नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- इस बार 26 जनवरी के गणतंत्र दिवस समारोह और बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम के दौरान राजधानी में ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह हाईटेक बनाया गया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक का इस्तेमाल करते हुए लोगों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू की हैं।
पहली बार AI आधारित वीडियो की मदद
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस वर्ष AI तकनीक से तैयार किए गए एनिमेटेड वीडियो जारी किए हैं, जिनमें समारोह में शामिल होने वाले मेहमानों के लिए प्रवेश मार्ग, वाहन से उतरने के स्थान और पार्किंग की पूरी जानकारी दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इन वीडियो का उद्देश्य लोगों को पहले से ही व्यवस्था से अवगत कराना है, ताकि मौके पर किसी तरह की परेशानी न हो।
QR कोड और वेबसाइट से मिलेगी जानकारी
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ये वीडियो रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा, आमंत्रित मेहमान अपने पार्किंग पास पर दिए गए QR कोड को स्कैन कर भी इन्हें देख सकते हैं। वीडियो में कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया गया है।
22 जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था
ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि इस साल पार्किंग के लिए कुल 22 स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां लगभग 8,000 वाहनों को खड़ा किया जा सकेगा। हर साल गणतंत्र दिवस पर करीब 77,000 पास जारी किए जाते हैं, जिनमें से लगभग 8,000 पास निजी वाहनों से आने वाले लोगों के लिए होते हैं।
सुरक्षाकर्मियों के लिए शटल सेवा
इस बार ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की सुविधा के लिए शटल बस सेवा भी शुरू की गई है। यह सेवा खान मार्केट, अमृता शेरगिल मार्ग, पटेल चौक मेट्रो स्टेशन और एचसी माथुर लेन से संचालित होगी। बसें हर 10 मिनट में उपलब्ध रहेंगी, जिससे कर्मियों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में आसानी होगी।
गूगल मैप्स से मिलेगी सही दिशा
आमंत्रित अतिथि और टिकट धारक अपने निर्धारित पार्किंग स्थल तक पहुंचने के लिए गूगल मैप्स या मैप प्लस जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकते हैं। इन प्लेटफॉर्म पर कर्तव्य पथ तक जाने के सटीक रास्तों और पार्किंग की जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
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बढ़ाई गई सहायता केंद्रों की संख्या
डिजिटल सुविधाओं के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी सहायता बढ़ाई गई है। इस साल 12 सहायता केंद्र बनाए गए हैं, जबकि पहले यह संख्या केवल दो थी। इन केंद्रों पर तैनात कर्मचारी लोगों को पार्किंग, पैदल मार्ग और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी देंगे।
समारोह के बाद कार-कॉलिंग सिस्टम
भीड़ को नियंत्रित करने और मेहमानों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए इस बार ‘कार-कॉलिंग सिस्टम’ लागू किया गया है। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मेहमान अधिकारी को अपने वाहन की जानकारी देंगे, जिसके बाद पार्किंग क्षेत्र में लगे लाउडस्पीकर से वाहन नंबर या चालक का नाम पुकारा जाएगा।
स्पेशल कंट्रोल रूम रहेगा सक्रिय
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, 26 जनवरी को एक विशेष कंट्रोल रूम भी काम करेगा, जिसमें पुलिस, दमकल विभाग और अन्य आपात सेवाओं के अधिकारी मौजूद रहेंगे। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे निर्देशों का पालन करें और आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन और डिजिटल मैपिंग सेवाओं का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें।



