न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- संभल (उत्तर प्रदेश) में सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड की गुन्नौर शाखा के नामांकन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी संग्राम का रूप ले चुका है। मंगलवार को सपा और भाजपा समर्थकों के बीच हुई झड़प के विरोध में बुधवार को सपा विधायक रामखिलाड़ी यादव अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ बबराला स्थित आवास पर धरने पर बैठ गए।
विधायक रामखिलाड़ी ने आरोप लगाया कि प्रशासन की मिलीभगत से भाजपा समर्थक लोकतंत्र का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने अपने पुत्र अखिलेश यादव के साथ मारपीट का भी आरोप लगाया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
धरने के दौरान विधायक ने साफ कहा कि उनके खेमे के प्रत्याशी योगेंद्र और ममता के नामांकन में किसी भी तरह की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारी विधायक को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन उन्होंने धरना जारी रखने का निर्णय लिया।
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सपा जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी ने कहा कि भाजपा समर्थकों का यह कृत्य निंदनीय है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यही रवैया रहा, तो आगामी पंचायत चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराना मुश्किल हो जाएगा। विधायक के साथ कई सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी धरने में शामिल रहे, जिनमें युवा नेता अखिलेश यादव, अमित यादव, पप्पू यादव और गुन्नौर के पूर्व चेयरमैन मुजफ्फर अली उर्फ कक्के शामिल थे।
भारी सुरक्षा व्यवस्था और पाबंदी
सहकारी बैंक के नामांकन के दौरान मंगलवार को हुए विवाद के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूर्व मंत्री अजीत कुमार उर्फ राजू यादव और सपा विधायक के पुत्र अखिलेश यादव समेत कुल 25 लोगों को भारी मुचलके पर पाबंद किया गया।



