न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक नए अंतरराष्ट्रीय मंच ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) के पहले चार्टर का औपचारिक ऐलान किया। संयुक्त राष्ट्र की तर्ज पर बनाए गए इस बोर्ड का शुरुआती उद्देश्य गाजा संकट को सुलझाना बताया गया है, हालांकि भविष्य में इसका दायरा दुनिया भर के विवादों तक बढ़ाया जा सकता है।
ट्रंप ने बताया कि इस बोर्ड में पाकिस्तान समेत कई देशों ने सदस्यता के लिए सहमति जता दी है। लॉन्च के मौके पर उन्होंने साफ कहा कि गाजा सीजफायर समझौते के तहत हमास को हथियार छोड़ने होंगे, अन्यथा यह फिलिस्तीनी आंदोलन के अंत की ओर बढ़ सकता है।
सदस्यों को देना होगा 1 बिलियन डॉलर का योगदान
बोर्ड ऑफ पीस को लेकर ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि इसके स्थायी सदस्यों को प्रत्येक को 1 बिलियन डॉलर का फंड योगदान देना होगा। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका के पारंपरिक पश्चिमी सहयोगी और अन्य बड़ी वैश्विक शक्तियां फिलहाल इस संगठन में शामिल होने को लेकर हिचकिचाहट दिखा रही हैं।
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गौरतलब है कि अमेरिका के अलावा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अन्य स्थायी सदस्य देश—जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और कानून में अहम भूमिका निभाते रहे हैं—अब तक इस बोर्ड में शामिल होने के लिए आगे नहीं आए हैं।
दावोस में हुआ चार्टर पर हस्ताक्षर
बोर्ड ऑफ पीस के गठन की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से पूरा करने के लिए कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने मंच पर चार्टर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।
इसके बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने कहा कि हस्ताक्षर के साथ ही बोर्ड ऑफ पीस का चार्टर प्रभावी हो गया है और यह अब एक अंतरराष्ट्रीय संगठन के रूप में अस्तित्व में आ चुका है।
यह हस्ताक्षर समारोह स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित किया गया, जहां इस समय वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) चल रहा है। इस मंच पर दुनिया भर के राजनीतिक और कारोबारी नेता एकत्र होते हैं।



