सर्वोदय/मेरठ: सौरभ राजपूत हत्याकांड में एक चौंकाने वाला नया मोड़ सामने आया है। अपने पति की हत्या के आरोप में मेरठ जेल में बंद मुस्कान रस्तोगी अब मां बनने वाली है। मेडिकल जांच में उसकी प्रेग्नेंसी की पुष्टि हो चुकी है। इस खबर के सामने आते ही यह हाई-प्रोफाइल केस एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
प्रेग्नेंसी की पुष्टि कैसे हुई?
हाल ही में मुस्कान को जेल में पेट दर्द और उल्टियों की शिकायत हुई। जेल प्रशासन ने इस पर संदेह जताते हुए मेरठ के सीएमओ को पत्र लिखा। 7 अप्रैल 2025 को जिला अस्पताल से एक महिला डॉक्टर जेल पहुंचीं और मेडिकल जांच के बाद मुस्कान का प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव आया। सीएमओ ने खुद इस बात की पुष्टि की है।
बच्चे का पिता कौन?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मुस्कान के गर्भ में पल रहे बच्चे का पिता कौन है? मृतक पति सौरभ या फिर उसका कथित प्रेमी साहिल शुक्ला? गौरतलब है कि मुस्कान की एक 6 साल की बेटी पहले से है, जो इस समय अपने नाना-नानी के पास रह रही है। अब इस रहस्य का जवाब डीएनए टेस्ट के बाद ही मिल सकता है।
क्या है पूरा हत्याकांड?
3 मार्च 2025 को मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ राजपूत लंदन से मेरठ अपनी पत्नी मुस्कान के पास लौटे थे। लेकिन वह नहीं जानते थे कि उनके लिए मौत का जाल बुना जा चुका है। मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर सौरभ को पहले नशीली दवा दी और फिर चाकू से हत्या कर दी। इसके बाद शव को टुकड़ों में काटकर एक नीले ड्रम में डाल दिया गया और उसे सीमेंट से भरकर सील कर दिया गया। हत्या के बाद दोनों आरोपी शिमला घूमने चले गए और सौरभ के मोबाइल से मैसेज भेजते रहे ताकि किसी को शक न हो। 18 मार्च को मुस्कान ने अपनी मां के सामने जुर्म कबूल कर लिया और इसके बाद दोनों गिरफ्तार कर लिए गए।
जेल प्रशासन का क्या कहना है?
वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान की तबीयत पूरी तरह ठीक है और उसे नियमित मेडिकल देखभाल दी जा रही है। उन्होंने कहा, “प्रेग्नेंसी की पुष्टि हमारी मेडिकल प्रक्रिया के तहत हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में उसकी तबीयत बिगड़ने की बातें गलत हैं।”
गर्भवती महिला और जेल – क्या कहता है कानून?
भारतीय जेल कानूनों के मुताबिक, गर्भवती कैदी को विशेष सुविधाएं दी जाती हैं जैसे कि उचित पोषण, मेडिकल देखभाल और प्रसव की व्यवस्था। हालांकि, यह प्रेग्नेंसी उसे सजा से नहीं बचा सकती, लेकिन यदि सजा तय होती है तो उसे कुछ समय के लिए टालने पर विचार किया जा सकता है।
अब आगे क्या होगा?
इस हाई-प्रोफाइल केस में अब कई नए मोड़ आने बाकी हैं। डीएनए टेस्ट यह तय करेगा कि बच्चा किसका है, और इससे केस की दिशा पर असर पड़ सकता है। कानून विशेषज्ञों का मानना है कि यह ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामला बन सकता है, जिसमें फांसी तक की सजा संभव है। लेकिन मुस्कान की प्रेग्नेंसी के चलते सजा की प्रक्रिया में कुछ देरी जरूर हो सकती है।



