न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़ :- तमिलनाडु में पिता-पुत्र की हिरासत में मौत के चर्चित मामले में मदुरई की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी पाए गए 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड की सजा दी है। इन आरोपियों में इंस्पेक्टर श्रीधर भी शामिल हैं, जिन पर अदालत ने 15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि कुल 10 पुलिसकर्मियों पर आरोप तय हुए थे, जिनमें से एक की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। शेष सभी 9 आरोपियों को हाल ही में दोषी करार दिया गया था। कोर्ट ने इस घटना को बेहद क्रूर बताते हुए कहा कि पिता और बेटे को प्रतिशोध की भावना से निर्वस्त्र कर बर्बर तरीके से पीटा गया, जिसकी जानकारी पढ़ते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
सत्ता के दुरुपयोग पर सख्त टिप्पणी
फैसले में अदालत ने यह भी कहा कि यदि न्यायिक निगरानी नहीं होती तो सच्चाई सामने नहीं आ पाती। कोर्ट ने इसे एक परिवार को पूरी तरह बर्बाद कर देने वाला मामला बताते हुए इसे सत्ता के दुरुपयोग का स्पष्ट उदाहरण बताया। साथ ही कहा कि सरकारी वेतन पाने वाले अधिकारी अपने कृत्यों के लिए तनाव को बहाना नहीं बना सकते।
अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि इस केस में सीसीटीवी फुटेज अहम साक्ष्य के रूप में सामने आए, जबकि ऐसे मामलों में आमतौर पर ऐसा देखने को नहीं मिलता। कोर्ट ने यह भी कहा कि भले ही राज्य में कई ईमानदार पुलिसकर्मी हैं, लेकिन ऐसे मामलों में सिर्फ उम्रकैद की सजा पुलिस तंत्र में पर्याप्त भय पैदा नहीं कर सकती।
क्या था पूरा मामला
यह घटना वर्ष 2020 में तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले के सथानकुलम की है। आरोप है कि पुलिस ने 19 जून 2020 को पी. जेयराज को कोविड-19 कर्फ्यू उल्लंघन के आरोप में उनकी दुकान से हिरासत में लिया था। जब उनके बेटे बेनिक्स ने थाने पहुंचकर पिता की रिहाई की मांग की, तो विवाद बढ़ गया।
इसके बाद पुलिस ने दोनों को थाने में रातभर कथित रूप से प्रताड़ित किया। अगले दिन उन्हें बिना उचित चिकित्सा के न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जेल में उनकी हालत बिगड़ती गई और 22 जून को बेनिक्स की अस्पताल में मौत हो गई, जबकि 23 जून को जेयराज ने भी दम तोड़ दिया।
मामले में पहले स्थानीय स्तर पर जांच शुरू हुई, जिसे बाद में सीबी-सीआईडी और फिर सीबीआई को सौंपा गया। एक आरोपी पुलिस अधिकारी की कोविड-19 से मृत्यु हो चुकी है, जबकि बाकी 9 के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था, जिन पर अब अदालत ने यह सख्त फैसला सुनाया है।



