Silver Rate Today (5 फरवरी): चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए आज राहत भरी खबर है। बीते कुछ दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा था, जिससे आम ग्राहकों के साथ-साथ निवेशक भी असमंजस में थे। लेकिन आज चांदी के भाव में आई तेज गिरावट ने बाजार को चौंका दिया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण सोना अब भी सुरक्षित निवेश के तौर पर मजबूती बनाए हुए है। वहीं घरेलू बाजार में पिछले सत्र की तेजी के बाद MCX पर चांदी में आई गिरावट से मिडिल क्लास खरीदारों को थोड़ी राहत मिली है।
एक समय चांदी ₹4,20,000 प्रति किलो के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई थी, लेकिन अब इसके भाव में भारी गिरावट देखने को मिली है। मौजूदा समय में चांदी करीब ₹2,58,096 प्रति किलो के आसपास कारोबार कर रही है।
आज सोना-चांदी का हाल
आज चांदी 6 फीसदी के लोअर सर्किट के साथ खुली। अंतरराष्ट्रीय बाजार Comex पर भी चांदी में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जहां इसका भाव 9.73 फीसदी टूटकर 76.045 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
सोने की कीमतों में भी दबाव देखने को मिला है। MCX पर गोल्ड करीब ₹4,000 प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है और फिलहाल इसका भाव ₹1,49,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है।
सराफा बाजार का अपडेट
डॉलर की मजबूती और हालिया तेज रैली के बाद मुनाफावसूली के चलते सोने-चांदी की कीमतों में नरमी देखने को मिल रही है। हालांकि निचले स्तरों पर खरीदारी बढ़ने से गिरावट पर कुछ हद तक रोक भी लगी है।
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सराफा बाजार में 24 कैरेट सोना ₹6,280 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹5,760 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। आज दोनों कैटेगरी में ₹10 प्रति 10 ग्राम की मामूली तेजी दर्ज की गई।
चांदी की बात करें तो लगातार दूसरे दिन इसमें हल्का उतार-चढ़ाव देखा गया। 1 फरवरी के बाद पिछले पांच दिनों में चांदी करीब ₹1.30 लाख प्रति किलो तक सस्ती हुई थी। इसके बाद दो दिनों में इसमें कुल ₹40,100 की तेजी आई। हालांकि आज दिल्ली में चांदी ₹100 प्रति किलो टूटकर ₹3,20,100 प्रति किलो पर आ गई। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में भी चांदी लगभग इसी स्तर पर कारोबार कर रही है।
एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं
कमोडिटी बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया गिरावट रिकॉर्ड ऊंचाई से आई है और इसके पीछे मार्जिन में बढ़ोतरी व मुनाफावसूली अहम वजहें हैं। एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एवं करेंसी रिसर्च) जतिन त्रिवेदी का कहना है कि बाजार में फिलहाल अस्थिरता बनी रह सकती है।
यह भी पढ़े:- ‘हमें कोरियन चाहिए…’ गाजियाबाद में तीन बहनों की आत्महत्या, शादी के डर और मानसिक दबाव की
वहीं कमोडिटी एक्सपर्ट एन.एस. रामास्वामी के मुताबिक, सोने और चांदी में आई यह गिरावट तेज तेजी के बाद एक स्वाभाविक करेक्शन है। डॉलर की मजबूती से बिकवाली जरूर बढ़ी है, लेकिन सोने का लंबी अवधि का बुल ट्रेंड अब भी मजबूत बना हुआ है।
उनका कहना है कि सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीद, भू-राजनीतिक जोखिम और पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन की बढ़ती मांग सोने को सपोर्ट दे रही है। अनुमान है कि 2026 में सेंट्रल बैंक गोल्ड खरीद 800 टन से ज्यादा रह सकती है, जिससे आगे चलकर कीमतें फिर नए रिकॉर्ड बना सकती हैं।



