न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच फंसे यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। United Arab Emirates (UAE) की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने घोषणा की है कि देश के प्रमुख हवाई अड्डों से विशेष उड़ानें संचालित की जा रही हैं, ताकि युद्ध के कारण प्रभावित यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके।
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया था, जिससे दुबई और अबू धाबी सहित कई एयरपोर्ट्स पर हजारों उड़ानें रद्द हो गईं। लाखों यात्री प्रभावित हुए। UAE सरकार पहले ही फंसे यात्रियों के लिए ठहरने और भोजन की व्यवस्था कर चुकी है। अब उनकी प्राथमिकता सुरक्षित वापसी है।
क्षेत्रीय तनाव से हवाई सेवाएं प्रभावित
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र की उड़ानों पर पड़ा है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सैन्य ठिकानों और रणनीतिक स्थानों को निशाना बनाया गया, जिसके बाद कई देशों ने सुरक्षा कारणों से अपने हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से बंद कर दिए।
हालांकि इन घटनाओं से जुड़े कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी विभिन्न स्तरों पर की जा रही है।
एयरलाइंस ने सीमित सेवाएं फिर से शुरू कीं
स्थिति सामान्य करने के प्रयास में यूएई की प्रमुख एयरलाइन एमिरेट्स एयरलाइंस ने सीमित उड़ानें बहाल करने की घोषणा की है। वहीं एतिहाद एयरवेज ने मॉस्को, एम्स्टर्डम और पेरिस जैसे शहरों के लिए विशेष उड़ानों का संचालन शुरू किया है। इसके अलावा फ्लाईदुबई ने भी कुछ मार्गों पर सेवाएं दोबारा शुरू की हैं।
दूसरी ओर, कतर एयरवेज ने फिलहाल अपनी उड़ानों को निलंबित रखा है और स्थिति की समीक्षा के बाद आगे की जानकारी देने की बात कही है।
वैश्विक स्तर पर लाखों यात्री प्रभावित
इस संकट का असर दुनिया भर के यात्रियों पर पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडोनेशिया के लगभग 58 हजार उमराह यात्री सऊदी अरब में फंसे हुए हैं। वहीं जर्मनी के हजारों पर्यटक विभिन्न स्थानों पर रुके हुए हैं।
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कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस, जिनमें एयर इंडिया, एयर फ्रांस और केएलएम शामिल हैं, ने मध्य पूर्व के लिए अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द कर दी हैं।
सरकारें और एजेंसियां अलर्ट पर
स्थिति को देखते हुए कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
विशेष उड़ानों की शुरुआत से फंसे यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि क्षेत्र में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।



