न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़ल:- लखनऊ में सोमवार को आयोजित एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तकनीक आज पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की सबसे मजबूत नींव बन चुकी है। उन्होंने आगामी ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ को लेकर देशभर में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि किस तरह डिजिटल तकनीक और एआई के इस्तेमाल से उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण किया गया और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचा।
तकनीक से टूटी राशन माफिया की कमर, 30 लाख फर्जी कार्ड हुए बाहर
सीएम योगी ने सरकार के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में राशन न मिलने की शिकायत सबसे आम थी। उन्होंने बताया कि हर जिले और गांव में राशन वितरण प्रणाली में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां थीं। सरकार ने तकनीक का सहारा लेते हुए करीब 80 हजार राशन दुकानों की जांच कराई, जिसमें लगभग 30 लाख फर्जी राशन कार्ड सामने आए।
उन्होंने कहा कि ई-पॉश (e-PoS) मशीनों के लागू होने के बाद राशन वितरण में पारदर्शिता आई और आज राशन चोरी लगभग समाप्त हो चुकी है। यह बदलाव पूरी तरह से डिजिटल निगरानी और तकनीकी सुधारों का परिणाम है।
डीबीटी से खत्म हुआ बिचौलियों का दखल
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में भी भ्रष्टाचार व्याप्त था। निराश्रित महिलाओं को मिलने वाली 300 रुपये की पेंशन में भी कटौती की जाती थी। आज डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और जनधन खातों के माध्यम से 1.06 करोड़ विधवाओं और निराश्रित महिलाओं को पूरी राशि सीधे उनके खातों में मिल रही है।
उन्होंने कहा कि तकनीक ने न सिर्फ प्रक्रिया को सरल बनाया है, बल्कि शासन के प्रति जनता का भरोसा भी मजबूत किया है।
स्वास्थ्य सेवाओं में एआई और डिजिटल तकनीक का विस्तार
स्वास्थ्य क्षेत्र पर बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की मांग भी बढ़ेगी, लेकिन एआई के जरिए इन चुनौतियों का समाधान संभव है। उन्होंने बताया कि सरकार हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
कोविड-19 महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के सभी जिलों में ऑक्सीजन प्लांट, आईसीयू बेड और क्रिटिकल केयर सुविधाएं विकसित की गईं। बेहतर तकनीकी निगरानी और सर्विलांस सिस्टम के कारण 38 जिलों में फैल चुकी इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी पर भी नियंत्रण पाया गया।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर अब राष्ट्रीय औसत से नीचे आ चुकी है और तकनीक के उपयोग से इन्हें और कम करने का लक्ष्य रखा गया है।
एआई आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था की ओर यूपी
सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं। प्रदेश के जिलों में डॉक्टरों को वर्चुअल आईसीयू और क्रिटिकल केयर सेवाओं के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। आज हर जिले में डायलिसिस, कलर डॉपलर और आईसीयू जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई के जरिए इन सेवाओं को और अधिक सटीक, प्रभावी और आमजन के लिए सुलभ बनाया जाएगा।



