लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:– उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेश के लाखों छात्रों को बड़ी सौगात दी। राज्य सरकार ने 27,99,982 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में करीब 3,350 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति सीधे ट्रांसफर की।
इस योजना का लाभ कक्षा 9, 10 से लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को मिला। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दीपेंद्र कुमार, नेहा सिंह, वैभव पाठक और निहाल फातिमा समेत कई छात्रों को मंच पर बुलाकर प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
विपक्ष पर साधा निशाना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2016-17 में पिछली सरकार ने अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति रोक दी थी और केंद्र से मिले धन का दुरुपयोग किया गया।
DBT से पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता लाई गई है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए पैसा सीधे छात्रों के खातों में भेजा जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगी है। उन्होंने चेतावनी दी कि गरीबों के हक में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान
इस मौके पर सरकार ने युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं स्वामी विवेकानंद योजना के तहत जल्द ही 2 करोड़ युवाओं को टैबलेट बांटे जाएंगे। नीट, आईआईटी और एनडीए की तैयारी के लिए अभ्युदय कोचिंग को और सशक्त बनाया जाएगा। नए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जिलों में एक घंटा इन कोचिंग सेंटरों को दें। कन्या सुमंगला योजना के तहत प्रदेश की 26 लाख बेटियां इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं, जिसके लिए बजट में 400 करोड़ की व्यवस्था की गई है। बेरोजगारों की स्क्रीनिंग और उन्हें योग्यतानुसार नौकरी दिलाने के लिए विशेष केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
पूर्व सरकारों पर आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने विकास के बजाय केवल नाम बदलने की राजनीति की। उन्होंने आरोप लगाया कि महापुरुषों के नाम पर बने संस्थानों के नाम बदले गए, जिन्हें वर्तमान सरकार ने फिर से बहाल किया।
उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं और देश के प्रतीकों पर सवाल उठाना संविधान का अपमान है, जिसे देश का गरीब और वंचित वर्ग कभी स्वीकार नहीं करेगा।



