न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय न्यूज़:- पाकिस्तान को पहली बार वैश्विक स्तर पर आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित देश घोषित किया गया है। इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस की ओर से जारी ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के अनुसार, देश में आतंकी हिंसा में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रिपोर्ट बताती है कि साल 2025 में आतंकवाद से जुड़ी मौतों की संख्या बढ़कर 1139 हो गई, जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 6 प्रतिशत ज्यादा है। यह आंकड़ा 2013 के बाद सबसे ऊंचा है। इसी दौरान कुल 1,045 आतंकी घटनाएं सामने आईं, जबकि मौतों में लगातार छठे साल इजाफा देखा गया। पाकिस्तान का स्कोर 8.574 रहा, जिससे उसने बुर्किना फासो को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया।
दुनिया के 5 देशों में 70% मौतें
रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर आतंकवाद से होने वाली कुल मौतों का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ पांच देशों—पाकिस्तान, बुर्किना फासो, नाइजीरिया, नाइजर और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो—में दर्ज किया गया।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा असर
पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों का केंद्र मुख्य रूप से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान रहे। यहां कुल हमलों का 74 प्रतिशत और मौतों का 67 प्रतिशत हिस्सा दर्ज किया गया। इन क्षेत्रों में सरकार का नियंत्रण कमजोर बताया गया है।
TTP की बढ़ती ताकत बनी बड़ा कारण
आतंकवाद के बढ़ते मामलों के पीछे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को सबसे बड़ा कारण माना गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में इस संगठन ने 595 हमले किए, जो पिछले साल से 24 प्रतिशत ज्यादा हैं। इन हमलों में 637 लोगों की जान गई, जो 2011 के बाद सबसे अधिक है।
TTP 2009 से अब तक पाकिस्तान में होने वाले 67 प्रतिशत से ज्यादा हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है और यह बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की तुलना में पांच गुना अधिक हमले करता है।
अफगानिस्तान फैक्टर भी जिम्मेदार
रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति और कमजोर हुई है। इससे TTP को सीमा पार से समर्थन और संचालन में आसानी मिली है।
बंधक बनाने की घटनाओं में तेज उछाल
2025 में अपहरण और बंधक बनाने की घटनाओं में भी बड़ा उछाल देखा गया। यह संख्या 101 से बढ़कर 655 तक पहुंच गई। इनमें जाफर एक्सप्रेस हमला एक प्रमुख घटना रही, जिसमें अकेले 442 लोग बंधक बनाए गए।
पाकिस्तान के लिए चेतावनी
रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर सबसे खतरनाक चार आतंकी संगठनों में केवल TTP ही ऐसा समूह है, जिसकी गतिविधियों में वृद्धि हुई है, जबकि बाकी संगठनों में गिरावट देखी गई।
यह रैंकिंग पाकिस्तान के लिए गंभीर चेतावनी मानी जा रही है। 2024 में दूसरा स्थान पाने वाला देश 2025 में शीर्ष पर पहुंच गया, जो बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को दर्शाता है। वहीं, दक्षिण एशिया में आतंकवाद से प्रभावित देशों में पाकिस्तान अकेला ऐसा देश रहा, जहां हालात और खराब हुए, जबकि भारत सहित अन्य देशों में सुधार दर्ज किया गया।



