न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- शुक्रवार 30 जनवरी को चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिली। मजबूत अमेरिकी डॉलर के दबाव में चांदी करीब 6% टूट गई, हालांकि इसके बावजूद यह धातु जनवरी महीने में अब भी ऐतिहासिक प्रदर्शन की ओर बढ़ रही है।
MCX पर 6% की गिरावट, रिकॉर्ड हाई से 10% नीचे
एमसीएक्स (MCX) पर चांदी की कीमत 6% गिरकर 3,75,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। यह स्तर 29 जनवरी को बने रिकॉर्ड हाई 4,20,048 रुपये प्रति किलो से करीब 44,000 रुपये (लगभग 10%) नीचे है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव
वैश्विक बाजार में स्पॉट सिल्वर की कीमत 0.2% गिरकर 115.83 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। एक दिन पहले गुरुवार को चांदी ने 121.64 डॉलर प्रति औंस का नया रिकॉर्ड बनाया था।
इसके बावजूद, चांदी ने जनवरी में अब तक करीब 62% की बढ़त दर्ज की है, जो इसके इतिहास का सबसे मजबूत मासिक प्रदर्शन माना जा रहा है।
चांदी में गिरावट की मुख्य वजहें
डॉलर इंडेक्स में मजबूती
आज की गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में हल्की तेजी रही। इस सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले के बाद डॉलर को समर्थन मिला।
फेड का रुख और महंगाई चिंता
फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने संकेत दिया कि दिसंबर में महंगाई दर अभी भी 2% के लक्ष्य से ऊपर रह सकती है। इससे निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा।
अमेरिकी रोजगार आंकड़े
ताजा आंकड़ों में अमेरिकी बेरोजगारी दावों में गिरावट देखी गई है, जो यह दर्शाती है कि नौकरी बाजार फिलहाल मजबूत बना हुआ है। इससे भी डॉलर को सहारा मिला।
भू-राजनीतिक तनाव बरकरार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ संभावित कदमों पर विचार की खबरों से भू-राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है, जिसने बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा दिया।
सोने और अन्य कीमती धातुओं का हाल
- स्पॉट गोल्ड: 0.9% गिरकर 5,346.42 डॉलर प्रति औंस
(एक दिन पहले 5,594.82 डॉलर का रिकॉर्ड स्तर) - जनवरी में सोने की तेजी: 24% से ज्यादा, 1980 के बाद सबसे बड़ी मासिक बढ़त
- स्पॉट प्लैटिनम: 0.9% गिरकर 2,606.15 डॉलर
- पैलेडियम: 0.5% की तेजी के साथ 2,016.69 डॉलर
आगे का आउटलुक: क्या फिर चढ़ेंगी कीमतें?
विशेषज्ञों के मुताबिक, आर्थिक विकास, व्यापार नीतियों और राजकोषीय स्थिरता को लेकर अनिश्चितता अमेरिकी डॉलर पर दबाव बनाए रख सकती है। इससे आगे चलकर कीमती धातुओं को समर्थन मिलने की संभावना है।
वीटी मार्केट्स के ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड रॉस मैक्सवेल का कहना है कि मौजूदा माहौल सेफ-हेवन एसेट्स के लिए सकारात्मक बना हुआ है।
यह भी पढ़े:- 14 साल बाद कराची पहुंचा बांग्लादेशी विमान, भारत रखे हुए है पूरी नजर; सरकार ने
उनके अनुसार,“शेयर बाजार में तेजी संभव है, लेकिन अलग-अलग एसेट क्लास में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। कमजोर या सीमित दायरे में रहने वाला डॉलर सोने और चांदी के लिए फायदेमंद होता है।”
विशेषज्ञ मानते हैं कि बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोना और चांदी निवेशकों की पसंद बने रह सकते हैं, भले ही अल्पकाल में उतार-चढ़ाव जारी रहे।



