूब चैनल के लिए रिपोर्टिंग करती हैं। रुचि का दावा है कि वह शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कवर करने गई थीं, लेकिन वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनसे नाम और जाति पूछी।

रुचि का आरोप है कि जाति बताने के बाद उनके साथ मारपीट की गई, कपड़े फाड़ने की कोशिश हुई और उन्हें गंभीर धमकियां दी गईं। उन्होंने घटना से जुड़े कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किए हैं और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि भीड़ को इशारा कर उनके खिलाफ उकसाया गया और उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। उनका कहना है कि उन्हें आपत्तिजनक और आपराधिक धमकियां भी दी गईं।

एबीवीपी का आरोप

इस घटना के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विरोध दर्ज कराया। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि लेफ्ट छात्र संगठनों से जुड़े लोगों ने पत्रकार पर हमला किया।

एबीवीपी के दिल्ली प्रदेश सचिव सार्थक शर्मा ने कहा कि यह घटना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

आईसा का पक्ष

वहीं, लेफ्ट छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने आरोपों को खारिज किया है। संगठन का कहना है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण चल रहा था, लेकिन कथित रूप से उकसाने वाले सवालों के कारण विवाद की स्थिति बनी।

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आईसा ने जाति आधारित टिप्पणी के आरोपों से इनकार किया और एबीवीपी पर भी उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट का आरोप लगाया।

पुलिस और प्रशासन का रुख

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों पक्षों ने मॉरिस नगर थाने में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले में छेड़छाड़ से संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस में हुई हिंसा की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।