न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अमेरिका में टैरिफ को लेकर चल रही कानूनी जंग के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट से झटका मिलने के बाद भारत समेत सभी देशों पर 10 फीसदी अस्थायी आयात शुल्क लगाने वाले नए आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। यह टैरिफ 24 फरवरी 2026 से लागू होगा और 150 दिनों तक प्रभावी रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट का क्या था फैसला?
Supreme Court of the United States ने 6-3 के बहुमत से दिए अपने फैसले में कहा कि राष्ट्रपति द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए व्यापक शुल्क कानून की निर्धारित सीमाओं से बाहर थे। यह फैसला मुख्य न्यायाधीश John Roberts ने लिखा।
विश्लेषकों के मुताबिक यह निर्णय ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के आर्थिक एजेंडे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि फैसले के तुरंत बाद ट्रंप प्रशासन ने 10 प्रतिशत के अस्थायी टैरिफ का नया आदेश जारी कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
24 फरवरी से लागू होगा नया आदेश
20 फरवरी को जारी घोषणा में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि 24 फरवरी 2026 से अमेरिका में आयात होने वाले सामान पर 10 प्रतिशत का अस्थायी आयात शुल्क लगाया जाएगा।
गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त में अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क लगाया था। बाद में रूस से कच्चा तेल खरीदने के मुद्दे पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क जोड़ा गया, जिससे कुल शुल्क 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था।
नए आदेश के बाद अब भारतीय वस्तुओं पर प्रभावी पारस्परिक शुल्क घटकर 10 प्रतिशत रह जाएगा, जिससे पहले की तुलना में काफी राहत मिलेगी।
शुल्क का गणित क्या कहता है?
Federation of Indian Export Organisations (फियो) के महानिदेशक अजय सहाय के अनुसार, नए आदेश के बाद भारतीय निर्यातकों पर पारस्परिक शुल्क घटकर 10 प्रतिशत रह जाएगा।
हालांकि यह शुल्क अमेरिका के मौजूदा सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (MFN) आयात शुल्क के अतिरिक्त होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी उत्पाद पर 5 प्रतिशत MFN शुल्क है, तो उस पर कुल 15 प्रतिशत शुल्क लागू होगा।
ट्रेड डील की समीक्षा की मांग
शोध संस्था Global Trade Research Initiative (जीटीआरआई) ने कहा है कि पारस्परिक शुल्क घटकर 10 प्रतिशत रह जाना भारत के लिए राहत की बात है।
जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने सुझाव दिया कि भारत को अमेरिका के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते की समीक्षा करनी चाहिए। उनके मुताबिक अब यह शुल्क अमेरिका को होने वाले भारत के कुल निर्यात के लगभग 55 प्रतिशत हिस्से पर ही लागू होगा, जबकि करीब 40 प्रतिशत वस्तुएं छूट के दायरे में हैं।
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हालांकि इस्पात, एल्युमिनियम और तांबे पर 50 प्रतिशत तथा कुछ वाहन कलपुर्जों पर 25 प्रतिशत का क्षेत्रीय शुल्क अभी भी जारी रहेगा।
ट्रंप का बयान
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौते में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे पहले जारी कार्यकारी आदेश में रूस से तेल खरीद को लेकर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क को हटाया गया था।
ट्रंप का दावा है कि भारत ने मॉस्को से सीधे या परोक्ष रूप से ऊर्जा आयात कम करने और अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।
कुल मिलाकर, 24 फरवरी से लागू होने वाला 10 प्रतिशत अस्थायी टैरिफ भारतीय निर्यातकों के लिए राहत लेकर आया है, हालांकि कुछ सेक्टरों पर ऊंचे शुल्क अब भी प्रभावी रहेंगे।



