सर्वोदय/नई दिल्ली: मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और वैश्विक आतंकवाद की साजिशों में शामिल तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाया जा रहा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की सात सदस्यीय टीम उसे लेकर दिल्ली पहुंचने वाली है। यहां आने के बाद राणा का मेडिकल परीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद उसे NIA कोर्ट में पेश किया जाएगा और फिर सीधे तिहाड़ जेल भेजा जाएगा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राणा को तिहाड़ की हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखा जाएगा।
अधिवक्ता नरेंद्र मान होंगे सरकारी वकील
इस हाई-प्रोफाइल केस की सुनवाई को लेकर केंद्र सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र मान को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया है। गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, नरेंद्र मान की नियुक्ति आज से तीन साल तक या फिर मुकदमा समाप्त होने तक, जो पहले हो, तक प्रभावी रहेगी।
नरेंद्र मान इससे पहले CBI की ओर से कई अहम मामलों में पैरवी कर चुके हैं, जिनमें वर्ष 2018 का एसएससी पेपर लीक मामला भी शामिल है। सरकार ने अब उन्हें तहव्वुर राणा केस की कानूनी प्रक्रिया को संभालने की जिम्मेदारी सौंपी है।
कौन है तहव्वुर राणा?
64 वर्षीय तहव्वुर राणा पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है और कनाडा का नागरिक है। वह 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली का करीबी सहयोगी रहा है। दोनों ने मिलकर हमले की योजना बनाई और उसे अंजाम तक पहुंचाया।
राणा के प्रत्यर्पण को लेकर भारत को लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। उसने अमेरिका की कई अदालतों में प्रत्यर्पण रोकने की कोशिश की, लेकिन सभी याचिकाएं खारिज हो गईं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने भी अंतिम सुनवाई में साफ कर दिया कि उसे भारत को सौंपा ही जाएगा।
तिहाड़ में विशेष इंतजाम
सूत्रों के अनुसार, तिहाड़ जेल में तहव्वुर राणा को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा जाएगा। उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के लिए विशेष निगरानी टीम तैनात की गई है।
क्या है आगे की प्रक्रिया?
दिल्ली आगमन के साथ होगा मेडिकल परीक्षण
पेशी होगी NIA की स्पेशल कोर्ट में
भेजा जाएगा तिहाड़ जेल के हाई-सिक्योरिटी सेल में
नरेंद्र मान कोर्ट में करेंगे भारत सरकार का प्रतिनिधित्व
भारत में तहव्वुर राणा के खिलाफ आतंकवाद से जुड़े कई संगीन धाराओं में मामला दर्ज है। अब NIA उसे अपनी कस्टडी में लेकर 26/11 हमले की गहराई से जांच को आगे बढ़ाएगी।



