न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- महाराष्ट्र के नासिक में एक कॉर्पोरेट विवाद के बीच अब देश की प्रमुख आईवेयर कंपनी Lenskart एक नए विवाद में घिर गई है। कंपनी की कथित ड्रेस कोड पॉलिसी को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही गाइडलाइन्स के आधार पर दावा किया जा रहा है कि कंपनी ने कर्मचारियों के लिए सख्त ड्रेस कोड लागू किया है। आरोप है कि इस पॉलिसी के तहत महिला कर्मचारियों के माथे पर बिंदी लगाने पर रोक है, जबकि सिंदूर को भी बहुत सीमित रखने की बात कही गई है ताकि वह स्पष्ट रूप से दिखाई न दे।

इसके अलावा, हाथ में पहने जाने वाले धार्मिक धागे या किसी भी प्रकार के रिस्टबैंड को हटाने की भी बात सामने आई है। हालांकि, इन दावों की कंपनी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
हिजाब और पगड़ी को लेकर क्या नियम?
वायरल दिशा-निर्देशों के मुताबिक, यदि कोई कर्मचारी हिजाब या पगड़ी पहनता है तो उसका रंग निर्धारित (काला) होना चाहिए। साथ ही यह भी कहा गया है कि इससे कंपनी का लोगो ढका नहीं होना चाहिए। इसके अलावा बड़े आभूषण जैसे लटकते ईयररिंग्स और नथ पर भी रोक की बात कही गई है, जबकि छोटे स्टड्स पहनने की अनुमति बताई जा रही है।
सोशल मीडिया पर विरोध
इन नियमों को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाए हैं। कई यूजर्स का कहना है कि यदि यह पॉलिसी सही है, तो यह धार्मिक प्रतीकों के साथ असमान व्यवहार दर्शाती है। कुछ लोगों ने इसे सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए विरोध जताया है, जबकि अन्य ने कंपनी से स्पष्ट जवाब की मांग की है।
कंपनी का पक्ष अभी बाकी
इस पूरे मामले में अब तक Lenskart की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि वायरल गाइडलाइन्स पूरी तरह सही हैं या उनमें बदलाव/गलतफहमी की स्थिति है।



