Friday, April 10, 2026

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इन लोगों पर मेहरबान हुई यूपी सरकार, सीएम योगी ने बिजली बिल घटाने के दिए निर्देश

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश सरकार ने पावरलूम बुनकरों को बड़ी राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बुनकरों के बिजली बिल को कम करने के लिए व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए।

बिजली बिल कम करने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि पावरलूम बुनकरों की विद्युत लागत कम करना जरूरी है। इसके लिए हथकरघा विभाग और पावर कॉर्पोरेशन मिलकर ठोस योजना तैयार करेंगे।

साथ ही, सौर ऊर्जा (Solar Energy) को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया, ताकि बुनकरों को लंबे समय तक सस्ती बिजली मिल सके।

बुनकरों को बताया अर्थव्यवस्था की रीढ़

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुनकर सिर्फ परंपरा के संरक्षक ही नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार हैं। उनकी आय और आजीविका को स्थिर करना सरकार की प्राथमिकता है।

किन समस्याओं से जूझ रहे हैं बुनकर?

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में बुनकरों के सामने कच्चे माल की बढ़ती लागत, डिजाइन और आधुनिक तकनीक का अभाव तथा सीमित बाजार पहुंच जैसी चुनौतियां हैं। इन समस्याओं का समाधान केवल योजनागत सहायता से नहीं, बल्कि एक सुदृढ़ एवं समन्वित तंत्र विकसित कर ही संभव है। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में परिणामोन्मुख, क्लस्टर-आधारित नई कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में लगभग 1.99 लाख बुनकर कार्यरत हैं और उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में देश में छठवें स्थान पर है। कालीन, दरी एवं मैट के उत्पादन में प्रदेश अग्रणी है, जबकि बेडशीट, फर्निशिंग और ब्लैंकेट जैसे उत्पादों में भी राज्य की मजबूत उपस्थिति है। वर्ष 2024-25 में देश का कुल हथकरघा निर्यात 1178.93 करोड़ रुपये रहा था, जिसमें उत्तर प्रदेश का योगदान 109.40 करोड़ (लगभग 9.27 प्रतिशत) का था।

क्लस्टर मॉडल पर जोर

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बुनकर बहुल क्षेत्रों की पहचान कर वहां क्लस्टर विकसित किए जाएं, ताकि उत्पादन, गुणवत्ता और विपणन को एकीकृत किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये क्लस्टर केवल उत्पादन तक सीमित न रहकर पूर्ण वैल्यू चेन के रूप में विकसित हों, जहां डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच एक ही ढांचे में सुनिश्चित हो। बैठक में क्लस्टर चयन, बेसलाइन सर्वे, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने, प्रभावी क्रियान्वयन तथा सतत अनुश्रवण जैसे पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक क्लस्टर में सीमित संख्या में बुनकरों को संगठित कर पंजीकृत इकाइयों के रूप में विकसित किया जाए, जिससे सामूहिक उत्पादन और विपणन को बढ़ावा मिले। साथ ही, इन क्लस्टरों को आधुनिक तकनीक, उन्नत उपकरणों और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जाए, ताकि उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार हो।

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