झांसी/सर्वोदय न्यूज़:- झांसी जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कर्ज की किश्त न भर पाने पर एक महिला को बैंक में बंधक बनाए जाने का आरोप लगा है। महिला के पति ने डायल-112 पर शिकायत की, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को छुड़ाया गया। घटना मोंठ थाना क्षेत्र के बम्हरौली गांव की है और इसने निजी लोन कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बाबई रोड पूंछ निवासी रविंद्र वर्मा ने बताया कि उनकी पत्नी पूजा वर्मा ने एक प्राइवेट लोन कंपनी से ₹40,000 का पर्सनल लोन लिया था, जिसकी मासिक किश्त ₹2,120 थी। अब तक वह 11 किश्तें चुका चुकी हैं, लेकिन बैंक रिकॉर्ड में केवल 8 किश्तें दिखाई जा रही हैं।
आपको बतादें कि महिला ने आरोप लगाया कि बैंक एजेंट कौशल और धर्मेंद्र ने उसकी तीन किश्तें हड़प लीं। सोमवार को टीकमगढ़ (MP) निवासी बैंक सीओ संजय यादव घर पहुंचा और पैसे न देने पर महिला और उसके पति को जबरन बैंक ले आया। महिला को 5 घंटे तक बैंक में बैठा कर रखा गया, जब तक कि उसके पति ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस बुलाई।
सूचना मिलते ही पीआरवी टीम मौके पर पहुंची और महिला को बैंक से बाहर निकाला। साथ ही कोतवाली मोंठ पुलिस ने पति-पत्नी को थाने बुलाया। पूजा वर्मा ने लिखित शिकायत में बताया कि एजेंटों ने किश्त का पैसा गबन किया है| फिलहाल पुलिस बैंक कर्मियों और एजेंटों से पूछताछ कर रही है।
पूरे मामले पर अनुज कुमार (बैंक मैनेजर, कानपुर देहात) का कहना है कि महिला पिछले 7 महीने से किश्त नहीं भर रही थी। उसे सिर्फ बुलाया गया था, बाध्य नहीं किया गया। महिला अपने पति के साथ आई और खुद से बैंक में बैठी।
आपको बतादें कि यह मामला निजी फाइनेंस कंपनियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। बगैर लीगल प्रक्रिया के किसी को बंधक बनाना कानूनी तौर पर अपराध है। यदि एजेंट ने वाकई किश्तें गबन की हैं तो यह धोखाधड़ी का मामला बनता है।



