Ajit Pawar Plane Crash Update: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत वाले विमान हादसे को लेकर सामने आया नया सीसीटीवी फुटेज कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। लैंडिंग की दूसरी कोशिश के दौरान रिकॉर्ड हुए इस वीडियो में विमान का बायां पंख अचानक नीचे झुकता दिखता है, जिसके बाद विमान असंतुलित होकर आग की चपेट में आ जाता है। एविएशन विशेषज्ञों के मुताबिक, यह दृश्य हादसे की तीन संभावित वजहों की ओर इशारा करता है।
एरोडायनामिक स्टॉल की आशंका
वीडियो में विमान का अचानक एक तरफ झुकना असममित एरोडायनामिक स्टॉल का संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम रफ्तार या ज्यादा एंगल पर उड़ान के दौरान पंख हवा से पर्याप्त लिफ्ट नहीं बना पाते। लियरजेट-45 जैसे विमानों में इंजन पीछे की ओर लगे होते हैं और मोड़ लेते समय यदि एक पंख लिफ्ट खो दे, तो विमान पर नियंत्रण बनाए रखना बेहद मुश्किल हो जाता है।
इंजन फेल होना
हादसे से ठीक पहले किसी एक इंजन के बंद होने की संभावना भी जताई जा रही है। एविएशन एक्सपर्ट मार्क मार्टिन के अनुसार, सिंगल इंजन फेल्योर की स्थिति में दूसरा इंजन विमान को एक दिशा में खींच सकता है, जिससे असंतुलन पैदा होता है।
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हालांकि, लैंडिंग की अनुमति मिलने और क्रैश के बीच लगभग एक मिनट के समय में पायलट द्वारा कोई Mayday कॉल दर्ज न होना इस थ्योरी पर सवाल खड़े करता है।
आखिरी क्षणों में लिया गया खतरनाक मोड़
तीसरी संभावना यह है कि खराब दृश्यता और सूरज की तेज रोशनी के कारण पायलट को रनवे देर से नजर आया हो। रनवे के अनुरूप विमान को सीध में लाने के लिए अंतिम क्षणों में लिया गया तीखा मोड़ हादसे की वजह बन सकता है।
बारामती एयरपोर्ट की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
हादसे के बाद बारामती एयरपोर्ट की तकनीकी सुविधाएं भी जांच के दायरे में हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एयरपोर्ट पर PAPI (Precision Approach Path Indicator) और ILS (Instrument Landing System) जैसी जरूरी लैंडिंग सुविधाएं मौजूद नहीं थीं। उस दिन दृश्यता महज 800 से 3000 मीटर के बीच थी, जिसे सुरक्षित लैंडिंग के लिए अपर्याप्त माना जाता है।
ब्लैक बॉक्स से मिला अहम सुराग
ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) के शुरुआती डेटा के मुताबिक, टकराने से कुछ सेकंड पहले कॉकपिट में पायलट की आवाज़ में अचानक घबराहट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि पायलट को किसी गंभीर तकनीकी समस्या का एहसास हुआ था, लेकिन प्रतिक्रिया के लिए समय बेहद कम बचा था।



