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नागपुर में डेटोनेटर फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 17 की मौत, 18 घायल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- महाराष्ट्र के नागपुर जिले के काटोल क्षेत्र के पास रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया। राउलगांव स्थित विस्फोटक निर्माण कंपनी एसबीएल एनर्जी लिमिटेड में हुए जोरदार धमाके में कम से कम 17 कर्मचारियों की जान चली गई, जबकि 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। कंपनी खनन और औद्योगिक उपयोग के लिए डेटोनेटर तथा अन्य विस्फोटक सामग्री तैयार करती है।

पुलिस के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच हुआ, जब सुबह की पाली के कर्मचारी काम पर मौजूद थे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक डेटोनेटर निर्माण की प्रक्रिया के दौरान अचानक तेज धमाका हुआ, जिससे फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने मृतकों और घायलों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है।

धमाका इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट से फैक्ट्री के जिस हिस्से में घटना हुई, वहां की छत और दीवारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। आसमान में उठता धुएं का गुबार दूर से देखा गया। बताया जा रहा है कि हादसे के समय संबंधित यूनिट में 25 से 30 कर्मचारी मौजूद थे। आशंका है कि कुछ लोग अब भी मलबे में फंसे हो सकते हैं।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल की टीमें और एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गईं। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है। आग पर काबू पाने और मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

फिलहाल विस्फोट के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह जांच की जा रही है कि कहीं सुरक्षा नियमों में लापरवाही तो नहीं बरती गई या फिर यह किसी तकनीकी खामी का नतीजा है।

बहरीन से कतर तक अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का मिसाइल हमला, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य पूर्व में संघर्ष खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान ने शनिवार दोपहर कई देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। यह कार्रवाई हालिया इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के हमलों के जवाब के तौर पर देखी जा रही है।

आठ देशों में अमेरिकी बेस निशाने पर

ईरान ने दावा किया है कि उसने कम से कम आठ देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कुवैत और इजरायल शामिल हैं।

बहरीन की ओर से कहा गया कि अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को मिसाइलों से निशाना बनाया गया। कतर में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अबू धाबी और दुबई में भी तेज विस्फोटों की आवाज सुनाई दी। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

मध्य पूर्व में अमेरिका के कई रणनीतिक सैन्य अड्डे हैं, जहां बड़ी संख्या में सैनिक और अत्याधुनिक हथियार तैनात हैं। इन ठिकानों पर हमला क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है।

पहले अमेरिका-इजरायल ने किया था हमला

इससे पहले शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के विभिन्न ठिकानों पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की थी। राजधानी तेहरान के डाउनटाउन इलाके में हुए हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के आवासीय परिसर को भी निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई थी। हालांकि उस समय वह परिसर में मौजूद थे या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।

ट्रंप का कड़ा बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में ईरानी शासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ईरानी नेतृत्व वर्षों से अमेरिका विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा है। ट्रंप ने ईरानी नागरिकों से अपील की कि वे हमलों के दौरान सुरक्षित स्थान पर जाएं, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि भविष्य में शासन परिवर्तन की संभावना ईरान के लोगों के हाथ में है।

रिवोल्यूशनरी गार्ड का जवाब

ईरान की पैरामिलिट्री इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने बयान जारी कर कहा कि उसने इजरायल की ओर ड्रोन और मिसाइलों की पहली खेप दागी है। यह हमले क्षेत्र में संघर्ष के और व्यापक होने का संकेत दे रहे हैं।

हूतियों की चेतावनी

इस बीच हूती आंदोलन के वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वे रेड सी शिपिंग रूट और इजरायल के खिलाफ हमले फिर से शुरू कर सकते हैं। हालांकि, इस पर आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हमले और पलटवार जारी रहे तो पूरा मध्य पूर्व व्यापक युद्ध की चपेट में आ सकता है। अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सीधे हमले से अमेरिका की प्रतिक्रिया और अधिक आक्रामक हो सकती है। आने वाले घंटे क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं।

VIDEO: कानपुर कचहरी में होली मिलन समारोह के दौरान डांस कार्यक्रम, वीडियो वायरल

न्यूज़ डेक्स/सर्वोदय न्यूज़:- होली के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला कानपुर की कचहरी परिसर का है, जहां कानपुर बार एसोसिएशन के लॉन में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक फूलों की होली से हुई, लेकिन बाद में मंच पर डांस प्रस्तुति ने माहौल बदल दिया। हिंदी और भोजपुरी गीतों पर बार डांसरों ने प्रस्तुति दी, जिस पर मौजूद अधिवक्ता और अन्य लोग भी झूमते नजर आए। समारोह के दौरान तालियों और सीटियों की आवाज से पूरा परिसर गूंज उठा।

मंच के सामने जुटी भीड़, सोशल मीडिया पर बहस

जैसे ही लोकप्रिय फिल्मी गीत बजने लगे, कई लोग मंच के सामने आकर थिरकने लगे। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर इस आयोजन को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स ने इसे होली के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम बताया, जबकि कुछ ने कचहरी परिसर में इस तरह के आयोजन पर सवाल उठाए।

एक यूजर ने लिखा कि होली उत्सव के नाम पर डांस कार्यक्रम कराया गया, जबकि दूसरे ने टिप्पणी की कि इस तरह के आयोजनों की अनुमति किस स्तर से दी जाती है और क्या इससे न्यायिक व्यवस्था की गरिमा प्रभावित नहीं होती।

ठहाकों से गूंजा लॉन, अन्नू अवस्थी ने बिखेरा हास्य

कार्यक्रम में हास्य कलाकार अन्नू अवस्थी ने भी प्रस्तुति दी। उन्होंने वकीलों और उनके पारिवारिक जीवन पर हल्के-फुल्के अंदाज में चुटकुले सुनाए, जिस पर पूरा लॉन ठहाकों से गूंज उठा।

उनकी एक प्रस्तुति में उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वकीलों की पत्नियां बेहद समझदार होती हैं। इस कथन पर उपस्थित लोगों ने जमकर तालियां बजाईं और माहौल खुशनुमा हो गया।

 

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हालांकि यह आयोजन होली मिलन समारोह के रूप में किया गया था, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद बहस छिड़ गई है कि क्या न्यायालय परिसर में इस तरह के कार्यक्रम उपयुक्त हैं। कुछ लोगों का कहना है कि त्योहारों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम सामान्य बात है, जबकि अन्य इसे पेशेवर गरिमा से जोड़कर देख रहे हैं।

फिलहाल बार एसोसिएशन या प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। होली के रंगों के बीच शुरू हुआ यह समारोह अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुका है और लोग अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।

इजरायल ने ईरान पर किया बड़ा हमला, पूरे देश में आपातकाल; सायरन से गूंजा आसमान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य पूर्व में तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इजरायल ने एक बार फिर ईरान पर सैन्य हमला किया है, जिसके बाद पूरे इजरायल में आपातकाल घोषित कर दिया गया। इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने पुष्टि की कि देशभर में अलर्ट जारी कर दिया गया है और संभावित जवाबी कार्रवाई को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की राजधानी तेहरान में धमाकों के बाद धुएं का गुबार उठता देखा गया। हालांकि ईरानी सरकार की ओर से तत्काल विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।

पूरे इजरायल में बजे सायरन

हमले के तुरंत बाद इजरायल के कई शहरों में एक साथ सायरन बज उठे। इजरायली सेना ने आशंका जताई है कि ईरान की ओर से मिसाइल हमला हो सकता है। नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। देशभर में ‘वॉर इमरजेंसी’ लागू कर दी गई है।

अमेरिका की भूमिका पर नजर

समाचार एजेंसी Associated Press (एपी) की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार सुबह तेहरान में तेज धमाका सुना गया। इस बीच संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही वार्ता का कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल रहते हैं तो सैन्य विकल्प से इनकार नहीं किया जाएगा। ऐसे में यदि ईरान इजरायल पर पलटवार करता है, तो अमेरिका के सीधे तौर पर युद्ध में शामिल होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

अमेरिकी एडवाइजरी से बढ़ा तनाव

इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने शुक्रवार को यरूशलेम स्थित दूतावास कर्मियों को सुरक्षा कारणों से तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी थी। The New York Times की रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल में कहा गया कि जो लोग जाना चाहते हैं, वे बिना देरी किए प्रस्थान की व्यवस्था कर लें और बेन-गुरियन हवाई अड्डा से उपलब्ध उड़ानों में सीट सुरक्षित करें।

हालांकि हकाबी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन हालात को देखते हुए सतर्कता जरूरी है। यह एडवाइजरी ऐसे समय आई जब क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी।

क्षेत्रीय समीकरण और संभावित असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष और बढ़ता है तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व पर पड़ सकता है। पहले से अस्थिर क्षेत्रीय हालात—जहां कई देशों के बीच तनाव बना हुआ है—इस टकराव से और बिगड़ सकते हैं।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ईरान तत्काल जवाबी कार्रवाई करेगा और क्या अमेरिका खुलकर इस संघर्ष में उतर जाएगा। आने वाले कुछ घंटे और दिन इस संकट की दिशा तय करेंगे।

इजरायल के साथ अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई? तेहरान में खामेनेई दफ्तर के पास धमाके, दोनों देशों ने बंद किया हवाई क्षेत्र

तेहरान/वॉशिंगटन: मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे ताजा हवाई हमलों में अब संयुक्त राज्य अमेरिका की भागीदारी की खबर सामने आई है। एक अमेरिकी अधिकारी और सैन्य अभियान से जुड़े सूत्रों ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर यह जानकारी Associated Press (एपी) को दी है।

शनिवार को इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान के मध्य क्षेत्र में दिनदहाड़े बड़ा हवाई हमला किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, डाउनटाउन इलाके से धुएं का घना गुबार उठता देखा गया, जिससे शहर में अफरा-तफरी मच गई।

खामेनेई के कार्यालय के नजदीक धमाका

हमले का सबसे संवेदनशील पहलू यह रहा कि धमाका ईरान के सर्वोच्च नेता 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय परिसर के बेहद करीब हुआ। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पहला बड़ा विस्फोट इसी क्षेत्र में सुना गया। हालांकि, हमले के समय खामेनेई वहां मौजूद थे या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

पिछले कुछ दिनों से क्षेत्रीय तनाव के बीच उन्हें सार्वजनिक रूप से भी नहीं देखा गया है। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने खामेनेई के कंपाउंड की ओर जाने वाली सड़कों को सील कर दिया।

ऑपरेशन से जुड़े एक अधिकारी ने दावा किया कि इजरायली वायुसेना के निशाने पर ईरान की सैन्य प्रतिष्ठान, सरकारी अधिकारी और खुफिया ठिकाने शामिल थे।

हमले की पृष्ठभूमि

यह सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दबाव बढ़ा रखा है। क्षेत्र में अमेरिकी लड़ाकू विमान और युद्धपोतों की बड़ी तैनाती पहले से मौजूद है।

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर एक नई और सख्त डील की वकालत करते रहे हैं। ईरान की ओर से लगातार यह कहा जाता रहा है कि उसे यूरेनियम संवर्धन का पूरा अधिकार है और वह अपने मिसाइल कार्यक्रम या क्षेत्रीय सहयोगियों—जैसे हमास और हिजबुल्लाह—के मुद्दे पर किसी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा।

ईरान इस समय आंतरिक विरोध प्रदर्शनों और आर्थिक दबाव से भी जूझ रहा है, जिसे वॉशिंगटन रणनीतिक अवसर के रूप में देख रहा है।

इजरायल का पक्ष

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने हमले को “राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम” बताया। हालांकि, उन्होंने अभियान की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।

हमले के बाद इजरायल में भी हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। संभावित ईरानी जवाबी कार्रवाई को देखते हुए नागरिकों को एहतियाती दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

ईरान में हालात और हवाई क्षेत्र बंद

तेहरान में हमले के बाद कई और धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरानी सरकारी मीडिया ने विस्फोटों की पुष्टि की, लेकिन शुरुआती घंटों में कारण स्पष्ट नहीं किया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इजरायल और ईरान—दोनों देशों ने अपना-अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लेकर चेतावनी जारी की गई है। फिलहाल किसी बड़े जानमाल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि किसी भी हमले की स्थिति में वह क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है। अब दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि तेहरान तुरंत पलटवार करता है या कूटनीतिक रास्ता अपनाता है।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ता है, तो यह पूरे मध्य पूर्व को व्यापक संघर्ष की ओर धकेल सकता है।

Aaj Ka Rashifal 28 February 2026: जानें आज का दिन किन राशियों के लिए शुभ, किसे बरतनी होगी सावधानी

Aaj Ka Rashifal 28 February 2026: शनिवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की अनुकूल स्थिति के कारण कई राशियों के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज गुरु मिथुन राशि में, चंद्रमा कर्क राशि में पुनर्वसु नक्षत्र में, जबकि सूर्य, बुध (वक्री), शुक्र, मंगल और राहु कुंभ राशि में स्थित हैं। वहीं शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं।

चंद्रमा का कर्क राशि में स्वगृही होना मानसिक संतुलन, पारिवारिक सुख और भौतिक संपन्नता में वृद्धि का संकेत दे रहा है। पुनर्वसु नक्षत्र का प्रभाव आशावाद और नई ऊर्जा प्रदान करेगा। हालांकि शनि की स्थिति कुछ राशियों के लिए चुनौतियां भी ला सकती है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत हाल।

मेष

आज भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि के योग हैं। माता का सहयोग मिलेगा। कारोबार में लाभ होगा, लेकिन पारिवारिक मतभेद से बचना जरूरी है। स्वास्थ्य सामान्य से थोड़ा कमजोर रह सकता है।

वृषभ

व्यापार से जुड़े लोगों के लिए दिन फायदेमंद रहेगा। कुछ उतार-चढ़ाव संभव हैं, पर अंततः परिणाम आपके पक्ष में रहेंगे। पारिवारिक और भावनात्मक मामलों में संतुलन बनाए रखें।

मिथुन

धन आगमन के संकेत हैं और करीबी लोगों के साथ संबंध बेहतर होंगे। निवेश में जल्दबाजी न करें। वाणी पर संयम रखना लाभकारी रहेगा। कारोबार स्थिर रहेगा।

कर्क

चुनौतियों के बावजूद दिन सकारात्मक रहेगा। आवश्यक संसाधन समय पर मिलेंगे। व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा। प्रेम और संतान पक्ष में हल्की चिंता रह सकती है।

सिंह

मानसिक तनाव महसूस हो सकता है। सेहत का विशेष ध्यान रखें। नौकरीपेशा लोगों को जोखिम लेने से बचना चाहिए। व्यापार सामान्य गति से आगे बढ़ेगा।

कन्या

आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। यात्रा के संकेत हैं और शुभ समाचार मिल सकता है। विरोधियों से सतर्क रहें, हालांकि कुल मिलाकर दिन लाभकारी रहेगा।

तुला

व्यापारिक मामलों में मजबूती आएगी। कानूनी मामलों में सफलता मिल सकती है। हालांकि बच्चों या प्रेम संबंधों को लेकर मन में असमंजस बना रह सकता है।

वृश्चिक

भाग्य का साथ मिलेगा। रोजगार में प्रगति और यात्रा के योग बन रहे हैं। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी, लेकिन घरेलू मामलों को शांतिपूर्वक सुलझाना होगा।

धनु

आज परिस्थितियां थोड़ी चुनौतीपूर्ण रह सकती हैं। वाहन सावधानी से चलाएं और विवादों से दूर रहें। सेहत और व्यापार सामान्य रहेंगे, पर जोखिम से बचना जरूरी है।

मकर

जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। करियर में सकारात्मक संकेत हैं। प्रेम संबंधों में मुलाकात संभव है। फिलहाल बड़े निवेश को टालना बेहतर रहेगा।

कुंभ

स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। विरोधियों की सक्रियता बढ़ सकती है, लेकिन अंततः जीत आपकी होगी। व्यापार सामान्य रहेगा।

मीन

विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। भावनाओं में बहकर निर्णय लेने से बचें। सिरदर्द या आंखों से जुड़ी परेशानी हो सकती है। साझेदारी के मामलों में सावधानी बरतें।

ग्रेटर नोएडा में मंडलीय समीक्षा बैठक, स्वास्थ्य सेवाओं में कोताही पर सख्ती के निर्देश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रदेश के लोगों को गुणवत्तापरख स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।चिकित्सालयों में इन्फ्रास्ट्रक्चर, मूलभूत सुविधाओं को और बेहतर किया जाए। मरीजों के तीमारदारों हेतु रैन बसेरा, चिकित्सा इकाईयों पर औषधियों एवं मानकानुसार उपकरणों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
यह कहना है प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का। वे शुक्रवार को जनपद गौतम बुद्ध नगर के ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान में मेरठ, मुरादाबाद एवं सहारनपुर मंडलों के विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
डिप्टी सीएम ने निर्देशित किया कि चिकित्सालयों में इन्फ्रास्ट्रक्चर, मूलभूत सुविधाएं, साइनेज, सिटीजन चार्टर, साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल की गुणवत्तापरख व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएं। किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चिकित्सालयों में मरीजों के तीमारदारों हेतु रैन बसेरा एवं, चिकित्सा इकाईयों पर औषधियों एवं मानकानुसार उपकरणों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी जनपदीय चिकित्सालयों में एमआरआई एवं आईसीयू की व्यवस्था को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपदों में हैल्थ एटीएम की व्यवस्था व क्रियाशीलता, चिकित्सालयों में फायर एक्सटिग्विशर की व्यवस्था तथा फायर ऑडिट कराना भी सुनिश्चित किया जाए। जनपदों में सीटी स्कैन एवं डायलिसिस की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए जाए एवं उपलब्ध एम्बुलेंसों की कियाशीलता को लेकर भी अफसरों को दिशा-निर्देश जारी किए। डिप्टी सीएम ने कहा कि समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की लगातार देखरेख की जाए एवं अस्पतालों में समस्त स्टाफ का यूनीफार्म में होना अनिवार्य है। आरोग्य मेलों के लगातार आयोजन एवं अन्य विभिन्न चिकित्सकीय मुद्दों पर डिप्टी सीएम ने अधीनस्थों को निर्देशित किया।
बैठक में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष, निदेशक, एनएचएम पिंकी जोएल, महानिदेशक, स्वास्थ्य डॉ. पवन कुमार अरुण, महानिदेशक, ट्रेनिंग डॉ. रंजना खरे, मुख्य विकास अधिकारी, गौतम बुद्ध नगर शिवाकांत द्विवेदी, तीनों मंडलों के अपर निदेशक (स्वास्थ्य), तीनों मंडलों के विभिन्न जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी/मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

आठ मंडलों में स्थलीय पर्यवेक्षण

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रदेश में एक नवीन पहल के तहत चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु 29 अक्टूबर 2025 से पर्यवेक्षण एवं मण्डलीय समीक्षा आरंभ की गई थी। अब तक कुल आठ मण्डलों (कानपुर, अयोध्या, देवीपाटन, प्रयागराज, लखनऊ, बरेली, आगरा एवं अलीगढ़) में स्थलीय पर्यवेक्षण एवं समीक्षा का आयोजन किया जा चुका है।

गंभीरता से किया जा रहा कार्य

आज तीन मंडलों की समीक्षा बैठक से पूर्व छह से आठ फरवरी को मेरठ, मुरादाबाद एवं सहारनपुर मण्डलों के समस्त 14 जनपदों की लगभग 2437 चिकित्सा इकाइयों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में 19 जिला चिकित्सालयों, 131 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, 446 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, 1825 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, 10 विशेष चिकित्सालयों एवं 06 मेडिकल कालेज एवं 662 मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों का राज्य, मण्डल एवं जनपद स्तरीय 117 टीमों के माध्यम से स्थलीय पर्यवेक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सामने आए विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है।

Reported By- Hari Ram, Lucknow 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर रोक, आदेश सुरक्षित

प्रयागराज/सर्वोदय न्यूज़:- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़े पाक्सो मामले में नामजद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। साथ ही उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी कर आदेश सुरक्षित रख लिया गया है।

शुक्रवार शाम करीब एक घंटे से अधिक चली सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह आदेश दिया। कोर्ट नंबर 72 में सुनवाई के दौरान भारी भीड़ मौजूद रही।

झूंसी थाने में दर्ज हुई थी एफआईआर

मामला विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) के आदेश के क्रम में दर्ज किया गया था। बीते रविवार को प्रयागराज के झूंसी थाने में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगी स्वामी मुकुंदानंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

आरोप है कि माघ मेला और महाकुंभ के दौरान नाबालिगों के साथ दुष्कर्म की घटना हुई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद पूछताछ की है। पीड़ितों के बयान और मेडिकल परीक्षण भी कराए जा चुके हैं।

अग्रिम जमानत का विरोध

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि एक पीड़ित की उम्र को लेकर विवाद है। वहीं पीड़ित पक्ष ने अग्रिम जमानत का विरोध किया।

हाई कोर्ट का अंतिम आदेश सुरक्षित है। फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। मामले में आगे की सुनवाई के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

अयोध्या के रायगंज जैन मंदिर में आठ दिवसीय इंद्रधनुष विधान अनुष्ठान शुरू, उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- धर्मनगरी Ayodhya के रायगंज स्थित प्रसिद्ध जैन मंदिर में आठ दिवसीय ‘इंद्रधनुष विधान’ अनुष्ठान श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित किया जा रहा है। आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु भाग ले रहे हैं, जिससे मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर है।

इंद्र स्वरूप बनकर करते हैं ध्वज अर्पण

विधान की खासियत यह है कि इसमें सहभागी बनने वाले श्रद्धालुओं को ‘इंद्र’ की संज्ञा दी जाती है। वे इंद्र स्वरूप में मंडल पर ध्वज अर्पित करते हैं, इसलिए इसे ‘इंद्रध्वज विधान’ भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस विधान के माध्यम से तीन लोक के समस्त चौतालों और 458 कृत्रिम जिनालयों की सामूहिक पूजा की जाती है।

अनुष्ठान के दौरान प्रतिदिन पांच मेरुओं की आराधना होती है और प्रत्येक दिन एक मेरु का विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया जा रहा है।

आध्यात्मिक जागरण का माध्यम

जैन मंदिर के पीठाधीश्वर Ravindra Kirti Maharaj ने बताया कि यह विधान आत्मकल्याण, पुण्य संचय और आध्यात्मिक चेतना के जागरण का महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में संयम, संस्कार और धार्मिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं।

गणिनी ज्ञानमती माताजी का सानिध्य

यह आयोजन जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी Ganini Gyanmati Mataji के सानिध्य में संपन्न हो रहा है। कार्यक्रम का संचालन दिल्ली के आनंद प्रकाश जैन अपने पुत्रों मदन, प्रदीप और प्रवीण जैन के सहयोग से कर रहे हैं।

होली पर बढ़ेगी संख्या

आयोजकों के अनुसार प्रतिदिन करीब 100 श्रद्धालु अनुष्ठान में शामिल हो रहे हैं। वहीं होली के अवसर पर लगभग 500 श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मंदिर परिसर में भक्ति, अनुशासन और उत्साह का विशेष वातावरण बना हुआ है।

‘मैंने कभी नहीं कहा कि मैं बीमार हूं’: जगदीप धनखड़ का इस्तीफे पर बड़ा बयान, Rahul Gandhi ने पहले उठाए थे सवाल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने इस्तीफे को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए बड़ा बयान दिया है। राजस्थान के Churu में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी यह दावा नहीं किया कि वह बीमार हैं, बल्कि स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए पद छोड़ा था।

‘स्वास्थ्य को अहमियत दी, बीमारी की बात नहीं कही’

धनखड़ ने कहा, “पहला सुख निरोगी काया होता है। मैंने कभी अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नहीं बरती। जब मैंने पद त्यागने की बात कही, तब यह नहीं कहा कि मैं बीमार हूं। मैंने सिर्फ इतना कहा कि मैं स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रहा हूं।”

गौरतलब है कि 21 जुलाई 2025 को उन्होंने राष्ट्रपति को सौंपे अपने त्यागपत्र में स्वास्थ्य देखभाल और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने का उल्लेख किया था।

राहुल गांधी ने उठाए थे सवाल

इस्तीफे के बाद पिछले वर्ष अगस्त में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने धनखड़ के अचानक इस्तीफे और उसके बाद सार्वजनिक रूप से चुप रहने पर सवाल खड़े किए थे। राहुल गांधी ने संकेत दिया था कि इस्तीफे के पीछे “कोई बड़ी कहानी” हो सकती है।

चूरू दौरे का कारण

धनखड़ ने बताया कि उनका चूरू दौरा निजी कारणों से था। उन्होंने कहा कि पूर्व सांसद राम सिंह कस्वां के स्वास्थ्य को लेकर वह चिंतित थे और इसी वजह से वहां पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी वह स्वयं अस्वस्थ हुए, राम सिंह कस्वां ने हमेशा उनका हालचाल लिया।

नए उपराष्ट्रपति का चुनाव

धनखड़ ने संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत में पद छोड़ा था। इसके बाद हुए चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार C. P. Radhakrishnan देश के नए उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए।

धनखड़ के ताजा बयान के बाद एक बार फिर उनके इस्तीफे को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।