अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Digvijaya Singh गुरुवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने रामलला के दर्शन-पूजन किए। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस कभी भी राम मंदिर की विरोधी नहीं रही है और उनका यहां आना पूरी तरह आस्था से जुड़ा है।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम हमारे आदर्श हैं और उनकी आस्था हमेशा से रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राम मंदिर के मुद्दे पर लोगों को गुमराह करती है और इसे राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करती है।
“आस्था के साथ आया हूं, राजनीति से अलग है राम”
Digvijaya Singh ने कहा कि राम मंदिर बन चुका है और वे यहां दर्शन-पूजन के लिए आए हैं। उन्होंने बताया कि वह पूजा के दौरान Sonia Gandhi के अच्छे स्वास्थ्य और कांग्रेस की मजबूती के लिए प्रार्थना करेंगे।
सरकार पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में गैस सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल को लेकर समस्या बनी हुई है और आगे हालात और बिगड़ सकते हैं।
उन्होंने Narendra Modi पर आरोप लगाया कि वे केवल वोट की राजनीति करते हैं और जनता के हितों की अनदेखी करते हैं।
माला पहनने से किया इनकार
अयोध्या एयरपोर्ट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया, लेकिन उन्होंने माला पहनने से इनकार कर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि पहले पार्टी को मजबूत करें, उसके बाद ही माला पहनेंगे।
कई मंदिरों में करेंगे दर्शन
राम मंदिर के अलावा Hanumangarhi Temple और Kanak Bhawan में भी दर्शन-पूजन का कार्यक्रम है। इसके बाद वे कांग्रेस नेता डॉ. निर्मल खत्री से मुलाकात करेंगे।
राम मंदिर निर्माण में दिया योगदान
गौरतलब है कि Digvijaya Singh ने राम मंदिर निर्माण के लिए 1,11,111 रुपये का दान भी दिया था। वे कई बार खुद को राम भक्त बताते हुए कह चुके हैं कि आस्था और राजनीति को अलग रखना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं की बढ़ती मौजूदगी
अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आने से इनकार कर चुके कांग्रेस के बड़े नेताओं ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। बीते सोमवार को यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय के साथ कांग्रेस के दर्जनों नेता रामलला का दर्शन करने अयोध्या पहुंचे। यहां सबसे पहले सरयू में डुबकी लगाई। कांग्रेस के नेता करीब सौ से भी ज्यादा गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे थे लेकिन प्रशासन ने केवल तीन गाड़ियों को ही सरयू तक जाने की इजाजत दी।



